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बिहार के सक्षम परिवार स्वेच्छा से त्यागें बिजली सब्सिडी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की अपीलबिहार
1 नव॰ 2026, 11:21 pm (1 घंटे पहले)· 0

बिहार के सक्षम परिवार स्वेच्छा से त्यागें बिजली सब्सिडी, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की अपील

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संपन्न नागरिकों और आयकरदाताओं से 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ छोड़ने का आग्रह किया है ताकि बचा हुआ पैसा राज्य के विकास में लगाया जा सके।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के साधन संपन्न नागरिकों और आयकरदाताओं से एक विशेष आग्रह किया है। उन्होंने सक्षम परिवारों से आगे आकर 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने का आह्वान किया है, ताकि इस सब्सिडी से बचने वाली धनराशि को राज्य के बुनियादी विकास कार्यों में लगाया जा सके। मुख्यमंत्री रविवार को राजधानी पटना में आयोजित दो दिवसीय 'पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0' के एक सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राज्य के आर्थिक परिदृश्य और लोककल्याणकारी योजनाओं के संतुलन पर विस्तार से चर्चा की।

सालाना 23,000 करोड़ रुपये का सब्सिडी भार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार वर्तमान में बिजली सब्सिडी मद में हर साल करीब 23,000 करोड़ रुपये का भारी भरकम वित्तीय प्रावधान कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, इस व्यवस्था से प्रति परिवार लगभग 8,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक का वित्तीय भार सरकार वहन कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा समय में बिना किसी आर्थिक भेदभाव के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में जो लोग आर्थिक रूप से मजबूत हैं और नियमित आयकर भरते हैं, उन्हें राज्य के व्यापक हित में इस रियायत को छोड़कर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

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युवाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विशेष चर्चा

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्र निर्माण और लोकतंत्र की मजबूती में युवा पीढ़ी की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती का लोकतांत्रिक परंपराओं से ऐतिहासिक और गहरा नाता रहा है। ऐसे में यह युवा वर्ग का दायित्व बनता है कि वह इन मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन के लिए आगे आए। स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के संघर्ष और बलिदान का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि देश को 1947 में आजादी मिली थी और अब जब राष्ट्र अपनी स्वाधीनता के 80 वर्ष पूरे करने की ओर अग्रसर है, तब प्रत्येक नागरिक को लोकतांत्रिक निष्ठा और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अपना संकल्प दोहराना होगा।

मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना का ढांचा

बिहार में घरेलू उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना का संचालन किया जा रहा है। इस व्यवस्था को औपचारिक तौर पर 1 अगस्त 2025 से प्रभाव में लाया गया था। इस योजना के प्रावधानों के अंतर्गत राज्य के तमाम घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को हर महीने की खपत में से प्रारंभिक 125 यूनिट पर 100 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। इसका व्यावहारिक अर्थ यह है कि जिन उपभोक्ताओं की मासिक खपत 125 यूनिट या उससे कम रहती है, उन्हें ऊर्जा शुल्क के रूप में किसी भी राशि का भुगतान नहीं करना पड़ता है।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किन लोगों से बिजली सब्सिडी छोड़ने की अपील की है?
उन्होंने आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों और आयकरदाताओं से स्वेच्छा से 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ने का आग्रह किया है।
बिहार सरकार बिजली सब्सिडी पर प्रतिवर्ष कितना खर्च कर रही है?
राज्य सरकार बिजली सब्सिडी पर सालाना लगभग 23,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, जो प्रति परिवार 8,000 से 10,000 रुपये बैठता है।
यह अपील किस कार्यक्रम के दौरान की गई?
यह अपील राजधानी पटना में आयोजित दो दिवसीय 'पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0' को संबोधित करते हुए की गई।
बिहार में 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना कब लागू की गई थी?
मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की यह व्यवस्था 1 अगस्त 2025 से लागू की गई है।
क्या 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना बंद की जा रही है?
नहीं, यह योजना बंद नहीं की जा रही है; मुख्यमंत्री ने केवल सक्षम और करदाता नागरिकों से स्वेच्छा से इसका लाभ त्यागने का अनुरोध किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Nyra Kaif@nyra-kaif·12 मिनट पहले

अरे भाई, 23 हजार करोड़ की सब्सिडी! संपन्न लोग सच में छोड़ेंगे क्या?

Ravikash Gupta@ravikash·34 मिनट पहले

अमीरों से अपील करना तो ठीक है, पर जिनकी जेब भरी है वे खुद आगे आकर सब्सिडी क्यों छोड़ेंगे? क्या सरकार के पास इसका कोई डेटा है कि कितने लोग सच में ऐसा करने वाले हैं?

Arjun Mehta@arjun-mehta·33 मिनट पहले

रवि जी, सही कहा आपने। मैंने खुद दिल्ली में एलपीजी सब्सिडी छोड़ने के बाद देखा था कि गिनती के लोग ही आगे आते हैं, डेटा कहां से लाएंगे?

Karan Malhotra@karan-malhotra·55 मिनट पहले

जो लोग ईमानदारी से टैक्स भरते हैं, क्या सरकार उनके लिए कोई अलग से मान-सम्मान या प्रोत्साहन योजना भी लाएगी?

Rohan Verma@rohan-verma·54 मिनट पहले

करण भाई, मान-सम्मान की बात तो ठीक है, पर स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ने वाले वाकई आगे आएंगे, इस पर थोड़ा शक है।

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