जयपुर अपनी ऐतिहासिक धरोहरों, गगनचुंबी किलों, खूबसूरत महलों और पारंपरिक हवेलियों के लिए पूरी दुनिया में एक अलग पहचान रखता है। गुलाबी नगरी के नाम से मशहूर इस शहर में पुरानी इमारतों की सुंदरता को आज भी सहेजकर रखा गया है। इन ऐतिहासिक इमारतों की खासियत यह है कि इनमें कई शानदार रेस्तरां, होटल और कैफे संचालित हो रहे हैं, जो शहर में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं। खासतौर पर जयपुर का ऐतिहासिक चारदीवारी बाजार अपनी पुरानी स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत के कारण टूरिज्म और सुंदरता दोनों ही दृष्टियों से विशेष महत्व रखता है। इस चारदीवारी बाजार का अद्भुत दृश्य और यहां की चहल-पहल हर किसी को अपनी ओर खींच लेती है। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बीच स्थित एक ऐसा ठिकाना है जो चाय की हर चुस्की के साथ जयपुर के हेरिटेज लुक का शानदार अनुभव प्रदान करता है।
चौड़ा रास्ता में 40 साल पुरानी चाय की परंपरा
जयपुर के प्रसिद्ध चौड़ा रास्ता इलाके में स्थित चायसा कैफे चाय प्रेमियों के लिए एक पसंदीदा स्थान बन चुका है। चायसा नाम का सीधा संबंध यहां पर मिलने वाली चाय के बेमिसाल स्वाद और अंदाज से है। इस कैफे की शुरुआत लगभग 40 साल पहले हुई थी। वैसे तो आज जयपुर के अलग-अलग हिस्सों में चायसा कैफे की कई शाखाएं खुल चुकी हैं, लेकिन चौड़ा रास्ता स्थित इस आउटलेट का अनुभव बेहद खास है। यहां आने वाले लोगों को गुलाबी नगर की पुरानी सुंदरता को निहारते हुए चाय की चुस्कियां लेने का अवसर मिलता है। यही वजह है कि यहां बिताया गया हर एक लम्हा पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए एक यादगार अनुभव में बदल जाता है। 40 वर्षों से चला आ रहा स्वाद का यह सफर आज भी पूरी ताजगी के साथ कायम है।
हवेली शैली का विंटेज इंटीरियर और राजशाही बैठकी
चारदीवारी बाजार के बीचों-बीच स्थित इस कैफे में दाखिल होने का रास्ता भी अपने आप में अनोखा है। बाजार की मुख्य सड़क से एक छोटी सी सीढ़ी के जरिए लोग ऊपर कैफे तक पहुंचते हैं। प्रवेश करते ही ग्राहकों का सामना पारंपरिक हवेली शैली में बने एक बेहद खूबसूरत कमरे से होता है। कैफे के अंदर पुरानी वास्तुकला, प्राचीन शैली की पेंटिंग्स और विंटेज फर्नीचर का बेहतरीन संगम दिखाई देता है। यहां आने वाले लोग पारंपरिक राजशाही गद्दी पर आराम से बैठकर गर्मागर्म चाय और स्वादिष्ट स्नैक्स का आनंद ले सकते हैं। यद्यपि कैफे का स्थान सीमित है, लेकिन इसकी छत पर जाने के बाद जयपुर के बाजारों का जो जीवंत दृश्य दिखाई देता है, वह किसी का भी दिल जीत लेता है। कैफे का मेन्यू कार्ड हो या फिर दीवारों पर सजी खूबसूरत तस्वीरें, हर एक चीज में राजस्थान का पारंपरिक हेरिटेज लुक साफ झलकता है।
विशेष मसालों से तैयार 4 तरह की चाय और 60 रुपये में स्वाद
चायसा कैफे अपनी चाय की किस्मों और विशिष्ट बनाने के तरीके के कारण आम चाय की दुकानों से काफी अलग है। कैफे के रसोई घर में 3 से 4 प्रकार की स्पेशल चाय तैयार की जाती हैं। इनमें ग्रीन टी, ब्लैक टी, लेमन टी और पारंपरिक मिल्क टी शामिल हैं। इन चायों का स्वाद बढ़ाने के लिए इनमें खास तौर पर पुदीना, इलायची, दालचीनी और केसर जैसी औषधीय व सुगंधित सामग्रियों का समावेश किया जाता है। यही कारण है कि यहां की चाय का स्वाद साधारण घरों या सामान्य बाजारों में मिलने वाली चाय से कहीं ज्यादा खास और सेहतमंद होता है। चाय के साथ-साथ यहां कई तरह के क्रिस्पी और टेस्टी स्नैक्स भी उपलब्ध हैं। चायसा कैफे में एक कप स्पेशल चाय की शुरुआती कीमत 60 रुपये रखी गई है, जिसे ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार चुन सकते हैं।
युवाओं और देशी-विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद
गुलाबी नगरी की सुंदरता और चाय का यह अनोखा मेल सबसे ज्यादा युवाओं को आकर्षित करता है। यही कारण है कि इस कैफे में दिनभर जयपुर के स्थानीय युवाओं और बाहर से आए पर्यटकों की चहल-पहल बनी रहती है। जो भी पर्यटक जयपुर की सैर पर आता है, वह एक बार चौड़ा रास्ता स्थित इस कैफे में आकर चाय की चुस्की के साथ शहर के विंटेज व्यू का दीदार करना नहीं भूलता। कैफे का शांत माहौल और छत से दिखने वाला चारदीवारी बाजार का नजारा इसे दोस्तों के साथ वक्त बिताने के लिए एक बेहतरीन स्थान बनाता है।



















