भारतीय संगीत जगत के जाने-माने संगीतकार और गायक विशाल ददलानी अपना जन्मदिन मना रहे हैं। मुंबई के एक बेहद समृद्ध सिंधी परिवार में 28 जून 1973 को जन्मे विशाल का बचपन बांद्रा के पॉश इलाके में बीता था। उनके पिता मोती ददलानी निर्माण व्यवसाय से जुड़े एक सफल बिल्डर थे, जिसके कारण विशाल का शुरुआती जीवन सुख-सुविधाओं और ऐश्वर्य के बीच गुजरा। हालांकि, उन्होंने अपने पारिवारिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने के बजाय सुरों की दुनिया को गले लगाया और आगे चलकर बॉलीवुड के सबसे चहेते रॉकस्टार बनकर उभरे।
मां के सुरों से मिला संगीत का पहला पाठ और शुरुआती शिक्षा
विशाल ददलानी ने अपनी स्कूली शिक्षा हिल ग्रेंज हाई स्कूल से पूरी की और उसके बाद एचआर कॉलेज से कॉमर्स यानी वाणिज्य में अपनी स्नातक की डिग्री हासिल की। वैसे तो उनका पूरा परिवार व्यापारिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता था, लेकिन संगीत के प्रति उनकी रुचि बचपन से ही जाग गई थी। उन्हें संगीत का पहला ककहरा अपनी मां रेशमा ददलानी से सीखने को मिला। उनकी मां अक्सर घर में सुरीली आवाज में गुनगुनाया करती थीं और उनकी वही मीठी आवाज विशाल के मन में गहरी उतर गई। इसी प्रभाव ने उन्हें कला के इस क्षेत्र में कुछ नया और रचनात्मक करने के लिए प्रेरित किया था।
'पेंटाग्राम' बैंड और भारतीय इंडी रॉक में क्रांतिकारी कदम
साल 1994 में विशाल ददलानी ने 'पेंटाग्राम' नाम से एक भारतीय रॉक बैंड का गठन किया, जिसने देश के स्वतंत्र संगीत यानी इंडी रॉक के पूरे परिदृश्य को बदलकर रख दिया। वैकल्पिक रॉक से इलेक्ट्रॉनिक-रॉक की तरफ कदम बढ़ाते हुए इस बैंड ने साल 1996 में अपना पहला म्यूजिक एल्बम 'वी आर नॉट लिशनिंग' बाजार में उतारा था। कारगिल युद्ध के ऐतिहासिक घटनाक्रम के समय पेंटाग्राम ने मशहूर गीतकार जावेद अख्तर और प्रतिष्ठित शास्त्रीय गायक शंकर महादेवन के साथ मिलकर 'द प्राइस ऑफ बुलेट' नाम से एक विशेष गाना रिकॉर्ड किया। यह भारत का पहला ऐसा गाना था जिसे खास तौर पर इंटरनेट के लिए तैयार किया गया था।
राजनीतिक संवेदनशीलता और इसके तीखे विषय के चलते कई मुख्यधारा के टेलीविजन चैनलों ने इसे प्रसारित करने से मना कर दिया था। इसके बाद साल 2005 में इस बैंड ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की जब पेंटाग्राम UK के विश्व प्रसिद्ध 'ग्लास्टनबरी संगीत समारोह' में मंच साझा करने वाला पहला भारतीय बैंड बना। स्वतंत्र संगीतकारों और इंडी म्यूजिक को बड़ा मंच देने के इरादे से विशाल ददलानी ने साल 2002 में विजय नायर के साथ मिलकर 'ओनली मच लाउडर' (OML) नामक कंपनी की सह-स्थापना की। बाद में उन्होंने साल 2015 में अपना खुद का म्यूजिक लेबल 'VLT' (विशाल लाइक दिस) भी शुरू किया।
'विशाल-शेखर' की सुपरहिट जोड़ी और वैश्विक साझेदारी
साल 1999 में विशाल ददलानी ने संगीतकार शेखर रवजियानी के साथ मिलकर 'विशाल-शेखर' की मशहूर जोड़ी बनाई, जिसने बॉलीवुड संगीत के पारंपरिक तौर-तरीकों में आधुनिक और डिजिटल तकनीक का शानदार तड़का लगाया। साल 2003 में आई फिल्म 'झंकार बीट्स' की जबरदस्त सफलता ने इस जोड़ी को मुख्यधारा के सिनेमा में मजबूती से स्थापित कर दिया और उन्हें प्रतिष्ठित आरडी बर्मन पुरस्कार से नवाजा गया। पिछले दो दशकों के सफर में इस जोड़ी ने 'ओम शांति ओम' (2007) और 'टाइगर जिंदा है' (2017) जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए सदाबहार संगीत तैयार किया है। बॉलीवुड के अलावा विशाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने इमोजेन हीप, डिप्लो और द वैम्प्स जैसे विश्व प्रसिद्ध विदेशी कलाकारों के साथ संगीत सहयोग किया, जिससे भारतीय धुनों को दुनिया भर में एक नई पहचान मिली।
सिनेमा जगत को दिए कई ब्लॉकबस्टर गाने
विशाल ददलानी ने अपने करियर में कई चार्टबस्टर गाने दिए हैं जो आज भी लोगों की जुबान पर चढ़े रहते हैं। उनके सुपरहिट गानों की सूची में 'ओम शांति ओम' का रोमांटिक गीत 'अजब सी', फिल्म 'तलाश' का 'जी ले जरा', 'तीस मार खां' का धमाकेदार डांस नंबर 'शीला की जवानी', और 'रा.वन' का ग्लोबल हिट 'छम्मक छल्लो' शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने 'वॉर' फिल्म के लोकप्रिय गाने 'जय जय शिवशंकर' और 'घुंघरू', 'पठान' फिल्म के ब्लॉकबस्टर गाने 'झूमे जो पठान', 'सुल्तान' के 'बेबी को बेस पसंद है', 'आई हेट लव स्टोरीज़' के सुरीले गीत 'बिन तेरे' और 'तारा रम पम' के एनर्जेटिक गाने 'बॉयज आर बैक' को भी अपनी आवाज और धुनों से सजाया है।
निजी जीवन के उतार-चढ़ाव और रियलिटी शो का सफर
संगीत की दुनिया में बड़ी सफलताएं हासिल करने वाले विशाल का व्यक्तिगत जीवन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने साल 1999 में प्रियाली कपूर के साथ शादी की थी। हालांकि, आपसी मतभेदों के चलते साल 2017 में दोनों ने रजामंदी से तलाक ले लिया और अलग हो गए। इसके बावजूद दोनों परिवारों के बीच आज भी बेहद सम्मानजनक और मधुर रिश्ते बने हुए हैं। फिलहाल, 53 वर्षीय विशाल ददलानी छोटे पर्दे के मशहूर सिंगिंग रियलिटी शो 'इंडियन आइडल 16' में मुख्य जज के रूप में दिखाई दे रहे हैं। वह अपने संगीत जोड़ीदार शेखर रवजियानी के साथ देश और दुनिया के अलग-अलग कोनों में लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट और स्टेज शो करने में भी लगातार व्यस्त रहते हैं। विशाल ने 'इंडियन आइडल' के मंच पर बतौर जज अपने सफर की शुरुआत साल 2018 में इसके सीजन 10 से की थी, हालांकि कुछ सीजन्स के दौरान उन्होंने शो से ब्रेक भी लिया था।













