बिहार के भागलपुर जिले स्थित नवगछिया के खरीक थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। अवैध संबंध के विरोध और आपसी रंजिश के कारण रची गई इस साजिश के तहत पति का पहले अपहरण किया गया, फिर चलती गाड़ी में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को नदी में बहा दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पत्नी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
हैदराबाद से भागलपुर तक रची गई साजिश
पुलिस जांच के अनुसार, मृतक उमेश शर्मा की पत्नी अनिता देवी का पंकज शर्मा नाम के व्यक्ति के साथ पिछले करीब पांच वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था। उमेश शर्मा को जब अपनी पत्नी के इस कथित रिश्ते की जानकारी हुई, तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। दोनों के बीच इस बात को लेकर आए दिन विवाद होता रहता था। इसी विरोध को देखते हुए अनिता देवी और पंकज शर्मा ने उमेश को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रची। इस योजना को अंजाम देने के लिए मुख्य आरोपी पंकज शर्मा 5 अगस्त को तेलंगाना के हैदराबाद से हवाई जहाज द्वारा बिहार के पूर्णिया एयरपोर्ट पहुंचा।
काम का झांसा देकर अपहरण और चलती गाड़ी में हत्या
पूर्णिया एयरपोर्ट पर उतरने के बाद पंकज शर्मा को उसके दो स्थानीय सहयोगियों मोहम्मद सोहेल और मोहम्मद इरफान ने एक स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाया। इसके बाद तीनों आरोपी सीधे नवगछिया पहुंचे। वहां आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से उमेश शर्मा से संपर्क किया और उन्हें काम का बहाना बनाकर स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठा लिया। गाड़ी को नवगछिया से मुरली बहियार होते हुए कुर्सेला मार्ग की तरफ ले जाया गया। यात्रा के दौरान रास्ते में ही आरोपियों ने उमेश शर्मा की गला दबाकर निर्मम हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपियों ने शव को छिपाने के इरादे से बरारी के पास स्थित कारी कोसी नदी के पानी में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।
कोसी नदी से बरामद हुआ शव
उमेश शर्मा के अचानक गायब हो जाने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ी और उन्होंने 6 अगस्त को स्थानीय पुलिस स्टेशन में उनकी गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच पड़ताल शुरू की। गुमशुदगी की शुरुआती छानबीन के दौरान ही पुलिस को मामले में अनहोनी की आशंका हुई, जिसके बाद वैज्ञानिक और तकनीकी पहलुओं से जांच को आगे बढ़ाया गया। सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स के आधार पर जब पुलिस की जांच आगे बढ़ी, तो संदेह की सुई मृतक की पत्नी अनिता देवी की तरफ घूमी। कड़ाई से की गई पूछताछ में पूरी साजिश की परतें खुलती चली गईं। पुलिस टीम ने नदी में शव की व्यापक खोजबीन शुरू की और अंततः कटिहार जिले के मनिहारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मलकाइन घाट के पास से कोसी नदी में बहता हुआ उमेश शर्मा का शव बरामद कर लिया।
तकनीकी साक्ष्यों से बेनकाब हुआ हत्याकांड
नवगछिया के एसपी वैभव शर्मा के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने में तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग की अहम भूमिका रही है। पुलिस ने जब संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की, तो 5 अगस्त को पंकज शर्मा के हैदराबाद से पूर्णिया आने और फिर नवगछिया के रास्ते कुर्सेला जाने के पूरे रूट की पुष्टि हो गई। इसके अलावा, घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी और अन्य वैज्ञानिक सबूतों ने आरोपियों के दावों की पोल खोल दी।
तीन आरोपी सलाखों के पीछे, मुख्य साजिशकर्ता की तलाश
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी अनिता देवी, मोहम्मद मुस्ताक के बेटे मोहम्मद सोहेल और मोहम्मद अजीज के बेटे मोहम्मद इरफान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, मामले का मुख्य साजिशकर्ता और अनिता देवी का प्रेमी पंकज शर्मा घटना के बाद से ही फरार चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पंकज शर्मा की संभावित लोकेशनों पर लगातार पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या इस आपराधिक षड्यंत्र में कुछ अन्य लोग भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे।


















