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राजद की कमान संभालने की अटकलों को रोहिणी आचार्य ने किया खारिज, बोलीं पिता की देखरेख ही पहली प्राथमिकताबिहार
6 अक्तू॰ 2026, 6:06 pm (1 घंटे पहले)· 0

राजद की कमान संभालने की अटकलों को रोहिणी आचार्य ने किया खारिज, बोलीं पिता की देखरेख ही पहली प्राथमिकता

लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने राजद का नेतृत्व करने की सभी अटकलों को नकारते हुए साफ किया है कि उनकी पटना वापसी केवल अपने पिता की सेहत और सेवा के लिए हुई है।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने पार्टी की कमान संभालने को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। पटना पहुंचने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी राजनीतिक पद की होड़ में शामिल होना नहीं है, बल्कि वह केवल अपने अस्वस्थ पिता की सेवा और देखरेख करने के लिए आई हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि इंटरनेट पर चल रही बातों में कोई सच्चाई नहीं है और वह सुबह की सैर से लेकर रात के खाने तक अपने पिता के साथ ही पूरा समय बिता रही हैं।

नेतृत्व संभालने की चर्चाओं को पूरी तरह नकारा

सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं कि रोहिणी आचार्य राजद में बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। इन चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि लोग कहने के लिए कुछ भी कह सकते हैं, लेकिन असलियत में ऐसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि वह जो कुछ भी अपने सार्वजनिक बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स में लिखती रही हैं, आज भी उसी बात पर पूरी तरह कायम हैं। उनके अनुसार दिन के पूरे चौबीस घंटे केवल उनके पिता को समर्पित हैं और सुबह से शाम तक उनकी दिनचर्या पिता के आसपास ही सिमटी हुई है।

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सक्रिय राजनीति में कदम रखने पर दिया सधा हुआ जवाब

भविष्य में सक्रिय राजनीति में आने के सवाल पर रोहिणी आचार्य ने बेहद नपा-तुला रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उनके सामने अभी बहुत लंबी जिंदगी है और इस समय उनके लिए अपने माता-पिता के आशीर्वाद और उनकी सेवा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि आगे क्या होगा यह कोई नहीं बता सकता, लेकिन वर्तमान में उनका पूरा ध्यान केवल परिवार और माता-पिता के स्वास्थ्य पर ही केंद्रित है।

सामाजिक सरोकार और दिल्ली में जारी प्रदर्शन को समर्थन

सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता का बचाव करते हुए रोहिणी आचार्य ने कहा कि देश और परिवार की चिंता करना किसी भी नागरिक के लिए स्वाभाविक बात है। उन्होंने कहा कि कोई भी भारतीय कहीं भी रहे, वह हमेशा अपने राज्य के विकास की कामना करता है। राजनीतिक विषयों पर विस्तार से बात करने के लिए सही वक्त का इंतजार करने की बात कहते हुए उन्होंने यह भी जोड़ा कि दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन को उनका पूरा समर्थन हासिल है। गौरतलब है कि इससे पहले जब राजद ने छह उम्मीदवारों की सूची जारी की थी, तब भी रोहिणी आचार्य ने कड़ा ऐतराज जताते हुए गंभीर आरोप लगाए थे, जिसकी व्यापक चर्चा हुई थी। इसके बाद जब वह पटना हवाई अड्डे पर पहुंचीं, तब लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती उन्हें लेने पहुंचे थे।

सवाल-जवाब

क्या रोहिणी आचार्य राजद की कमान संभालने जा रही हैं?
नहीं, उन्होंने स्पष्ट किया है कि पार्टी की कमान संभालने की चर्चाएं पूरी तरह निराधार हैं।
रोहिणी आचार्य के पटना आने का मुख्य कारण क्या है?
उन्होंने बताया कि वह अपने पिता लालू प्रसाद यादव की सेहत और उनकी देखभाल करने के लिए पटना आई हैं।
क्या रोहिणी आचार्य भविष्य में राजनीति में शामिल होंगी?
उन्होंने कहा कि उनके पास अभी बहुत लंबी उम्र है और आगे क्या होगा यह समय तय करेगा, फिलहाल उनका ध्यान केवल माता-पिता की सेवा पर है।
रोहिणी आचार्य ने दिल्ली के प्रदर्शन को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन को उनका शत-प्रतिशत समर्थन हासिल है।
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टिप्पणियाँ 3

Rohan Verma@rohan-verma·27 मिनट पहले

पापा की तबीयत खराब होने पर जब मैं महीनों घर रहा था, तो समझ सकता हूँ कि रोहिणी जी के लिए इस वक्त राजनीति से ज्यादा पिता की सेवा क्यों अहम है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·27 मिनट पहले

रोहन जी, बात आपकी ठीक है, पर राजनीति में सिर्फ सेवा से काम नहीं चलता। सोशल मीडिया पर जो तेवर उन्होंने दिखाए थे, उसे देखकर लगता है कि इरादे कुछ और ही हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·48 मिनट पहले

राजनीति अपनी जगह है, पर पिता की सेहत इस वक्त सबसे ऊपर रखना ही असली फर्ज है।

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