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नीट पेपर लीक: पटना में छात्रों का राजभवन मार्च हुआ हिंसक, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोलेबिहार
22 जुल॰ 2026, 3:41 pm (28 दिन पहले)· 0

नीट पेपर लीक: पटना में छात्रों का राजभवन मार्च हुआ हिंसक, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

नीट पेपर लीक विवाद को लेकर पटना में छात्रों का राजभवन मार्च उग्र हो गया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। दूसरी ओर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है।

नीट परीक्षा के पेपर लीक विवाद की आंच अब बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर उग्र रूप ले चुकी है। बुधवार को आक्रोशित छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राजभवन की ओर एक बड़ा मार्च निकाला। शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ यह प्रदर्शन जल्द ही हिंसक टकराव में बदल गया। जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पहले से ही मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब छात्रों की भारी भीड़ वहां पहुंची, तो सुरक्षा बलों और उनके बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। प्रशासन ने शुरुआत में छात्रों को समझाकर वापस भेजने का प्रयास किया, लेकिन जब भीड़ बेकाबू होने लगी, तो हालात तेजी से बिगड़ने लगे।

प्रदर्शनकारी छात्रों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया और उन पर आंसू गैस के गोले दागे। स्थिति को नियंत्रण में लाने और उग्र भीड़ को पीछे धकेलने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल करना पड़ा। इन सख्त कदमों के बावजूद छात्रों का हौसला नहीं टूटा और बड़ी संख्या में युवा डाक बंगला चौराहे पर डटे रहे। उन्होंने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा, जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया और पटना के कई हिस्सों में भारी तनाव का माहौल देखा गया।

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पत्रकारों पर हमला और पुलिस अधिकारी घायल

जैसे-जैसे दिन चढ़ा, इस विरोध प्रदर्शन का दायरा और बढ़ गया और स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। गांधी मैदान के पास जब छात्रों का एक बड़ा जत्था पहुंचा, तो वहां हालात पूरी तरह से बेकाबू हो गए। इस अफरातफरी के बीच कुछ उग्र प्रदर्शनकारियों ने न्यूज चैनलों के रिपोर्टरों और कैमरामैन को अपना निशाना बनाया और उनके साथ मारपीट की। इस हिंसक झड़प के दौरान पुलिस को भी नुकसान उठाना पड़ा। पीरबहोर पुलिस स्टेशन के एसएचओ गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सिर में चोटें आई हैं और इलाके में काफी अशांति बनी हुई है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी गूंज रही इस्तीफे की मांग

पटना में जहां छात्र सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, वहीं देश की राजधानी दिल्ली में भी नीट मामले को लेकर उबाल जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले जंतर-मंतर पर छात्र लगातार धरना दे रहे हैं। इस आंदोलन को पूरे देश में हो रहे छात्र प्रदर्शनों की एक प्रमुख कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बुधवार को मंच से संबोधित करते हुए बताया कि सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया है और उनका संगठन इसके लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे चर्चा जंतर-मंतर पर हो या किसी अन्य तटस्थ स्थान पर, इस बार बातचीत का समय व्यर्थ नहीं जाएगा और छात्र ठोस नतीजे की उम्मीद कर रहे हैं।

सरकार को बड़े आंदोलन की सीधी चेतावनी

सीजेपी प्रवक्ता ने जंतर-मंतर पर मौजूद युवाओं से अपील की कि वे अपने आंदोलन को पूरी तरह अनुशासित रखें। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि प्रदर्शन के दौरान केवल 'भारत माता की जय', 'इंकलाब जिंदाबाद', 'जय भीम' और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' के नारे ही लगाए जाएं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि कुछ असामाजिक तत्व आंदोलन की दिशा भटकाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनका संगठन किसी भी नकारात्मक नारे को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। रांका ने केंद्र सरकार को सीधा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर छात्रों की न्यायपूर्ण मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो पूरे देश का युवा वर्ग एकजुट होकर कड़ा जवाब देगा। उन्होंने 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन को महज एक ट्रेलर करार दिया और चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं निकला, तो इस बार लाखों की संख्या में लोग दिल्ली की ओर कूच करेंगे।

अपने संबोधन के अंत में रांका ने इस धरने को आजाद भारत के इतिहास का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले 31 दिनों से युवा वर्ग महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के दिखाए शांतिपूर्ण मार्ग पर चलते हुए धरने पर बैठा है। 20 जुलाई की घटना पर उठ रहे सवालों और हिंसा के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण था। उन्होंने दावा किया कि पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने के बाद ही मौके पर भगदड़ मची और छात्रों पर हुई कार्रवाई के कारण ही सारे हालात बिगड़े।

सवाल-जवाब

पटना में छात्र विरोध प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
छात्र नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए पटना में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
पटना में पुलिस और छात्रों के बीच क्या हुआ?
राजभवन की ओर मार्च कर रहे छात्रों को पुलिस ने जेपी गोलंबर पर रोक दिया, जिसके बाद झड़प शुरू हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का नेतृत्व कौन कर रहा है?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में छात्र पिछले 31 दिनों से धरना दे रहे हैं।
सीजेपी के प्रवक्ता ने सरकार को क्या चेतावनी दी है?
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो लाखों युवा दिल्ली पहुंचेंगे और आंदोलन को और बड़ा रूप देंगे।
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