बिहार की राजधानी पटना से सटे मसौढ़ी इलाके के कैलू बीघा में बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक 35 वर्षीय महिला शिक्षिका की उनके ही घर के बेडरूम में निर्मम हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान पोठही मध्य विद्यालय में कार्यरत लक्ष्मी देवी के रूप में हुई है। बेडरूम के भीतर उनका शव खून से लथपथ हालत में मिलने के बाद पूरे पड़ोस में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया और मामले का पर्दाफाश करने के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआइटी) का गठन कर दिया गया है।
स्कूल न पहुंचने और फोन न उठने पर गहराया शक
वारदात का खुलासा उस समय हुआ जब बुधवार को लक्ष्मी देवी अपने तय समय पर पोठही मध्य विद्यालय नहीं पहुंचीं। विद्यालय की प्राचार्या ने जब देखा कि समय बीतने के बाद भी शिक्षिका अनुपस्थित हैं, तो उन्होंने उनके मोबाइल फोन पर कॉल की। बार-बार फोन मिलाने के बावजूद दूसरी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली और कॉल रिसीव नहीं हुआ। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए प्राचार्या ने तुरंत लक्ष्मी देवी के परिवार के सदस्यों को फोन करके इस बात की जानकारी दी।
प्राचार्या की सूचना मिलते ही परिजन आनन-फानन में कैलू बीघा स्थित मकान पर पहुंचे। जब परिजनों ने घर के अंदर जाकर देखा तो बेडरूम का दृश्य खौफनाक था। लक्ष्मी देवी बेडरूम में खून से लथपथ पड़ी हुई थीं। परिजनों ने तुरंत इस खौफनाक मंजर की सूचना स्थानीय मसौढ़ी थाना पुलिस को दी, जिसके बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
धारदार हथियार से हमले की आशंका, पुलिस जांच तेज
घटना की जानकारी मिलते ही मसौढ़ी के एसडीपीओ राघव दयाल पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और वहां मौजूद साक्ष्यों को इकट्ठा किया। इसके पश्चात शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्यवाही के लिए अस्पताल भेज दिया गया। शुरुआती जांच और मौके के हालात को देखते हुए पुलिस का मानना है कि हत्या को अंजाम देने के लिए किसी तेज धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया है।
एसडीपीओ राघव दयाल के अनुसार, प्राथमिक पड़ताल में महिला पर धारदार हथियार से हमला किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, हत्या के पीछे की मुख्य वजह या मंशा अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस की टीम आसपास के क्षेत्रों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी हुई है। इसके माध्यम से वारदात के समय आसपास के रास्तों से गुजरने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
एसआइटी का गठन और परिजनों की पृष्ठभूमि
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने एसआइटी का गठन किया है जो तकनीकी साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड्स और फॉरेंसिक इनपुट की मदद से मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मृतक शिक्षिका के परिवार की बात करें तो उनके पति ज्ञानचंद चौधरी गया जिले के टेकारी में पथ निर्माण विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका पुत्र गौरव कुमार राजस्थान के कोटा शहर में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है, जबकि पुत्री शिखा कुमारी पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एमबीए की पढ़ाई में जुटी है। शिक्षिका घर में अकेली थीं अथवा नहीं, और हमलावर किस रास्ते से दाखिल हुए, पुलिस इन सभी पहलुओं की गहराई से छानबीन कर रही है।



















