मंच से कथित अनुचित बयानबाजी के विवाद में घिरे रैपर और संगीतकार योयो हनी सिंह की कानूनी परेशानियां और गंभीर रूप लेती दिख रही हैं। राजधानी में आयोजित एक संगीत कार्यक्रम के दौरान की गई कथित विवादित टिप्पणियों को लेकर महाराष्ट्र साइबर ने उन्हें पुनः उपस्थित होने का आदेश थमाया है। एजेंसी ने उन्हें 16 अक्टूबर को जांच अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। इससे पहले भी जांच दल की ओर से कई समन जारी किए जा चुके थे, लेकिन वे सवालों के जवाब देने के लिए अधिकारियों के सामने हाजिर नहीं हुए।
लगातार अनुपस्थिति पर कड़े कानूनी कदम उठाने की तैयारी
बार-बार बुलावे के बावजूद जांच में शामिल न होने की स्थिति को देखते हुए अब कानूनी शिकंजा और कसने की रणनीति बनाई जा रही है। यदि वे इस निर्धारित तारीख पर भी जांच दल के सामने हाजिर नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने की विधिक प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। साइबर शाखा के एक अधिकारी के अनुसार, उन्हें 16 अक्टूबर की नई तारीख दी गई है। इससे पूर्व उन्हें तीन अलग-अलग मौकों पर समन भेजा गया था, परंतु वे हर बार गैरहाजिर रहे और अपनी बात रखने नहीं पहुंचे।
विदेश में होने का हवाला और पूर्व नोटिसों का ब्योरा
अधिकारियों के सामने अब तक न आने के पीछे रैपर के पक्ष की ओर से विदेशी दौरों और व्यस्तताओं का कारण बताया गया था। इसी आधार पर उन्होंने जांच दल से पेशी के लिए अतिरिक्त मोहलत की गुहार लगाई थी। इसी अनुरोध को ध्यान में रखते हुए एजेंसी ने उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने का एक और अंतिम अवसर प्रदान किया है। इस जांच की पृष्ठभूमि में सितंबर माह के दौरान भी औपचारिक सूचना भेजी गई थी। विशेष रूप से 14 सितंबर को प्रेषित पत्र को अंतिम चेतावनी करार देते हुए उन्हें 5 अक्टूबर को सुबह 11 बजे मुंबई के कफ परेड इलाके में स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के कार्यालय में बुलाया गया था। तय समय पर वे उपस्थित नहीं हुए और पुनः समय बढ़ाने का अनुरोध किया, जिसके बाद अब 16 अक्टूबर की नई समयसीमा निर्धारित की गई है।
मंच से वायरल वीडियो और माफी का घटनाक्रम
पूरा विवाद जनवरी 2026 में दिल्ली के एक लाइव कार्यक्रम के दौरान उपजा था। इस आयोजन की एक रिकॉर्डिंग इंटरनेट पर बड़े पैमाने पर प्रसारित हुई थी, जिसके बाद मंच से दिए गए उनके बयानों को लेकर व्यापक स्तर पर नाराजगी देखी गई। जनता के बीच उपजे असंतोष के उपरांत कलाकार ने एक वीडियो संदेश साझा कर अपनी बात रखी थी। अपने स्पष्टीकरण में उन्होंने रेखांकित किया कि प्रसारित की गई फुटेज को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया, जिससे गलतफहमी उत्पन्न हुई। उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनका मकसद किसी भी व्यक्ति की भावनाओं को आहत करना या किसी का अनादर करना बिल्कुल नहीं था।
औपचारिक शिकायत के बाद आरंभ हुई जांच
इस पूरे प्रकरण को लेकर एक शिकायतकर्ता ने साइबर पुलिस के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसी प्रार्थना पत्र को संज्ञान में लेते हुए एजेंसी ने औपचारिक पड़ताल शुरू की और संबंधित कलाकार को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजने का सिलसिला शुरू हुआ। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या वे आगामी तारीख पर जांच में सहयोग करेंगे या फिर जांच दल द्वारा उनके विरुद्ध कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया जाएगा।


















