रोज़ सुबह वही पोहा, पराठा या ब्रेड खाकर बोर हो चुके लोग नाश्ते में कुछ अलग तलाशते हैं, तो चुकंदर और मूंग दाल से बना ढोकला एक अच्छा विकल्प बन सकता है. यह डिश खाने में जितनी हल्की है, दिखने में उतनी ही आकर्षक भी है. चुकंदर इसे प्राकृतिक गुलाबी रंग देता है, जबकि पीली मूंग दाल इसे प्रोटीन से भरपूर बनाती है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने में बहुत ही कम तेल लगता है, इसलिए इसे हल्के और सेहतमंद नाश्ते के तौर पर आराम से रोज़ाना की डाइट में शामिल किया जा सकता है. इसका गुलाबी रंग और नरम बनावट इसे बच्चों के टिफिन से लेकर मेहमानों के सामने परोसने तक, हर मौके के लिए खास बना देती है.
ढोकला बनाने के लिए किन चीज़ों की ज़रूरत होगी
इस रेसिपी के लिए 1 कप पीली मूंग दाल, आधा छोटा चुकंदर, 1-2 हरी मिर्च, थोड़ी अदरक, स्वादानुसार नमक, आधा कप दही और जरूरत के हिसाब से पानी लिया जाता है. बैटर को अच्छी तरह फुलाने के लिए इसमें 1 छोटा चम्मच ईनो या फ्रूट सॉल्ट मिलाया जाता है. ऊपर से लगाए जाने वाले तड़के के लिए 1 छोटा चम्मच तेल, राई यानी सरसों के दाने, करी पत्ता और कुछ हरी मिर्च चाहिए होते हैं. तैयार ढोकले को परोसने से पहले ताज़ा धनिया और कद्दूकस किया हुआ नारियल डालकर सजाया जा सकता है, जिससे इसका स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं.
दाल भिगोने से लेकर बैटर तैयार करने तक
सबसे पहले पीली मूंग दाल को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और करीब 3-4 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें. तय समय के बाद दाल का पानी निकाल दें और इसे अदरक तथा हरी मिर्च के साथ मिक्सी में पीस लें, इसे कितना बारीक या दरदरा पीसना है, यह अपनी पसंद पर छोड़ा जा सकता है. पिसी हुई दाल में दही और स्वादानुसार नमक मिलाकर अच्छी तरह फेंट लिया जाता है, ताकि बैटर एकसार बन जाए.
इसके बाद चुकंदर को छीलकर छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है और थोड़ा पानी डालकर इसे भी बारीक पीस लिया जाता है. यह चुकंदर की प्यूरी अब मूंग दाल के घोल में मिला दी जाती है. ज़रूरत के हिसाब से थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए बैटर को ऐसी गाढ़ाई में लाया जाता है कि वह न तो बहुत पतला हो और न ही बहुत गाढ़ा. बैटर तैयार होने के बाद उसे कुछ देर के लिए ऐसे ही रखा रहने दिया जाता है, ताकि सारी सामग्री आपस में अच्छी तरह घुल-मिल जाए.
स्टीम करने और तड़का लगाने का तरीका
ढोकला बनाने से ठीक पहले बैटर में ईनो डालकर उसे हल्के हाथों से मिलाया जाता है, ताकि उसमें बना झाग बना रहे और ढोकला अच्छी तरह फूल सके. इसके बाद किसी ट्रे या ढोकला प्लेट पर हल्का तेल लगाकर उसे चिकना कर लिया जाता है और उसमें यह बैटर डाला जाता है. स्टीमर में पानी गर्म करके उसमें यह प्लेट रखी जाती है और करीब 15-20 मिनट तक इसे भाप में पकाया जाता है. यह पका है या नहीं, यह जांचने के लिए चाकू या टूथपिक को बीच में डालकर देखा जा सकता है, अगर वह साफ बाहर निकल आए तो समझ लीजिए कि ढोकला पककर तैयार हो चुका है.
आखिर में एक छोटे पैन में तेल गर्म किया जाता है, जिसमें राई, करी पत्ता और हरी मिर्च डालकर तड़का तैयार किया जाता है. यह गरमागरम तड़का पके हुए ढोकले के ऊपर डाला जाता है, जिससे उसमें एक अलग ही खुशबू और कुरकुरापन आ जाता है. इसके बाद ढोकले को मनचाहे आकार के टुकड़ों में काटकर हरी चटनी या दही के साथ गरमागरम परोसा जा सकता है.


















