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गणपति बप्पा और एक बच्चे की दोस्ती दिखाने वाली फिल्म का टाइटल ट्रैक आज भी गणेशोत्सव में बजता हैबॉलीवुड
6 सित॰ 2026, 1:44 pm (52 दिन पहले)· 3

गणपति बप्पा और एक बच्चे की दोस्ती दिखाने वाली फिल्म का टाइटल ट्रैक आज भी गणेशोत्सव में बजता है

साल 2007 में आई फिल्म ओ माय फ्रेंड गणेशा का टाइटल ट्रैक आज भी गणेश चतुर्थी पर उतना ही पसंद किया जाता है जितना रिलीज के वक्त था। मास्टर श्रवण सुरेश की आवाज में गाया यह गाना भक्ति और दोस्ती का अनोखा मेल है।

बॉलीवुड में बच्चों को केंद्र में रखकर बनी कुछ फिल्में सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं रहतीं, बड़े भी उन्हें उतने ही चाव से देखते हैं। भूतनाथ, कृष्णा और चिल्लर पार्टी जैसी फिल्में इसी की मिसाल हैं जो हर त्योहार और सेलिब्रेशन में लोगों की पसंदीदा बन गईं। साल 2007 में रिलीज हुई ओ माय फ्रेंड गणेशा इसी फेहरिस्त की एक और फिल्म है, जो आज भी हर जेन-Z को अपने बचपन के दिनों में ले जाती है।

बप्पा और एक बच्चे की अनोखी दोस्ती

फिल्म की कहानी एक ऐसे बच्चे पर आधारित है जो अपनी तकलीफों और तनहाई से जूझ रहा है। तभी भगवान गणेश उसकी जिंदगी में एक दोस्त की तरह दाखिल होते हैं और उसकी पूरी दुनिया बदल जाती है। इस फिल्म ने गणेश जी को सिर्फ पूजा जाने वाले भगवान के तौर पर नहीं दिखाया, बल्कि एक ऐसे साथी के रूप में पेश किया जो बच्चों के साथ खेलता है, उनकी बात सुनता है और मुश्किल वक्त में उनका हाथ थामे रखता है। यही वजह है कि यह कहानी छोटे और बड़े, दोनों तरह के दर्शकों को अपने साथ जोड़ पाई।

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गाने की मासूमियत ने जीता था दर्शकों का दिल

फिल्म की कहानी जितनी दिल छू लेने वाली थी, उसके गाने भी उतने ही खास थे। संगीत कुछ इस तरह कहानी से गुंथा हुआ था कि गाने कभी फिल्म से अलग महसूस ही नहीं होते थे। भक्ति, दोस्ती, मासूमियत और बचपन की शरारतें, इन तमाम भावनाओं को गानों में बड़ी खूबसूरती से पिरोया गया था। ओ माय फ्रेंड गणेशा का टाइटल सॉन्ग भी सिर्फ भक्ति भाव तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें एक बच्चे की मासूमियत और उसके प्यार भरे रिश्ते की झलक भी साफ नजर आती थी।

भक्ति के साथ दोस्ती का रंग

आमतौर पर गणपति बप्पा पर बने गाने पूरी तरह भक्ति के रंग में डूबे होते हैं, लेकिन इस फिल्म के गानों ने कुछ अलग करने की कोशिश की। इसमें बप्पा के प्रति आस्था के साथ-साथ दोस्ती का भाव भी बराबर जगह पाता था, यही वजह है कि यह फिल्म बाकी भक्ति गीतों से अलग खड़ी दिखती थी। बच्चों की मासूम दुनिया और भगवान गणेश की भक्ति को एक साथ जोड़ने का यह प्रयोग ही इस फिल्म और इसके संगीत की सबसे बड़ी खासियत बन गया।

टाइटल ट्रैक को आवाज देने वाली टीम

2007 में आई इस बच्चों की फिल्म का टाइटल ट्रैक, जो 1 घंटे 44 मिनट लंबी है, मास्टर श्रवण सुरेश ने गाया था। इस गाने का संगीत समीर फटेरकर ने तैयार किया है, जबकि इसके बोल सुधाकर शर्मा की कलम से निकले हैं। मास्टर श्रवण सुरेश की आवाज में गाया गया यह गाना सालों बाद भी लोगों के बीच उतना ही लोकप्रिय है। श्रवण सुरेश सिर्फ इसी फिल्म तक सीमित नहीं रहे, उन्होंने पा, ता रा रम पम और भूतनाथ जैसी फिल्मों के गानों को भी अपनी आवाज दी है, जो खुद बच्चों से जुड़ी मशहूर फिल्में रही हैं।

यही कारण है कि हर साल गणेश चतुर्थी के मौके पर यह गाना एक बार फिर लोगों की प्लेलिस्ट में लौट आता है। जिन दर्शकों ने बचपन में यह फिल्म सिनेमाघर या टीवी पर देखी थी, उनके लिए यह टाइटल ट्रैक आज भी उसी मासूमियत और उन्हीं यादों को ताजा कर देता है।

सवाल-जवाब

फिल्म ओ माय फ्रेंड गणेशा कब रिलीज हुई थी?
यह फिल्म साल 2007 में रिलीज हुई थी।
फिल्म की कहानी किस पर आधारित है?
यह एक बच्चे और भगवान गणेश के बीच बनी अनोखी दोस्ती पर आधारित है।
फिल्म के टाइटल ट्रैक को आवाज किसने दी है?
यह गाना मास्टर श्रवण सुरेश ने गाया है।
गाने का संगीत किसने तैयार किया है?
गाने का संगीत समीर फटेरकर ने कंपोज किया है।
गाने के बोल किसने लिखे हैं?
गाने के बोल सुधाकर शर्मा ने लिखे हैं।
फिल्म की लंबाई कितनी है?
फिल्म की लंबाई 1 घंटे 44 मिनट है।
श्रवण सुरेश ने और किन फिल्मों के गाने गाए हैं?
उन्होंने पा, ता रा रम पम और भूतनाथ जैसी फिल्मों के गाने भी गाए हैं।
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