बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने देर रात अपने पिता सलीम खान के साथ कुछ नई तस्वीरें सोशल मीडिया मंच पर साझा की हैं, जिनकी चर्चा हर तरफ हो रही है। इन तस्वीरों में पिता और पुत्र की आत्मीयता साफ नजर आ रही है। दोनों ही हस्तियां वेस्टर्न काउबॉय हैट लगाए हुए काफी सहज मुद्रा में दिखाई दे रही हैं। तस्वीर में वरिष्ठ पटकथा लेखक सलीम खान एक कुर्सी पर आराम फरमा रहे हैं, जबकि उनके ठीक पीछे अभिनेता मजबूती से खड़े हैं। इस पारिवारिक झलक के साथ साझा किए गए दिलचस्प शब्दों ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
देर रात के पोस्ट में दिखा अनोखा अंदाज
यह तस्वीर रात के करीब एक बजे साझा की गई। इसके साथ लिखे गए संदेश में उन्होंने अपने पिता की उम्र 91 साल का उल्लेख करते हुए पश्चिमी शैली के अभिवादन हावडी पार्टनर का उपयोग किया। उन्होंने आगे लिखा कि इस वक्त सोचते हुए यह अहसास होता है कि पिता का स्थान कोई दूसरा नहीं ले सकता। संदेश के अंत में उन्होंने अपने पिता को असली मॉन्स्टर बताते हुए लिखा कि हमारे पिता में पूरा दम है और वंदे मातरम का नारा जोड़ा। उनके प्रशंसकों ने इस अनोखे अंदाज को खूब सराहा और कई लोगों ने अभिनेता को मजाकिया अंदाज में यह भी पूछा कि उन्हें ऐसे ख्याल अक्सर रात एक बजे ही क्यों सूझते हैं।
नई पैन-इंडिया परियोजना को लेकर तेज हुईं अटकलें
इस संदेश में इस्तेमाल किए गए शब्द की वजह से सिनेमा प्रेमियों के बीच उनकी आने वाली परियोजना को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है। कई प्रशंसकों का मानना है कि अभिनेता ने इस पारिवारिक तस्वीर के बहाने अपनी नई फिल्म मॉन्स्टर की ओर इशारा किया है। इस फिल्म का निर्देशन वम्शी पैडीपल्ली द्वारा किया जा रहा है और फिलहाल इसे एसवीसी63 के कार्यकारी शीर्षक के तहत तैयार किया जा रहा है। यह एक बड़े बजट की बहुभाषी फिल्म होगी, जिसमें मुख्य अभिनेता के अलावा नयनतारा, जैकी श्रॉफ तथा रोनित रॉय जैसे प्रसिद्ध कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
मातृभूमि को मिला सेंसर प्रमाण पत्र
इसके समानांतर अभिनेता की एक और बहुप्रतीक्षित परियोजना मातृभूमि को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिली है। इस फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। यह फिल्म वर्ष 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हुए सैन्य टकराव की घटनाओं की पृष्ठभूमि पर आधारित है। शुरुआत में इस परियोजना को बैटल ऑफ गलवान नाम दिया गया था, जिसे बाद में बदलकर मातृभूमि किया गया। यह फिल्म मौजूदा वर्ष के नवंबर महीने तक सिनेमाघरों में दर्शकों के सामने पेश की जा सकती है।



















