टेलीविजन के लोकप्रिय क्विज मंच कौन बनेगा करोड़पति पर बातचीत के दौरान मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने एक बेहद संवेदनशील और विचारणीय विषय पर अपने विचार साझा किए। हॉटसीट पर बैठे प्रतियोगी ऋषभ के साथ संवाद करते हुए उन्होंने ऑटिज्म और संगीत के बीच एक अनूठे जुड़ाव का उल्लेख किया। इस बातचीत में उन्होंने बताया कि किस तरह से एक विशेष स्थिति से जूझ रहा नन्हा बालक अपनी अद्भुत सांगीतिक प्रतिभा से हर किसी को चकित कर गया था।
ऑटिज्म और संगीत के बीच अनोखा भावनात्मक जुड़ाव
अमिताभ बच्चन का मानना है कि ऑटिज्म का सामना कर रहे व्यक्तियों के भीतर संगीत के प्रति एक सहज और गहरा आकर्षण देखने को मिलता है। जब ऐसे बच्चे या व्यक्ति अपनी भावनाओं को सामान्य भाषा में व्यक्त करने में कठिनाई महसूस करते हैं या फिर जब उनके व्यवहार में सुधार की प्रक्रिया चल रही होती है, तब संगीत उनके लिए अभिव्यक्ति का एक बड़ा और स्वाभाविक जरिया बन जाता है। बातचीत में इस बात को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा लगता है कि ऑटिज्म से जूझ रहे लोगों को संगीत से खास लगाव होता है।" उन्होंने जोर दिया कि संगीत ऐसे व्यक्तियों को अपनी आंतरिक भावनाओं को प्रकट करने में मदद करता है।
माता-पिता की चिंता और नन्हे बालक की खामोशी
अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए अमिताभ बच्चन ने एक परिवार का वाकया साझा किया, जिसका चार से पांच वर्ष का बच्चा ऑटिज्म की स्थिति से गुजर रहा था। वह मासूम बच्चा न तो स्पष्ट रूप से बोल पाता था और न ही अपने विचारों या जरूरतों को परिवार के सामने रख पाता था। संवादहीनता और व्यवहार की इस स्थिति के चलते माता-पिता हमेशा गहरे तनाव और चिंता में रहते थे। उस बालक की स्थिति ऐसी थी कि उसे घर से बाहर किसी सामाजिक आयोजन या सार्वजनिक स्थान पर साथ ले जाना भी परिजनों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण काम बन चुका था।
दो मंजिला मकान में आधी रात को गूंजा पियानो
वह परिवार एक दो मंजिला मकान में निवास करता था। मकान की ऊपरी मंजिल पर परिवार के सभी लोग रहते थे और रात में सोते थे, जबकि नीचे के तल पर एक पियानो रखा हुआ था। एक रात जब पूरा घर शांत था और काफी देर हो चुकी थी, तब अचानक माता-पिता को नीचे के कमरे से मधुर पियानो बजने की स्पष्ट आवाजें सुनाई दीं। जब परिजनों ने ध्यान लगाकर सुना, तो वे दंग रह गए क्योंकि पियानो पर विश्वप्रसिद्ध संगीतकार चोपिन और बीथोवेन की अत्यंत जटिल और कालजयी शास्त्रीय धुनें बज रही थीं। आधी रात को इस तरह की धुनें सुनकर परिवार के लोग आश्चर्यचकित हो उठे कि इस पहर पियानो कौन बजा सकता है।
नीचे पहुंचे तो हैरान रह गए परिजन
आवाज की दिशा में जब परिवार के सदस्य ऊपरी मंजिल से नीचे पहुंचे, तो सामने का दृश्य देखकर वे अवाक रह गए। उनका वही चार से पांच साल का बेटा, जो ठीक से बात भी नहीं कर पाता था, पियानो के सामने बैठकर पूरी एकाग्रता के साथ उन महान संगीतकारों की धुनों को बिल्कुल सटीक अंदाज में बजा रहा था। जिस बच्चे की अभिव्यक्ति को लेकर माता-पिता निराश रहते थे, उसकी इस विलक्षण प्रतिभा ने सबको स्तब्ध कर दिया। इस घटना का समापन करते हुए अमिताभ बच्चन ने कंटेस्टेंट ऋषभ की हौसलाअफजाई की और उम्मीद जताई कि वे अपने कर्मों से समाज और राष्ट्र दोनों को नई प्रेरणा देंगे।



















