चार दशक पहले नागिन थीम पर बनी कई फिल्मों ने बॉलीवुड में धूम मचाई थी, और उनके गाने आज भी उतनी ही चाहत से सुने जाते हैं। इन्हीं में सबसे चमकदार नाम है साल 1986 में आई फिल्म 'नगीना'। इसका गाना 'बलमा तुम बलमा हो मेरे खाली' अपनी अनोखी धुन और भावुक बोलों के चलते आज भी सुनते ही लोगों को झुमा देता है। पर्दे पर श्रीदेवी की जादुई अदाकारी और ऋषि कपूर के साथ उनकी केमिस्ट्री ने इस फिल्म को उस दौर की सबसे कामयाब फिल्मों में शुमार करा दिया था।
इच्छाधारी रजनी की प्रेम और बदले की कहानी
हरमेश मल्होत्रा के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी एक इच्छाधारी नागिन रजनी के इर्द-गिर्द बुनी गई थी, जिसका किरदार श्रीदेवी ने निभाया। अपने साथी नाग की मौत का बदला लेने के इरादे से रजनी इंसानी रूप धरकर दुनिया में उतरती है। यहीं उसकी मुलाकात एक धनी खानदान के वारिस राजीव से होती है, जिसका किरदार ऋषि कपूर ने निभाया। दोनों के बीच प्यार पनपता है और बात शादी तक पहुंच जाती है। मगर असली मोड़ तब आता है जब भैरोनाथ नाम का एक तांत्रिक नागमणि हासिल करने की चाह में राजीव के पूरे परिवार को अपना मोहरा बना लेता है और रजनी की असलियत सबके सामने लाने पर आमादा हो जाता है।
दमदार कलाकारों की टोली ने भरी जान
इस फिल्म की कामयाबी के पीछे इसकी मजबूत स्टारकास्ट का बड़ा योगदान था। श्रीदेवी और ऋषि कपूर की जोड़ी के अलावा अमरीश पुरी ने सपेरे भैरोनाथ का किरदार कुछ इस अंदाज में निभाया कि दर्शकों की रूह कांप उठी थी, उनकी खौफनाक अदाकारी को आज भी याद किया जाता है। इनके साथ सुषमा सेठ, प्रेम चोपड़ा और जगदीप जैसे मंझे हुए कलाकारों ने भी अपने किरदारों से फिल्म को और धार दी।
आनंद बक्शी के बोल और सुरों की जादूगरी
दिग्गज गीतकार आनंद बक्शी ने इस गाने के बोल इतनी सादगी और नटखटपन से गढ़े कि प्रेम की बेचैनी सीधे दिल में उतर जाती है। संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इसे मधुर धुन से सजाया, तो गायिका कविता कृष्णमूर्ति की सुरीली आवाज ने इसमें जान फूंक दी। यही वजह रही कि जब कैमरे के सामने श्रीदेवी नागिन की तरह बलखाती नजर आईं, तो पर्दे पर मौजूद राजीव यानी ऋषि कपूर से लेकर हॉल में बैठे दर्शक तक, हर कोई टकटकी लगाए देखता रह गया।
महज डेढ़ करोड़ में बनी, कमाई हुई करोड़ों में
'नगीना' को बनाने में करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। रिलीज होते ही इस फैंटेसी-थ्रिलर ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया। भारत में इसने 4.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, जबकि दुनियाभर में इसकी कुल कमाई का आंकड़ा 9 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा। उस दौर के लिहाज से ये आंकड़े बेहद बड़े माने जाते थे। नतीजा यह रहा कि साल 1986 की यह दूसरी सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म बन गई। इसी शानदार कामयाबी और गानों की जबरदस्त लोकप्रियता ने श्रीदेवी को रातोंरात बॉलीवुड की पहली लेडी सुपरस्टार के सिंहासन पर बिठा दिया।



















