भारतीय सिनेमा और टेलीविजन जगत के जाने-माने अभिनेता प्रदीप रावत का मंगलवार शाम मुंबई में निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। चार दशकों से भी लंबे अपने शानदार अभिनय करियर के दौरान उन्होंने हिंदी सिनेमा के अलावा कई अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्मों और धारावाहिकों में अपनी अमिट छाप छोड़ी। प्रदीप रावत ने अपने करियर में आमिर खान और सलमान खान जैसे उद्योग के दिग्गजों के साथ स्क्रीन साझा की। 'लगान' और 'गजनी' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में उनके दमदार अभिनय को आज भी दर्शक याद करते हैं। उनके निधन की खबर से सिनेमा जगत और प्रशंसकों में शोक की लहर फैल गई है। इस दौरान सलमान खान के साथ उनकी पुरानी और करीबी बॉन्डिंग की चर्चाएं भी दोबारा शुरू हो गई हैं।
गैलेक्सी अपार्टमेंट में बिताए वे छह महीने
प्रदीप रावत ने अपने जीवन और करियर से जुड़े अनुभवों को साझा करते हुए एक साक्षात्कारकर्ता सिद्धार्थ कनन को अपनी पुरानी यादों के बारे में बताया था। उन्होंने बताया था कि किस तरह सलमान खान और उनके बीच एक बेहद मजबूत रिश्ता बन गया था। इस दोस्ती की शुरुआत साल 1990 में रिलीज हुई फिल्म 'बागी' के सेट पर हुई थी। उस दौर में प्रदीप रावत और सलमान खान दोनों को ही फिटनेस और भारी वर्कआउट का बहुत शौक था। इसी साझा जुनून ने दोनों को एक-दूसरे के बेहद करीब ला दिया।
बातचीत के दौरान प्रदीप रावत ने याद किया था कि दोस्ती की शुरुआत के बाद लगभग 4 से 6 महीनों का एक ऐसा समय आया जब सलमान खान उन्हें अपने घर से जाने ही नहीं देते थे। वह सलमान खान के मशहूर निवास गैलेक्सी अपार्टमेंट में ही रहने लगे थे। प्रदीप रावत का पूरा दिन वहीं बीतता था। वह वहीं खाना खाते, वहीं सोते और सलमान के साथ रोजाना जिम में पसीना बहाते थे। काम पर जाने के लिए भी वह वहीं शावर लेते, कपड़े बदलते और सीधे शूटिंग के लिए निकल जाते थे।
हाई-प्रोफाइल पार्टियां और रेंट पर आते थे सूट
प्रदीप रावत ने उस दौर की अपनी सादगी का जिक्र करते हुए बताया था कि उन दिनों सलमान खान लगातार बॉलीवुड की बड़ी और हाई-प्रोफाइल पार्टियों में शामिल हुआ करते थे। उस समय प्रदीप रावत के पास ऐसे बड़े आयोजनों में पहनने लायक महंगे सूट नहीं हुआ करते थे। सलमान खान इस बात का पूरा ख्याल रखते थे और जब भी कोई बड़ी पार्टी या इवेंट होता, तो वह खुद प्रदीप रावत के लिए किराए पर प्रीमियम सूट मंगवाते थे ताकि वह उनके साथ चल सकें।
सुख-सुविधाओं से दूरी बनाने और सलमान का घर छोड़ने की वजह
सलमान खान के घर में मिलने वाले अपार स्नेह और सुविधाओं के बावजूद प्रदीप रावत ने आखिरकार वहां से जाने और खुद को थोड़ा दूर करने का कड़ा फैसला लिया। इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए उन्होंने कहा था कि उन्हें महसूस होने लगा था कि वह उस अत्यधिक आरामदायक और लग्जरी जीवन शैली के बहुत ज्यादा आदी हो रहे थे। उन्हें लगा कि अगर वह इसी तरह आराम में डूबे रहे, तो अपने खुद के अभिनय करियर को नए सिरे से तराशने और आगे बढ़ाने का उनका सपना अधूरा रह जाएगा।
प्रदीप रावत ने बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया था कि यदि वह सलमान खान के साथ उसी तरह रहते रहते, तो शायद आज उनके मुख्य बॉडीगार्ड शेरा की जगह वह खुद वही जिम्मेदारी संभाल रहे होते। उन्होंने सोचा था कि एक छत के नीचे रहने के लिए बढ़िया जगह, लजीज खाना और साथ बिताने के लिए इतने बेहतरीन लोग मिलना बेहद लुभावना था, लेकिन यह आराम उन्हें उनकी मुख्य मंजिल तक नहीं ले जा सकता था। इसी विचार के बाद उन्होंने तय किया कि वह इस तरह के ऐशो-आराम के अभ्यस्त नहीं बनेंगे और अपनी राह खुद चुनेंगे।
सड़क के बीचों-बीच जब अचानक आमने-सामने आए दोनों कलाकार
सलमान खान से अलग होने और दूरियां बना लेने के बाद दोनों के बीच काफी लंबे समय तक कोई मुलाकात नहीं हुई। कई सालों के लंबे अंतराल के बाद एक दिन अचानक सड़क पर दोनों का आमना-सामना हुआ। प्रदीप रावत अपनी मारुति वैन चला रहे थे और दूसरी तरफ से सलमान खान अपनी बड़ी लग्जरी गाड़ी में आ रहे थे। जैसे ही दोनों की नजरें एक-दूसरे पर पड़ीं, सलमान खान ने तुरंत सड़क के बीच में ही अपनी गाड़ी रोक दी। सलमान को गाड़ी रोकते देख प्रदीप रावत को भी मजबूरन अपनी मारुति वैन बीच सड़क पर ही रोकनी पड़ी।
व्यस्त सड़क पर दो गाड़ियों के रुकते ही वहां भारी ट्रैफिक जाम लग गया। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने तुरंत सलमान खान को पहचान लिया और देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। हालात को संभालने के लिए मौके पर पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के जवान भी इकट्ठा हो गए। सलमान खान अपनी गाड़ी से बाहर निकले और प्रदीप रावत भी अपनी वैन से उतरे। सलमान ने उन्हें देखते ही गले लगा लिया और नाराजगी भरे लहजे में पूछा कि वह इतने सालों से कहां गायब थे और उनसे मिलने क्यों नहीं आए। प्रदीप रावत ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि वह अपनी शूटिंग और काम में व्यस्त थे। इस पर सलमान खान ने उनसे कहा कि यह बिल्कुल गलत बात है और उन्हें जल्द ही आकर उनसे मिलना चाहिए।



















