उत्तराखंड के ऋषिकेश के समीप एक रिसॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी के माता-पिता ने केंद्र सरकार के सामने एक कड़ी मांग रखी है. सितंबर 2022 में अपनी बेटी को खो चुके इस परिवार ने बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्त किए जाने का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने शासन को 24 घंटे का समय देते हुए यह फैसला तुरंत वापस लेने की मांग उठाई है, साथ ही स्पष्ट किया है कि मांग पूरी न होने की सूरत में आंदोलन को पूरे देश में विस्तार दिया जाएगा.
इंडिया गेट पर विरोध के बाद भूख हड़ताल का संकल्प
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर रात भर चले धरने के बाद अंकिता के परिजनों ने अपना पक्ष रखा. अंकिता की मां ने साफ कहा कि जब तक इस नियुक्ति को रद्द नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष थमेगा नहीं. उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि प्रशासन उन्हें सार्वजनिक धरना स्थल पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति नहीं देता है, तो वे पीछे हटने के बजाय अपने घर के भीतर ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर देंगी.
अल्टीमेटम और देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी
अंकिता के पिता ने इस मुद्दे पर सीधा रुख अपनाते हुए 24 घंटे की समयसीमा निर्धारित की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर सिक्किम के राज्यपाल के रूप में दुष्यंत कुमार की नियुक्ति निरस्त नहीं की गई, तो देशभर के नागरिक सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएंगे. उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी परिस्थिति बनने पर उत्पन्न होने वाले जनआक्रोश की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी.





















