सिनेमाघरों में अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी वाली सस्पेंस थ्रिलर फिल्म 'हैवान' टिकट खिड़की पर दर्शकों को आकर्षित करने में पूरी तरह असफल साबित हो रही है। जाने-माने निर्देशक प्रियदर्शन के निर्देशन में तैयार हुई यह परियोजना शुरुआती दिन से ही रफ्तार पकड़ने के लिए संघर्ष करती दिखी। शुक्रवार को लगभग 3 करोड़ रुपये की बेहद सुस्त शुरुआत करने के बाद फिल्म को नकारात्मक समीक्षाओं और बेहद कमजोर जनप्रचार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते सामान्य कार्यदिवसों में इसकी कमाई लगभग ठहर गई है।
शुरुआती वीकेंड से लेकर बुधवार तक टिकट खिड़की का हाल
फिल्म ने अपने पहले तीन दिनों यानी वीकेंड के दौरान जैसे-तैसे 7.35 करोड़ रुपये का शुद्ध घरेलू कारोबार किया था। इसके तुरंत बाद सोमवार के परीक्षण में फिल्म पूरी तरह विफल रही। कार्यदिवस शुरू होते ही मंडे को घरेलू संग्रह घटकर महज 70 लाख रुपये रह गया। मंगलवार को भी सिनेमाघरों में दर्शकों की उपस्थिति में कोई सुधार नहीं दिखा और कमाई का आंकड़ा उसी निम्न स्तर पर बना रहा। इसके बाद छठे दिन यानी बुधवार को स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई, जब दैनिक संग्रह गिरकर केवल 55 लाख रुपये के आंकड़े पर सिमट गया।
घरेलू और विदेशी बाजार में कुल कारोबार
लगातार छह दिनों की गिरावट के चलते 'हैवान' का भारत में अब तक का कुल शुद्ध संग्रह केवल 9.30 करोड़ रुपये तक ही पहुंच सका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फिल्म को विदेशी दर्शकों से कोई खास समर्थन नहीं मिला है। ओवरसीज सर्किट में यह फिल्म अब तक कुल मिलाकर 3.25 करोड़ रुपये ही जुटा पाई है। यदि दुनिया भर के सभी क्षेत्रों के सकल संग्रह को एक साथ देखा जाए, तो फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कारोबार लगभग 14.36 करोड़ रुपये पर अटका हुआ है।
लागत के मुकाबले भारी घाटे की स्थिति
फिल्म निर्माताओं ने आधिकारिक रूप से उत्पादन और प्रचार के कुल खर्च का कोई सार्वजनिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। फिर भी उद्योग से जुड़े अनुमानों के अनुसार फिल्म का निर्माण बजट 100 करोड़ से 115 करोड़ रुपये के दायरे में आंका गया है। सौ करोड़ से अधिक के भारी भरकम खर्च की तुलना में दुनिया भर में केवल 14 करोड़ रुपये का कुल ग्रॉस कारोबार यह दर्शाता है कि फिल्म व्यावसायिक दृष्टिकोण से एक बहुत बड़ी असफलता की श्रेणी में दर्ज हो चुकी है।
कहानी का ताना-बाना और मुख्य कलाकार
फिल्म की मुख्य पटकथा श्याम नाम के एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जिसका किरदार सैफ अली खान ने निभाया है। श्याम एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में मेंटेनेंस मैनेजर के पद पर कार्यरत है और वह देखने में असमर्थ यानी दृष्टिहीन है। सामान्य दिनचर्या अचानक तब खौफनाक मोड़ ले लेती है जब वहां परशुराम नामक एक हिंसक सीरियल किलर का आगमन होता है, जिसे अक्षय कुमार ने पर्दे पर उतारा है। परशुराम के भीतर केवल प्रतिशोध की ज्वाला जल रही है। वह सबसे पहले जज प्रधान की हत्या कर देता है, जिसकी भूमिका बोमन ईरानी ने निभाई है। हत्यारे का मानना है कि जज ने अतीत में उसे एक झूठे मुकदमे में गलत तरीके से फंसाकर सजा सुनाई थी।
प्रतिशोध का खेल और महत्वपूर्ण भूमिकाएं
जज की जान लेने के बाद परशुराम का अगला लक्ष्य उनकी बेटी नंदिनी बनती है। इस साजिश में सबसे बड़ा मोड़ यह है कि नंदिनी किस गुप्त स्थान पर सुरक्षित छिपी है, इसकी जानकारी केवल दृष्टिहीन श्याम को होती है। इसके बाद एक शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति और एक हथियारबंद सनकी हत्यारे के बीच चतुराई और साहस का सीधा मुकाबला शुरू होता है। इस थ्रिलर कथा में श्रिया पिलगांवकर और सैयामी खेर ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं, जबकि मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल एक खास कैमियो दृश्य में दिखाई देते हैं।


















