बिहार के पूर्णिया शहर में ऑटो और टोटो चालकों की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने तथा स्थानीय यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन ने पूर्णिया जिला ऑटो टोटो संघ के साथ मिलकर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। इसके अंतर्गत शहर की सड़कों पर चलने वाले सभी ऑटो और टोटो वाहनों के लिए कलर कोडिंग प्रणाली अनिवार्य कर दी गई है। नए नियमों के प्रभावी होने के बाद अब प्रत्येक वाहन केवल अपने आवंटित रंग और तय किए गए रूट पर ही यात्रियों को सेवाएं दे सकेगा।
अपराध नियंत्रण और यात्री सुरक्षा के लिए नई पहल
पूर्णिया में पिछले कई महीनों के दौरान टोटो और ऑटो चालकों द्वारा यात्रियों के साथ अनुचित व्यवहार करने तथा विभिन्न आपराधिक घटनाओं की शिकायतें लगातार दर्ज की जा रही थीं। इन घटनाओं के कारण स्थानीय नागरिकों और यात्रियों के बीच असुरक्षा का माहौल बनने लगा था। सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा की इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए जिला प्रशासन तथा पूर्णिया जिला ऑटो टोटो संघ ने एक संयुक्त रणनीति तैयार की। इस साझा प्रयास का मुख्य ध्येय चालकों की मनमानी पर पूरी तरह रोक लगाना और सफर करने वाले प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित माहौल प्रदान करना है।
इंदिरा गांधी स्टेडियम में 15 दिनों से जारी है पंजीकरण प्रक्रिया
नई व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए व्यापक स्तर पर प्रशासनिक कार्य चलाया जा रहा है। पिछले 15 दिनों से पूर्णिया शहर स्थित इंदिरा गांधी स्टेडियम में शिविर लगाकर सभी ऑटो और टोटो वाहनों पर रंग और विशिष्ट नंबर अंकित किए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद वाहनों की पहचान करना अत्यंत सरल हो जाएगा। जो वाहन जिस रंग और नंबर कोड से चिह्नित किया जाएगा, उसका संचालन केवल उसी निर्धारित क्षेत्र और सड़क मार्ग तक सीमित रहेगा। इससे अनधिकृत रूप से किसी अन्य मार्ग पर वाहन ले जाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
चार रंगों में बंटेगी शहर की यातायात व्यवस्था
इस पूरी प्रणाली में टोटो वाहनों के लिए चार प्रमुख रंगों का चयन किया गया है, जिनमें हरा, पीला, लाल और नीला रंग शामिल हैं। वाहनों पर इन रंगों की कोडिंग के साथ ही विशिष्ट नंबर भी दर्ज किए जा रहे हैं। पूर्णिया जिला ऑटो टोटो संघ के अध्यक्ष जहांगीर आलम उर्फ लड्डू ने इस संबंध में बताया कि चालकों की मनमानी और दुर्व्यवहार के मामलों को समाप्त करने के उद्देश्य से ही यह कदम उठाया गया है। उदाहरण के तौर पर, पूर्णिया नगर निगम के शहरी क्षेत्र में परिचालन करने वाले चालकों को लाल रंग की कोडिंग और संबंधित नंबर दिया गया है।
चालकों ने जताई सहमति और संतोष
प्रशासन की इस पहल का स्थानीय चालकों ने भी स्वागत किया है। इंदिरा गांधी स्टेडियम में अपने वाहनों की कलर कोडिंग कराने पहुंचे चालक रमेश कुमार, सुनील कुमार, पंकज कुमार, अंकित कुमार और दिनेश कुमार ने इस व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। चालकों का कहना है कि पूर्णिया में पहली बार ऐसी कोई सुव्यवस्थित योजना लागू की जा रही है। एक चालक ने कहा, "इस व्यवस्था से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और यात्री निर्भीक होकर आसानी से सफर कर सकेंगे।" चालकों का मानना है कि इससे न केवल यात्रियों का विश्वास बहाल होगा बल्कि नियमानुकूल काम करने वाले चालकों को भी सहूलियत होगी।



















