भारतीय सिनेमा जगत में कुछ कलाकारों की पहचान केवल बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों या गिनी-चुनी हिट फिल्मों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उनका लंबा सफर और स्क्रीन पर प्रभावशाली उपस्थिति ही उनकी असली ताकत बनती है। शत्रुघ्न सिन्हा, अनुपम खेर, नसीरुद्दीन शाह और मिथुन चक्रवर्ती जैसे दिग्गज अभिनेता आज 70 वर्ष से अधिक की आयु में भी फिल्म उद्योग में अपना विशेष स्थान बनाए हुए हैं। इनमें से प्रत्येक कलाकार ने एक्शन, कॉमेडी, खलनायक और गंभीर अभिनय के क्षेत्र में कई यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। यद्यपि इन अभिनेताओं के लंबे करियर में असफल फिल्मों का दौर भी आया, लेकिन दर्शकों के बीच उनका आकर्षण कभी कम नहीं हुआ। इस सिलसिले में मिथुन चक्रवर्ती का फिल्मी सफर सबसे अलग और असाधारण माना जाता है, जिन्होंने अपने करियर में सैकड़ों फिल्मों में काम किया और 180 से अधिक असफल फिल्मों का सामना करने के बाद भी अपनी लोकप्रियता बरकरार रखी। इतना ही नहीं, जीवन के 72वें पड़ाव पर उन्होंने 340 करोड़ रुपये से अधिक की वैश्विक कमाई करने वाली फिल्म देकर बॉक्स ऑफिस पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
राष्ट्रीय पुरस्कार से शुरुआत और 180 फ्लॉप का अनोखा सफर
फिल्म उद्योग का सामान्य नियम यह मानता है कि यदि किसी मुख्य अभिनेता की फिल्में लगातार बॉक्स ऑफिस पर असफल होने लगें, तो उसका करियर ढलान की ओर बढ़ने लगता है। हालांकि, मिथुन चक्रवर्ती ने इस धारणा को पूरी तरह से खारिज कर दिया। लगभग पांच दशकों लंबे अपने अभिनय सफर में उन्होंने सैकड़ों फिल्मों में काम किया और लगातार असफलताओं के बावजूद अपने स्टारडम पर कोई आंच नहीं आने दी। व्यावसायिक आंकड़ों के अनुसार, उनके पूरे करियर में करीब 180 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप दर्ज की गईं। इसके विपरीत, उनके करियर की शुरुआत किसी साधारण व्यावसायिक फिल्म से नहीं हुई थी। वर्ष 1976 में प्रख्यात निर्देशक मृणाल सेन की फिल्म 'मृगया' से उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। अपनी पहली ही फिल्म में बेहतरीन अभिनय प्रदर्शन के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया गया था। इस प्रकार, जिस अभिनेता के खाते में आगे चलकर दर्जनों व्यावसायिक असफलताएं जुड़नी थीं, उसने अपने सफर की शुरुआत ही देश के सबसे प्रतिष्ठित अभिनय सम्मान से की थी।
'डिस्को डांसर' से सोवियत संघ में मिला ऐतिहासिक वैश्विक मुकाम
राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने के बाद 1980 के दशक में मिथुन चक्रवर्ती की लोकप्रियता में तेजी से उछाल आया। वर्ष 1982 में प्रदर्शित हुई फिल्म 'डिस्को डांसर' ने उन्हें देश के कोने-कोने में घर-घर तक पहुंचा दिया। फिल्म का संगीत, नृत्य शैली और उनका खास अंदाज दर्शकों के बीच बेहद पसंद किया गया। इस फिल्म की सफलता केवल भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इतिहास रच दिया। वर्ष 1984 में जब यह फिल्म सोवियत संघ में प्रदर्शित हुई, तो वहां लगभग 60.9 मिलियन टिकटों की बिक्री हुई और फिल्म ने करीब 60 मिलियन सोवियत रूबल का सकल संग्रह किया। भारत और सोवियत संघ की कुल कमाई को मिलाकर 'डिस्को डांसर' का दुनिया भर में कुल ग्रॉस कलेक्शन लगभग 100.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस ऐतिहासिक सफलता के साथ 'डिस्को डांसर' दुनिया भर में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी और उसने 'शोले' के पिछले कमाई के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
1990 का दशक और लगातार फिल्में साइन करने का दौर
'डिस्को डांसर' की अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय सफलता के बाद मिथुन चक्रवर्ती की मांग बहुत बढ़ गई, जिसके चलते उन्होंने बड़ी संख्या में फिल्में साइन करना शुरू कर दिया। 1980 और 1990 के दशकों के दौरान वह एक ही वर्ष में कई-कई फिल्मों में काम करते नजर आते थे। लगातार और तेजी से काम करने के इस दौर में कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपनी छाप छोड़ने में विफल रहीं, जिसके कारण उनके खाते में फ्लॉप फिल्मों की संख्या बढ़ती चली गई। इसके बावजूद, उनकी प्रशंसक संख्या में कभी कमी नहीं आई और निर्माता उन पर लगातार भरोसा जताते रहे।
चरित्र अभिनेताओं के दौर में 340 करोड़ की नई ब्लॉकबस्टर
उम्र के अगले पड़ावों में मिथुन चक्रवर्ती ने मुख्य नायक की भूमिकाओं से आगे बढ़ते हुए महत्वपूर्ण चरित्र और सहायक भूमिकाओं की ओर रुख किया। इसी दौरान उनके करियर में एक नया मोड़ आया, जब वर्ष 2022 में विवेक अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' प्रदर्शित हुई। इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फिल्म ने व्यावसायिक स्तर पर विश्लेषकों की सभी उम्मीदों को पीछे छोड़ते हुए अभूतपूर्व सफलता हासिल की। इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 252.90 करोड़ रुपये का शुद्ध संग्रह किया और भारत में इसका कुल ग्रॉस संग्रह 297.53 करोड़ रुपये रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से फिल्म ने 43.39 करोड़ रुपये का संग्रह किया, जिससे इसका कुल वैश्विक ग्रॉस कलेक्शन 340.92 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। लगभग 72 वर्ष की उम्र में मिथुन चक्रवर्ती ने अपने करियर की सबसे बड़ी व्यावसायिक सफलताओं में से एक दर्ज कराई, जो यह सिद्ध करती है कि उनका स्टारडम उम्र और फ्लॉप फिल्मों की संख्या से परे है।



















