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पश्चिम चंपारण में नाबालिग दुर्गा की हत्या पर अदालत का कड़ा रुख, दोषी ज्ञान्ती देवी को उम्रकैदबिहार
3 नव॰ 2026, 12:22 am (4 मिनट पहले)· 0

पश्चिम चंपारण में नाबालिग दुर्गा की हत्या पर अदालत का कड़ा रुख, दोषी ज्ञान्ती देवी को उम्रकैद

बगहा की अदालत ने करीब 12 साल की बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में ज्ञान्ती देवी को उम्रकैद और कुल 1.10 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में नाबालिग बच्ची के सनसनीखेज अपहरण और मर्डर केस में अदालत का अहम फैसला सामने आया है। बगहा स्थित व्यवहार न्यायालय ने करीब 12 साल की दुर्गा कुमारी की हत्या और किडनैपिंग के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए दोषी ज्ञान्ती देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी महिला पर एक लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। अपहरण के जुर्म में अदालत ने सात साल की जेल और 10 हजार रुपये के जुर्माने का अलग से आदेश दिया है। न्यायिक आदेश के तहत यह दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

सबूतों और गवाहों के आधार पर तय हुआ अपराध

इस गंभीर मामले की कानूनी सुनवाई जिला एवं अपर सत्र अदालत के समक्ष संपन्न हुई। अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए अदालत में कई प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कराए और ठोस तकनीकी व फॉरेंसिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर मौजूद सुबूतों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद न्यायाधीश ने ज्ञान्ती देवी को हत्या तथा अपहरण का मुख्य दोषी ठहराया। अदालत ने हत्या की धारा में उम्रकैद और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा मुकर्रर की, जबकि अपहरण के अपराध में सात वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया।

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गोबरहिया थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा

यह पूरा कानूनी विवाद गोबरहिया थाना कांड संख्या 16/025 से संबंधित है। बच्ची के अचानक गायब होने के बाद मृतका दुर्गा कुमारी के पिता शंकर मांझी ने थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी थी। पीड़ित पिता ने आरोप लगाया था कि उनकी मासूम बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा किया गया और फिर निर्मम तरीके से उसकी जान ले ली गई। बच्ची के साथ हुई इस वारदात के बाद पीड़ित परिजनों ने पुलिस-प्रशासन से इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई थी। मामले में चार नवंबर 2025 को स्थानीय चौकीदार के जरिए परिवार वालों को बच्ची का शव मिलने और उसकी मौत की आधिकारिक जानकारी दी गई थी। इस मनहूस खबर के मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर तफ्तीश शुरू की थी और साक्ष्य जुटाकर आरोपी महिला को सलाखों के पीछे भेजा था।

जुर्माना न भरने पर बढ़ जाएगी जेल की अवधि

अदालत ने सजा का ऐलान करते हुए यह भी साफ कर दिया है कि यदि दोषी महिला निर्धारित जुर्माने की राशि जमा नहीं करती है, तो उसे अतिरिक्त समय तक जेल की सलाखों के पीछे बिताना पड़ेगा। हालांकि, ट्रायल के दौरान अभियुक्त द्वारा जेल में पहले से काटी जा चुकी न्यायिक हिरासत की अवधि को इस कुल सजा में घटाकर समायोजित किया जाएगा। बगहा अदालत के इस फैसले से बच्ची के परिजनों को लंबे समय बाद इंसाफ मिला है और इलाके में कानून के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है।

सवाल-जवाब

बगहा अदालत ने ज्ञान्ती देवी को क्या सजा सुनाई है?
अदालत ने हत्या के जुर्म में ज्ञान्ती देवी को उम्रकैद व 1 लाख रुपये जुर्माना और अपहरण के मामले में 7 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला किस पुलिस थाने से संबंधित था?
यह पूरा मामला पश्चिम चंपारण जिले के गोबरहिया थाना कांड संख्या 16/025 से जुड़ा हुआ था।
पीड़िता कौन थी और उसकी उम्र कितनी थी?
पीड़िता का नाम दुर्गा कुमारी था और घटना के समय उसकी उम्र करीब 12 वर्ष थी।
परिजनों को बच्ची की मौत की सूचना कब मिली थी?
परिजनों को चार नवंबर 2025 को एक चौकीदार के माध्यम से बच्ची की मौत की खबर मिली थी।
क्या दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी?
अदालत के निर्देश के अनुसार अपहरण और हत्या की दोनों सजाएं जेल में एक साथ चलेंगी।
यदि दोषी महिला जुर्माना नहीं भरती है तो क्या होगा?
अदालत ने स्पष्ट किया है कि तय जुर्माने की राशि का भुगतान न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
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