राष्ट्रीय राजधानी और इसके उपनगरीय इलाकों के वायुमंडल ने पंद्रह अक्टूबर की सुबह एक नाटकीय करवट ली। दिन की शुरुआत चमकदार धूप और साफ आसमान के साथ हुई थी, परंतु घड़ी में दस बजते ही वातावरण पूरी तरह बदल गया। घने भूरे बादलों ने सूरज को ढंक लिया और चारों तरफ फैली धुंधली परत के भीतर गगनचुंबी इमारतें ओझल होने लगीं। कई जगहों पर हल्की फुहारें गिरीं, जिससे हवा में ठंडक घुलने लगी। इस मौसमी उथल-पुथल के बीच मौसम विज्ञानियों ने गुरुवार के लिए भी हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा का आकलन पेश किया है।
नवरात्रि पर्व के पांचवें दिन महसूस हुआ यह बदलाव केवल बादलों के जमघट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाले दिनों के मौसमी मिजाज का स्पष्ट संकेत भी दे रहा है। स्थानीय मौसम केंद्र के मुताबिक पंद्रह अक्टूबर को दिनभर बादलों की आवाजाही जारी रहने और मध्यम बारिश पड़ने के पूरे आसार हैं। इसके ठीक अगले दिन, यानी सोलह अक्टूबर को तेज गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। आसमान में छाए इन बादलों और संभावित बरसात से वातावरण में मौजूद धूल व सूक्ष्म कण नीचे बैठ सकते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में तात्कालिक सुधार देखने को मिल सकता है।
तापमान का उतार-चढ़ाव और रात की ठंडक का आगाज
पंद्रह अक्टूबर के दिन अधिकतम पारा उनतीस डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमटे रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम पारा बीस डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है। इस दौरान वातावरण में नमी का दायरा पैंसठ से पचासी प्रतिशत के बीच बना रहेगा। मध्यम स्तर की वर्षा के अनुमान के बावजूद इस दिन के लिए किसी भी तरह की कठोर चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसके विपरीत, सोलह अक्टूबर को मौसम का मिजाज अधिक तीखा रह सकता है, जब दिन का तापमान तो उनतीस डिग्री सेल्सियस रहेगा, लेकिन रात का पारा गिरकर अठारह डिग्री सेल्सियस पर आ जाएगा।
रात के वक्त तापमान में होने वाली इस दो डिग्री की अतिरिक्त गिरावट के चलते तड़के और देर रात के समय गुलाबी सर्दी का अहसास काफी गहरा जाएगा। गरज के साथ होने वाली बरसात इस ठंडक को और मजबूती देगी। इसके उपरांत, सत्रह अक्टूबर को आसमान में आंशिक रूप से बादलों का डेरा रहेगा, जहां दिन का पारा चढ़कर बत्तीस डिग्री और रात का तापमान इक्कीस डिग्री सेल्सियस तक जाने की बात कही गई है। अठारह अक्टूबर को स्थिति और साफ होगी, जब अधिकतम तापमान तैंतीस डिग्री और न्यूनतम बीस डिग्री सेल्सियस रहने के साथ आसमान मुख्य तौर पर धूपदार रहेगा। उन्नीस और बीस अक्टूबर को भी यही प्रवृत्ति बनी रहेगी, जहां दोनों दिन अधिकतम तापमान तैंतीस डिग्री और न्यूनतम पारा उन्नीस डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की संभावना है। यानी आने वाले दिनों में दोपहर के वक्त हल्की गर्मी बनी रहेगी, जबकि रात और भोर का वक्त सुहावना और ठंडा महसूस होगा।
हवा की गुणवत्ता पर बढ़ता दबाव और इलाकों की स्थिति
मौसम के इस बदलाव के बीच समूचे क्षेत्र की हवा लगातार जहरीली होती दिख रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रातः कालीन नौ बजे के आंकड़ों में शहर का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक एक सौ पैंसठ मापा गया, जिसे आधिकारिक तौर पर मध्यम श्रेणी में वर्गीकृत किया जाता है। मान्य पैमानों के अनुसार, शून्य से पचास तक की संख्या को अच्छा, इक्यावन से सौ को संतोषजनक, एक सौ एक से दो सौ को मध्यम, दो सौ एक से तीन सौ को खराब, तीन सौ एक से चार सौ को बहुत खराब और चार सौ एक से पांच सौ के दायरे को गंभीर माना जाता है।
नोएडा के चार सक्रिय परीक्षण केंद्रों से सामने आए आंकड़े बताते हैं कि प्रदूषण का दबाव तेजी से गहरा रहा है। सेक्टर एक सौ पच्चीस में सूचकांक एक सौ तिरानवे दर्ज हुआ, जबकि सेक्टर बासठ में यह आंकड़ा एक सौ इक्यानवे तक पहुंच गया। वहीं सेक्टर एक में एक सौ तीस और सेक्टर एक सौ सोलह में एक सौ चालीस का स्तर देखा गया। गाजियाबाद के विभिन्न इलाकों में तो स्थिति और भी चिंताजनक रूप ले चुकी है। जहां गोविंदपुरम में सूचकांक अड़तीस के संतोषजनक स्तर पर रहा, वहीं इंदिरापुरम में एक सौ पचानवे, वसुंधरा में एक सौ नवासी और वेव सिटी में दो सौ का स्तर दर्ज किया गया। सबसे विकट हालात लोनी में दो सौ अठहत्तर, संजय नगर में दो सौ चौबीस और वेद विहार लोनी में दो सौ तीस के साथ खराब श्रेणी में पहुंच गए हैं।
राजधानी के भीतरी केंद्रों की पड़ताल भी राहत भरी नहीं है। पूसा डीपीसीसी केंद्र पर एक सौ बासठ का आंकड़ा रहा, जबकि पूसा आईआईटीएम में यह बढ़कर दो सौ बारह दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त आरके पुरम में दो सौ अठारह, रोहिणी में दो सौ नौ, सिरीफोर्ट में दो सौ सत्रह और सोनिया विहार में दो सौ अड़तालीस का स्तर दर्ज किया गया, जो सभी खराब हवा के दायरे में आते हैं। शादीपुर में एक सौ बाईस और श्री अरबिंदो मार्ग पर एक सौ बत्तीस का स्तर दर्ज हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी बारिश से धूल के भारी कण धुल सकते हैं, जिससे कुछ वक्त के लिए सांस लेना आसान होगा, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।





















