बिहार की रोहतास सिविल कोर्ट ने अपनी गर्भवती मंगेतर की जघन्य हत्या के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी सोनू कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 30 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। शादी की तारीख तय होने के बावजूद आरोपी अपनी मंगेतर को कुंभ स्नान कराने का झांसा देकर घर से ले गया था और रास्ते में रोहतास के पहाड़ी इलाके में उसकी बेरहमी से हत्या कर शव सरसों के खेत में छिपा दिया था। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और 12 गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी करार देते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।
प्रेग्नेंट होने पर तय हुई थी शादी, कुंभ के नाम पर निकला था आरोपी
यह पूरा मामला फरवरी 2025 से शुरू हुआ था। झारखंड राज्य के गुमला जिले अंतर्गत आने वाले घाघरा थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाला सोनू कुमार पेशे से डिलीवरी बॉय था। उसी के गांव की रहने वाली एक युवती के साथ उसका काफी समय से प्रेम संबंध चल रहा था। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब इस बात की जानकारी दोनों परिवारों को हुई, तो आपसी सहमति से उनका विवाह कराने का निर्णय लिया गया। जुलाई 2025 में दोनों की शादी की तिथि प्रस्तावित की गई थी। हालांकि, शादी से ठीक पहले आरोपी सोनू कुमार ने खौफनाक साजिश रची। वह अपनी मंगेतर को प्रयागराज में कुंभ स्नान कराने की बात कहकर मोटरसाइकिल पर बैठाकर गुमला से निकला था।
सासाराम में वारदात को दिया अंजाम, नदी में फेंके हथियार और कपड़े
प्रयागराज की यात्रा के दौरान आरोपी मंगेतर को सासाराम इलाके में ले गया। पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, सोनू कुमार युवती को रोहतास जिले के धौदाढ़ थाना क्षेत्र स्थित एक सुनसान पहाड़ी इलाके में ले गया। वहां उसने धारदार हथियार से उस पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को पास के ही एक सरसों के खेत में फेंक दिया और मौके से फरार हो गया। अपराध को छिपाने के लिए आरोपी ने वारदात में इस्तेमाल हथियार और मृतका के खून से सने कपड़े पड़ोसी कैमूर जिले के कुदरा क्षेत्र में स्थित एक नदी में बहा दिए।
5 दिन बाद मिला था शव, 12 गवाहों की गवाही से साबित हुआ जुर्म
युवती के अचानक गायब होने के करीब 5 दिन बाद धौदाढ़ थाना क्षेत्र के सरसों के खेत से उसका शव बरामद किया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाना शुरू किया और सोनू कुमार के खिलाफ सभी कड़ियों को जोड़ते हुए अदालत में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए। परिस्थितियों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर यह साबित हो गया कि सोनू कुमार ही हत्या का मुख्य अपराधी है। रोहतास सिविल कोर्ट ने सभी गवाहों और सबूतों का बारीकी से मूल्यांकन करने के बाद सोनू कुमार को दोषी ठहराया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाकर जेल भेज दिया।



















