आज सलमान खान भारतीय फिल्म उद्योग के उन चुनिंदा सुपरस्टार्स में शामिल हैं, जिनकी किसी भी फिल्म का सिनेमाघरों में आना अपने आप में एक बड़ा राष्ट्रीय आयोजन बन जाता है। अपने दशकों लंबे करियर में उन्होंने 'बजरंगी भाईजान', 'हम आपके हैं कौन..!', 'करण अर्जुन', 'वांटेड' और 'टाइगर' जैसी विशाल ब्लॉकबस्टर फिल्मों के जरिए सिनेमा बॉक्स ऑफिस पर अपना एकछत्र राज स्थापित किया है। हालांकि, सफलता के इस सर्वोच्च शिखर तक पहुंचने का उनका शुरुआती रास्ता काफी कठिनाइयों और अनिश्चितताओं से भरा हुआ था। वर्ष 1989 में आई उनकी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर डेब्यू फिल्म की ऐतिहासिक सफलता के बाद, इस युवा अभिनेता को एक ऐसे करियर संकट का सामना करना पड़ा जिसकी किसी ने उम्मीद भी नहीं की थी। रिकॉर्ड तोड़ कमाई करने वाली फिल्म देने के बावजूद, सलमान खान को लगातार 6 महीने तक एक भी नई फिल्म का ऑफर नहीं मिला। अपने बेटे के करियर को शुरुआत में ही खत्म होने से बचाने के लिए उनके पिता और मशहूर पटकथा लेखक सलीम खान ने एक बहुत ही चतुर रणनीतिक योजना बनाई। उन्होंने एक प्रतिष्ठित ट्रेड मैगजीन में एक फर्जी घोषणा करवाकर उद्योग में सलमान के प्रति नया आकर्षण पैदा किया और उनके करियर को दोबारा पटरी पर ला खड़ा किया।
ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर 'मैंने प्यार किया' की ऐतिहासिक कमाई और यादगार संगीत
सूरज बड़जात्या के निर्देशन में बनी फिल्म 'मैंने प्यार किया' 29 दिसंबर 1989 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस रोमांटिक ड्रामा फिल्म में सलमान खान और नवोदित अभिनेत्री भाग्यश्री की मुख्य जोड़ी नजर आई थी, जिसकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया। सैकनिल्क के आंकड़ों के अनुसार, इस फिल्म का निर्माण बजट लगभग 4 करोड़ रुपये था। रिलीज के बाद फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 14.31 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन दर्ज किया, जबकि इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 27.50 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। इस फिल्म की अपार सफलता में इसके कालजयी संगीत का बहुत बड़ा योगदान था। फिल्म के गीत जैसे 'दिल दीवाना', 'मेरे हाथ में', 'आते जाते हंसते गाते' और 'कबूतर जा जा जा' उस दौर में रेडियो और संगीत प्रेमियों के बीच हर तरफ छाए रहे और आज भी इस फिल्म की सबसे बड़ी पहचान माने जाते हैं।
ब्लॉकबस्टर हिट के बाद भी 6 महीने तक खाली बैठे रहे सलमान, जानिए क्या थी वजह
आमतौर पर बॉलीवुड में जब कोई फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित होती है, तो उसके मुख्य कलाकारों के पास नई फिल्मों और बड़े निर्माताओं के ऑफर्स की लाइन लग जाती है। लेकिन सलमान खान के साथ स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत हुई। 'मैंने प्यार किया' जैसी ऑल टाइम हिट फिल्म देने के बाद भी सलमान खान को अगले 6 महीने तक कोई काम नहीं मिला और वे घर पर बेकार बैठे रहे। इस अप्रत्याशित संकट के पीछे सबसे बड़ी वजह फिल्म की मुख्य अभिनेत्री भाग्यश्री का एक फैसला था। भाग्यश्री ने फिल्म की सफलता के तुरंत बाद शादी करने और अभिनय की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कहने का फैसला कर लिया था। इसके चलते फिल्म उद्योग के अधिकांश निर्माताओं और निर्देशकों में यह गलत धारणा बन गई कि फिल्म की ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय केवल भाग्यश्री को जाता है। निर्माताओं का मानना था कि सलमान खान का अपना योगदान नगण्य था, जिससे उन्हें एकल नायक के रूप में साइन करने में लोग हिचकिचाने लगे।
सलीम खान की चतुर रणनीति और ट्रेड मैगजीन की फर्जी घोषणा का खेल
जब 6 महीने बीत जाने के बाद भी सलमान खान के पास काम का कोई नया जरिया नहीं बना, तो उनके पिता और दिग्गज पटकथा लेखक सलीम खान ने खुद मोर्चा संभालने का फैसला किया। अपने बेटे के करियर को डूबने से बचाने के लिए उन्होंने एक बेहद चतुर प्रचार रणनीति तैयार की। सलीम खान ने उस दौर के स्थापित फिल्म निर्माता जीपी सिप्पी से मुलाकात की और उनसे एक अनोखा सहयोग मांगा। सलीम खान ने जीपी सिप्पी से अनुरोध किया कि वे एक प्रमुख ट्रेड मैगजीन में यह आधिकारिक ऐलान करवा दें कि उन्होंने सलमान खान को अपनी अगली बड़ी फिल्म के लिए साइन कर लिया है। जीपी सिप्पी इस योजना के लिए सहमत हो गए और मैगजीन में यह खबर प्रमुखता से छाप दी गई। सबसे दिलचस्प बात यह थी कि जिस फिल्म के लिए सलमान खान के साइन होने का दावा किया गया था, वह पूरी तरह से एक काल्पनिक परियोजना थी और वास्तव में ऐसी किसी फिल्म के निर्माण की कोई योजना थी ही नहीं।
5 लाख रुपये की म्यूजिक डील से 'पत्थर के फूल' तक: ऐसे बदला सलमान का करियर
सलीम खान द्वारा रचा गया यह काल्पनिक दांव बॉलीवुड के कारोबारी गलियारों में तुरंत असर दिखाने लगा। ट्रेड मैगजीन में जीपी सिप्पी द्वारा सलमान को साइन किए जाने की खबर छपते ही फिल्म निर्माताओं के बीच हड़कंप मच गया। इस खबर से प्रभावित होकर जाने-माने फिल्म निर्माता रमेश तौरानी तुरंत जीपी सिप्पी के दफ्तर पहुंचे और उस अनाम फिल्म के म्यूजिक राइट्स हासिल करने के लिए 5 लाख रुपये की अग्रिम राशि का भुगतान कर दिया। इस बड़े वित्तीय लेनदेन ने पूरे फिल्म बाजार में यह संदेश फैला दिया कि सलमान खान की मांग बेहद ज्यादा है और वे बड़े बैनरों की पहली पसंद बन चुके हैं। इस झूठी खबर से पैदा हुई व्यावसायिक हलचल ने असली फिल्म निर्माताओं का ध्यान सलमान की ओर खींचा और उन्हें नए प्रोजेक्ट्स मिलने शुरू हो गए। इसी का नतीजा था कि 1991 में सलमान खान को फिल्म 'पत्थर के फूल' में मुख्य अभिनेता के रूप में काम मिला। सलीम खान की इस दूरदर्शी सोच ने सलमान खान के करियर को हमेशा के लिए एक नई और चमकदार दिशा प्रदान की।



















