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संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिनों में परिसीमन विधेयक पर हलचल तेज, उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैंडलूम उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने का किया आह्वानराजनीति
8 अग॰ 2026, 4:13 pm (1 दिन पहले)· 0

संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिनों में परिसीमन विधेयक पर हलचल तेज, उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैंडलूम उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने का किया आह्वान

संसद के मानसून सत्र के आखिरी चार दिनों के लिए बीजेपी और कांग्रेस सहित मुख्य राजनीतिक दलों ने व्हिप जारी किया है, वहीं राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस पर बुनकरों के समर्थन और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

संसद के मानसून सत्र के अपने अंतिम चरण में पहुंचते ही देश की राजधानी में राजनीतिक हलचल और रणनीति काफी तेज हो चुकी है। सत्र के आखिरी चार दिनों के विशेष महत्व को ध्यान में रखते हुए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने ही अपने-अपने सांसदों को सदन के भीतर अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का सख्त व्हिप जारी किया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेतृत्व ने भी अपने तमाम सहयोगी दलों से यह स्पष्ट कर दिया है कि इन अंतिम चार दिनों के दौरान किसी भी सांसद की अनुपस्थिति स्वीकार्य नहीं होगी।

परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर गहराया राजनीतिक सस्पेंस

संसदीय गलियारों में इस बात को लेकर व्यापक सुगबुगाहट है कि केंद्र सरकार सत्र के अंतिम क्षणों में कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण विधायी प्रस्ताव पेश कर सकती है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को आशंका है कि सरकार अचानक परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक, महिला आरक्षण विधेयक और विदेश अंशदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) से संबंधित संशोधन विधेयक को पटल पर ला सकती है। विपक्षी नेता राहुल गांधी ने इस संदर्भ में अपना रुख बेहद कड़ा रखते हुए स्पष्ट घोषणा की है कि वे इन तीनों विधेयकों को किसी भी कीमत पर पारित नहीं होने देंगे।

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गौरतलब है कि इससे पहले भी जब लोकसभा में परिसीमन विधेयक को पारित कराने का प्रयास किया गया था, तब सरकार आवश्यक दो-तिहाई बहुमत जुटाने में सफल नहीं हो सकी थी। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि यह कानून देश के व्यापक हित में है और महिलाओं को संसद में एक-तिहाई प्रतिनिधित्व प्रदान करने के उद्देश्य से लाया गया है, जिसे एक न एक दिन अवश्य पारित कराया जाएगा। उस समय के बाद से ही केंद्र सरकार ने संसद में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा हासिल करने के लिए राजनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी थी।

संसदीय समीकरण और विपक्षी खेमे में बदलती राजनीतिक निष्ठाएं

संख्या बल को अपने पक्ष में करने की इस दीर्घकालिक कवायद के तहत तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना में टूट देखने को मिली, जिससे सत्ता पक्ष का आंकड़ा मजबूत हुआ। इसके अतिरिक्त, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की कांग्रेस से बढ़ती दूरियों ने भी सरकार के लिए नए रास्ते खोले। वर्तमान में परिसीमन विधेयक पर आम सहमति बनाने के लिए डीएमके के साथ बातचीत का सिलसिला जारी है। इसके अलावा शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), वाईएसआर कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल से भी सरकार को सकारात्मक सहयोग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि सरकार परिसीमन कानून को पारित कराने में सफल होती है, तो इसका सीधा रास्ता संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने से जुड़ता है। महिलाओं को एक-तिहाई सीटें देने का सबसे व्यावहारिक तरीका यही माना जा रहा है कि लोकसभा की कुल सीटों की संख्या को बढ़ाकर 816 कर दिया जाए, और यह परिवर्तन केवल परिसीमन प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव हो सकता है।

दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन में एकजुटता का अभाव सरकार की रणनीति को बल दे रहा है। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी के बीच मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं, वहीं डीएमके का मानना है कि कांग्रेस ने उसके साथ राजनीतिक वादाखिलाफी की है। शरद पवार की स्थिति भी डांवाडोल बनी हुई है। ऐसे बिखरे हुए विपक्षी माहौल का लाभ उठाते हुए प्रधानमंत्री मोदी सही अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। नई संसद भवन की संरचना में भी लोकसभा कक्ष के भीतर 1000 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सीटों के विस्तार का खाका बहुत पहले ही तैयार कर लिया गया था।

स्वदेशी हैंडलूम और खादी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का आह्वान

राजनीतिक सरगर्मियों के बीच, राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी वस्तुओं, विशेषकर खादी और हस्तशिल्प उत्पादों को दैनिक जीवन में अपनाने और प्रोत्साहित करने की भावुक अपील की है। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि देश भर में लाखों गरीब परिवार बुनकर उद्योग से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं और अपने घरों में पारंपरिक वस्त्र तैयार करते हैं। यदि देशवासी खादी और स्थानीय हैंडलूम उत्पाद खरीदते हैं, तो इससे लाखों परिवारों के जीवनयापन और रोजगार को सीधा संबल प्राप्त होगा।

हैंडलूम को केवल एक व्यावसायिक उद्योग नहीं बल्कि भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए यह ध्यान दिलाया गया कि शादी-ब्याह और तीज-त्योहारों जैसे शुभ अवसरों पर पारंपरिक परिधान ही उत्सव की पहचान बनते हैं। बनारसी साड़ी, पंजाब की फुलकारी और तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम साड़ियां भारतीय परंपरा की अमूल्य धरोहर हैं।

वैश्विक बाजारों में भारतीय हथकरघा की मार्केटिंग और डिजाइनिंग की चुनौतियां

सरकार द्वारा चलाए गए 'वोकल फॉर लोकल' अभियान ने भारतीय हथकरघा को एक नई ऊर्जा दी है। इस पहल के माध्यम से मध्य प्रदेश की पारंपरिक चंदेरी, असम का प्रसिद्ध मूगा रेशम और राजस्थान की कोटा डोरिया जैसे उत्कृष्ट वस्त्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और बाजार प्राप्त हुआ है। यहां तक कि फ्रांस और इटली के शीर्ष वैश्विक फैशन डिजाइनरों ने भी भारतीय हैंडलूम फैब्रिक को अपने लग्जरी फैशन कलेक्शंस में प्रमुखता से शामिल किया है।

हालांकि, इन उत्पादों के वैश्विक ब्रांड बनने और अंतरराष्ट्रीय मांग के बावजूद विश्व बाजार में भारत की कुल हिस्सेदारी अब भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो पाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका कारण भारतीय हथकरघा की गुणवत्ता में कोई कमी होना नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी मार्केटिंग, आधुनिक डिजाइनिंग और आकर्षक पैकेजिंग का अभाव है। यदि इन बुनियादी कमियों को दूर कर लिया जाए, तो भारतीय हैंडलूम उद्योग दुनिया भर के लक्जरी फैब्रिक मार्केट में अग्रणी स्थान हासिल कर सकता है।

सवाल-जवाब

संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिनों में व्हिप क्यों जारी किया गया है?
बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने परिसीमन, महिला आरक्षण और एफसीआरए जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर संभावित मतदान और चर्चा को ध्यान में रखते हुए अपने सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए व्हिप जारी किया है।
परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण का आपस में क्या संबंध है?
संसद में महिलाओं को एक-तिहाई (33%) सीटें देने के लिए लोकसभा की कुल सीटों की संख्या को बढ़ाकर 816 किया जाना प्रस्तावित है, जो केवल परिसीमन कानून के जरिए ही संभव हो सकता है।
नई संसद भवन में कितने लोकसभा सदस्यों के बैठने की क्षमता है?
नई संसद भवन के लोकसभा कक्ष में 1000 सदस्यों के एक साथ बैठने की व्यवस्था की गई है।
राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस पर प्रधानमंत्री ने क्या अपील की?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से खादी और स्थानीय हैंडलूम उत्पादों को खरीदने और उनका प्रचार करने की अपील की ताकि लाखों गरीब बुनकर परिवारों को रोजगार मिल सके।
भारतीय हैंडलूम को विश्व बाजार में बड़ी हिस्सेदारी क्यों नहीं मिल पा रही है?
कपड़े की गुणवत्ता बेहतरीन होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आधुनिक मार्केटिंग, डिजाइनिंग और पैकेजिंग की कमी के कारण भारतीय हैंडलूम को वैश्विक बाजार में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया है।
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