दीपावली से पहले धौलपुर में मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 1205 किलो खाद्य सामग्री जब्तगंभीर प्रदूषण के बीच राजधानी क्षेत्र में ग्रेप का दूसरा चरण प्रभावी, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी और दफ्तरों के समय में बदलाव की तैयारीभीलवाड़ा के प्रमुख बाजारों में दिवाली की रौनक, जानिए किस बाजार में क्या सामान मिलता है सबसे बेहतरशेयर बाजार में इक्विटी टैक्सेशन को लेकर उठ रहे सवालों की समीक्षा करेगी सरकार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिए संकेतकार्यस्थलों पर एआई के कारण छंटनी रोकने के लिए बीजिंग ने जारी किए कड़े नियम, कंपनियों को देना होगा बफर पीरियडविपक्ष की महारैली के बाद केंद्र पर बरसे कपिल सिब्बल, 2017 से चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर का लगाया आरोपअरुणाचल में प्रस्तावित 11,500 मेगावाट सियांग बांध का कड़ा विरोध, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का मामला उठासोने में 3,870 डॉलर के निचले स्तर से रिकवरी, विश्लेषकों में आगे की दिशा को लेकर गहरा मतभेदसीआरपीएफ ने रचा नया इतिहास, पूरे एक साल तक किसी भी ऑपरेशन में नहीं गई एक भी जवान की जानअमेरिकी मध्यावधि चुनाव के मुहाने पर बिटकॉइन, क्या दोहराएगा भारी गिरावट का पुराना इतिहास?
सीआरपीएफ ने रचा नया इतिहास, पूरे एक साल तक किसी भी ऑपरेशन में नहीं गई एक भी जवान की जानबिहार
2 नव॰ 2026, 8:39 pm (16 मिनट पहले)· 1

सीआरपीएफ ने रचा नया इतिहास, पूरे एक साल तक किसी भी ऑपरेशन में नहीं गई एक भी जवान की जान

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने पिछले 12 महीनों में शून्य ऑपरेशनल कैजुअल्टी दर्ज कर 47 साल में पहली बार यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने सुरक्षा अभियानों के मोर्चे पर एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। बल ने लगातार 12 महीने बिना किसी ऑपरेशनल कैजुअल्टी के पूरे किए हैं, जिसका सीधा अर्थ है कि बीते पूरे एक साल के दौरान किसी भी सुरक्षा अभियान या मुठभेड़ में एक भी जवान की जान नहीं गई है। बल के 47 वर्षों के इतिहास में यह अब तक का सबसे सुरक्षित और ऐतिहासिक दौर साबित हुआ है।

47 वर्षों बाद दोहराया गया सुरक्षित रिकॉर्ड

इस सुरक्षा रिकॉर्ड से पहले ऐसा दौर जनवरी 1979 में देखा गया था, जब बल ने बिना किसी कैजुअल्टी के ऐसा समय पूरा किया था। बल में आखिरी शहादत 30 अक्टूबर 2025 को दर्ज की गई थी। इसके बाद से पूरे एक वर्ष की अवधि में सभी जोखिम भरे अभियानों के बावजूद जवानों की सुरक्षा का शत-प्रतिशत रिकॉर्ड कायम रहा है। इस उपलब्धि की आधिकारिक जानकारी सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह ने सोशल मीडिया मंच X पर साझा की।

ये भी पढ़ें

रणनीति, आधुनिक गैजेट्स और त्वरित इलाज का असर

डीजी जीपी सिंह के अनुसार इस बड़ी सफलता की बुनियाद में आधुनिक हथियार, नए तकनीकी गैजेट्स और जवानों को मिला उन्नत प्रशिक्षण शामिल है। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर बनाई गई सटीक ऑपरेशनल रणनीति ने अभियानों के दौरान जोखिम को न्यूनतम करने में निर्णायक भूमिका निभाई है। अभियानों के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति या मुठभेड़ के बाद घायल जवानों को बिना समय गंवाए बड़े अस्पतालों तक पहुंचाने की त्वरित चिकित्सा व्यवस्था ने भी जवानों की जान बचाने में सबसे बड़ा फर्क पैदा किया है।

संवेदनशील मोर्चों पर तैनाती के बीच सफलता

यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि बल के जवान लगातार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और आतंकवाद से जुड़े संवेदनशील मोर्चों पर पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। डीजी जीपी सिंह ने कहा कि बल सभी प्रमुख संवेदनशील इलाकों में पूरी मुस्तैदी से तैनात है और देश को सुरक्षित रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है।

सवाल-जवाब

सीआरपीएफ ने किस ऐतिहासिक कीर्तिमान की घोषणा की है?
सीआरपीएफ ने पिछले लगातार 12 महीनों में किसी भी ऑपरेशन के दौरान शून्य कैजुअल्टी दर्ज कर 47 साल का नया सुरक्षा रिकॉर्ड बनाया है।
इससे पहले ऐसा सुरक्षित दौर कब दर्ज किया गया था?
सीआरपीएफ के इतिहास में इससे पहले लगातार शून्य कैजुअल्टी का ऐसा दौर जनवरी 1979 में देखा गया था।
सीआरपीएफ में आखिरी शहादत कब हुई थी?
बल में आखिरी शहादत 30 अक्टूबर 2025 को दर्ज की गई थी।
इस उपलब्धि के पीछे किन प्रमुख कारणों को श्रेय दिया गया है?
आधुनिक हथियार, नए तकनीकी गैजेट्स, उन्नत प्रशिक्षण, सटीक जमीनी रणनीति और घायल जवानों को तुरंत बड़े अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था इसके प्रमुख कारण हैं।
इस रिकॉर्ड की आधिकारिक जानकारी किसने दी?
सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी साझा की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 मिनट पहले

मुझे वो दिन अच्छे से याद है जब छत्तीसगढ़ में कवरेज के दौरान एक साथी घायल जवान को अस्पताल ले जाते वक्त एम्बुलेंस का इंतजार कर रहा था। तब से ज़हन में बस एक ही दुआ रहती है कि हमारे जवानों को खरोंच तक न आए। आज शून्य कैजुअल्टी की यह खबर पढ़कर सच में आंखें भर आईं।

Rohan Verma@rohan-verma·अभी

करण भाई, जनवरी 1979 वाला आँकड़ा देखकर मुझे भी हैरानी हुई थी कि इतनी लंबी अवधि के बाद ऐसा दिन देखने को मिला है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp