बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक मुर्गी दाना कारोबारी के अचानक गायब होने और फिरौती मांगे जाने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मिठनपुरा थाना क्षेत्र से अगवा किए गए व्यवसायी चंदन कुमार को पुलिस टीम ने बेहद तत्परता दिखाते हुए महज 8 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। इस अंतरराज्यीय कार्रवाई में बिहार पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित एक सुनसान जगह पर छापेमारी कर चार शातिर अपहरणकर्ताओं को दबोच लिया।
अपहरण की साजिश और 10 लाख की फिरौती
यह वारदात 19 अगस्त की है, जब मिठनपुरा थाना क्षेत्र की रहने वाली श्वेता कुमारी ने स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपने पति चंदन कुमार के अचानक लापता होने की सूचना दी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को बताया कि अज्ञात अपराधियों ने उनके पति का अपहरण कर लिया है और उनकी रिहाई के एवज में 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग कर रहे हैं। बदमाशों ने कारोबारी को अगवा करने के बाद उन्हें सीमा पार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पहुंचा दिया था, जहां एक बेहद पुराने और खंडहरनुमा मकान में उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था।
अपराध की गंभीरता तब और बढ़ गई जब बदमाशों ने व्यवसायी के परिजनों को डराने के लिए सीधे वीडियो कॉल किया। इस वीडियो कॉल के दौरान बदमाशों ने परिजनों के सामने ही चंदन कुमार की बेरहमी से पिटाई की और धमकी दी कि अगर 10 लाख रुपये की रंगदारी तुरंत नहीं दी गई तो वे कारोबारी की हत्या कर देंगे। हालांकि, परिजनों ने समझदारी दिखाते हुए दूसरे मोबाइल फोन की मदद से इस पूरी वीडियो कॉल और पिटाई के दृश्यों को रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में जांच में अहम साक्ष्य बना।
तकनीकी सर्विलांस से मिली उत्तर प्रदेश में लोकेशन
मामले की नजाकत को देखते हुए मिठनपुरा थाने में तुरंत कांड संख्या 233/26 दर्ज किया गया। वारदात की सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए और मामले के जल्द से जल्द खुलासे के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए तकनीकी सर्विलांस और मानवीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया।
तकनीकी विश्लेषण के दौरान पुलिस को अपहृत कारोबारी और बदमाशों की लोकेशन उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के अंतर्गत आने वाले हल्दी थाना क्षेत्र में मिली। लोकेशन मिलते ही मुजफ्फरपुर पुलिस ने बिना देर किए उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क साधा और एक संयुक्त ऑपरेशन की रणनीति तैयार की।
बलिया के खंडहर से व्यापारी की सकुशल बरामदगी
मुजफ्फरपुर पुलिस और यूपी पुलिस की संयुक्त टीम ने बलिया के हल्दी थाना क्षेत्र में बताए गए सुनसान ठिकाने पर अचानक घेराबंदी कर दी। पुलिस बल ने खंडहरनुमा मकान को चारों तरफ से घेरकर छापेमारी की और महज 8 घंटे के भीतर चंदन कुमार को बदमाशों के चंगुल से बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस त्वरित और सटीक छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से ही घटना में शामिल चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही पुलिस टीम ने अपराध के स्थान से एक चार पहिया वाहन और बदमाशों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
चार आरोपियों की गिरफ्तारी और गिरोह की जांच
मामले की जानकारी देते हुए सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि कारोबारी की पत्नी श्वेता देवी की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सारण जिले के निवासी सूरज कुमार उर्फ सूरज भान सिंह, कानपुर निवासी रौशन कुमार, कानपुर के ही गौरव सिंह और समस्तीपुर निवासी अभिषेक कुमार के रूप में हुई है।
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान सभी चारों आरोपियों ने 10 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के मकसद से व्यापारी के अपहरण की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के बाकी संपर्कों और इस साजिश में शामिल अन्य संभावित मददगारों का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है, और पूरी पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















