बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की बेटी आयरा खान ने एक बार फिर अपने स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जिम से एक तस्वीर साझा करते हुए अपने बढ़ते वजन और मानसिक संघर्ष का जिक्र किया है। आयरा ने बताया कि उनका वजन अब 77.7 किलोग्राम यानी लगभग 80 किलो के करीब पहुंच गया है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया है कि वजन में यह बदलाव उनके लिए मानसिक रूप से आसान नहीं है, लेकिन वह इस स्थिति को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहतीं। उनकी यह पोस्ट फिटनेस से ज्यादा खुद को मानसिक रूप से संभालने और एक लंबी रुकावट के बाद फिर से ट्रैक पर लौटने के प्रयासों को दर्शाती है।
26 अक्टूबर को साझा की जिम की तस्वीर
आयरा खान ने 26 अक्टूबर को इंस्टाग्राम पर अपनी एक तस्वीर पोस्ट की थी जिसमें वह जिम के अंदर नजर आ रही हैं। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने अपने प्रशंसकों को अपनी फिटनेस स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि उनका वजन बढ़कर 77.7 किलोग्राम हो गया है और वह फिर से उस आंकड़े के करीब पहुंच गई हैं जो उनके लिए चिंता का विषय बन सकता था। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है और अपने वर्कआउट रूटीन को दोबारा शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उनकी इस सादगी भरी पोस्ट ने लोगों का ध्यान खींचा है क्योंकि उन्होंने बिना किसी दिखावे के अपनी असलियत को बयां किया है।
शाम को देर से उठने के बाद भी की कसरत
अपनी इस पोस्ट में आयरा ने एक दिलचस्प बात साझा की जिससे कई लोग खुद को जुड़ा हुआ महसूस कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि वह उस दिन शाम करीब 5:50 बजे उठी थीं। इतनी देर से जागने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और जिम जाने का फैसला किया। उनका मानना था कि भले ही इसे एक भारी-भरकम वर्कआउट सेशन न कहा जा सके, लेकिन उनके मन में चल रही मानसिक सुस्ती के खिलाफ यह एक बड़ी जीत थी। उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्होंने कौन-से व्यायाम किए या कितनी देरसीना बहाया, बल्कि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुश्किल लगने के बावजूद खुद को बिस्तर से उठाकर जिम तक ले जाना ही असली उपलब्धि है। इस पोस्ट के साथ उन्होंने कुछ खास हैशटैग भी जोड़े जिनमें #MentalHealth, #BodyImage, #IShowedUp और #Depression शामिल थे।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर मुखर रही हैं आयरा
आयरा खान के लिए अपने मानसिक संघर्षों के बारे में बात करना कोई नई बात नहीं है। वह इससे पहले भी कई बार डिप्रेशन और भावनात्मक उतार-चढ़ाव पर खुलकर बोल चुकी हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अक्सर ऐसे संदेश देखने को मिलते हैं जो आत्मस्वीकृति और मानसिक जागरूकता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने अगात्सु फाउंडेशन के जरिए भी इस क्षेत्र में काफी काम किया है। उनका उद्देश्य हमेशा से यही रहा है कि लोग अपनी मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय उन पर खुलकर बात करें ताकि सही समय पर सही मदद मिल सके।
दिनचर्या में वापसी का संघर्ष
आयरा के इस पूरे अनुभव से यह बात साफ होती है कि फिटनेस का सफर हर किसी के लिए एक जैसा सीधा नहीं होता। वजन कम करना या उसे बनाए रखना केवल शारीरिक मेहनत नहीं है, बल्कि यह दिमाग के साथ एक निरंतर लड़ाई भी है। आयरा ने यह दावा बिल्कुल नहीं किया कि उनकी सारी परेशानियां खत्म हो गई हैं, बल्कि उन्होंने यह स्वीकार किया कि वह छोटे-छोटे कदमों के जरिए अपनी सामान्य दिनचर्या में वापस लौटने का प्रयास कर रही हैं।



















