महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में गिने जाने वाले जिला सरकारी अस्पताल के ठीक बाहर मुख्य मार्ग पर एक युवक की अत्यंत क्रूरता के साथ हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात मंगलवार की रात को हुई, जिससे पूरे इलाके में भारी दहशत फैल गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई।
अतिव्यस्त मार्ग पर सरेराह खूनी वारदात
घटना चंद्रपुर शहर के छोटी बाजार चौक सिग्नल के नजदीक स्थित श्रीमान सावजी भोजनालय के सामने की है। रात के वक्त सड़क के किनारे पर एक युवक को लहूलुहान हालत में छोड़कर हमलावर फरार हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हमलावर ने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के पेवर ब्लॉक को उठाकर युवक के सिर पर एक के बाद एक 6 से 7 बार जोरदार वार किए। इस भयावह कृत्य से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीर सहम गए।
मृतक और आरोपी की हुई पहचान
इस जघन्य हत्याकांड में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान 36 वर्षीय रंजीत सुरेश राजवंशी के रूप में की गई है, जो कि बल्लारशाह का रहने वाला बताया गया है। वहीं दूसरी ओर, इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 29 वर्षीय अमन दीपक कुरवे के रूप में हुई है, जो चंद्रपुर के पंचशील चौक जटपुरा वार्ड का निवासी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह आरोपी पहले से ही चंद्रपुर शहर पुलिस थाने में दर्ज विभिन्न मामलों के सिलसिले में पुलिस के रडार पर रहा है।
अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
घटना की जानकारी मिलते ही जिला सरकारी अस्पताल चौकी के पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थानीय नागरिकों की सहायता से गंभीर रूप से घायल युवक को फौरन अस्पताल के अंदर भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सिर पर बेहद गंभीर चोटें आने की वजह से उसकी हालत बेहद नाजुक थी और कुछ ही देर बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद चंद्रपुर शहर पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर श्याम गव्हाणे के निर्देशन में शहर पुलिस की डीबी टीम ने तत्परता दिखाते हुए जांच की कमान संभाली। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें आरोपी की पूरी करतूत कैद मिली। फुटेज के आधार पर पहचान पुख्ता करने के बाद पुलिस ने वारदात के महज आधे घंटे के भीतर ही आरोपी अमन कुरवे को दबोच लिया।
दिन में इलाज के लिए आया था रंजीत
पुलिस की शुरुआती जांच में एक और अहम बात सामने आई है। मृतक रंजीत सुरेश राजवंशी घटना वाले दिन दोपहर के वक्त भी चिकित्सीय सहायता के लिए जिला सरकारी अस्पताल आया था। वहां प्राथमिक उपचार प्राप्त करने के बाद वह किसी को बिना कुछ बताए अस्पताल परिसर से बाहर चला गया था। बाद में अस्पताल के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की मदद से ही उसकी सही पहचान सुनिश्चित हो सकी।
हत्या की असली वजह अभी भी अनसुलझी
इस सनसनीखेज वारदात के पीछे की असल वजह का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में यह खूनी संघर्ष हुआ, क्या आरोपी और मृतक के बीच पहले से कोई रंजिश या विवाद था, या फिर यह अचानक उपजे गुस्से का परिणाम था। इन तमाम सवालों के पुख्ता जवाब विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे। जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील और हर वक्त भीड़भाड़ वाले क्षेत्र के सामने इस प्रकार सरेराह हुई हत्या ने स्थानीय नागरिकों और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बीच, राज्य में आपराधिक वारदातों का सिलसिला थम नहीं रहा है, जैसा कि इससे पहले मुंबई में चरित्र शंका के चलते पति द्वारा अपनी पत्नी की हत्या किए जाने का मामला भी सामने आ चुका है।



















