भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित मंच 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का भव्य आयोजन 22 सितंबर को गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में शुरू हो रहा है। इतिहास में पहली बार यह प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह देश की राजधानी नई दिल्ली से बाहर आयोजित किया जा रहा है। विश्व प्रसिद्ध स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की भव्य पृष्ठभूमि में आयोजित इस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। यह पूरा समारोह वर्ष 2024 के दौरान प्रदर्शित हुई फिल्मों की कलात्मकता, निर्देशन और तकनीकी कौशल को समर्पित है। दोपहर 3 बजे से शुरू होने वाले इस जलसे में भारतीय सिनेमा के कई बड़े चेहरे, तकनीकी विशेषज्ञ और निर्देशक हिस्सा ले रहे हैं।
राजधानी से बाहर पहला आयोजन और भव्य मंच
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के दशकों लंबे इतिहास में यह पहला अवसर है जब इस समारोह को नई दिल्ली के विज्ञान भवन जैसे पारंपरिक परिसरों से दूर एक नए और ऐतिहासिक स्थल पर लाया गया है। केवड़िया के एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की विशाल प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के साये में यह सांस्कृतिक समागम भारतीय विविधता और रचनात्मकता का जश्न मना रहा है। समारोह में फीचर फिल्मों के अलावा गैर फीचर फिल्मों और सिनेमा से जुड़े विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले रचनाकारों को भी मंच पर सम्मानित किया जा रहा है। विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रीय सिनेमा की बेहतरीन कृतियों का संगम इस बार के आयोजन की मुख्य पहचान बनकर उभरा है।
सिनेमा प्रेमियों के लिए इस ऐतिहासिक समारोह को देखना बेहद आसान बनाया गया है। जो दर्शक गुजरात के इस समारोह में प्रत्यक्ष उपस्थित नहीं हो सके, उनके लिए डीडी नेशनल के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर दोपहर 3 बजे से पूरे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण उपलब्ध कराया गया है। इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए देशभर के दर्शक घर बैठे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के हर महत्वपूर्ण क्षण और सम्मान वितरण के साक्षी बन सकते हैं।
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान: कार्तिक आर्यन और मामूटी के बीच साझा जीत
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अभिनय की सबसे बड़ी श्रेणी यानी सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार इस बार संयुक्त रूप से दो सशक्त कलाकारों को दिया गया है। बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन को उनकी स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में निभाए गए ऐतिहासिक और प्रेरणादायक किरदार के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया है। वहीं, दिग्गज मलयालम अभिनेता मामूटी ने ब्लैक एंड व्हाइट हॉरर थ्रिलर फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ में अपने अद्भुत और रहस्यमयी अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किया है।
समारोह में भाग लेने के लिए केवड़िया पहुंचे कार्तिक आर्यन ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा करने के बाद अपनी इस उपलब्धि पर गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ‘चंदू चैंपियन’ के लिए अपना पहला राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करना उनके और उनके परिवार के लिए जीवन का बेहद भावुक और यादगार क्षण है। उन्होंने साझा किया कि पैरालंपियन मुरलीकांत पेटकर के जीवन संघर्ष पर आधारित इस प्रेरणादायक कहानी को पर्दे पर उतारना और देश के दर्शकों का प्यार पाना उनके करियर की सबसे बड़ी संतुष्टि रही है। अभिनेता ने इस सम्मान के लिए ज्यूरी और सिनेमा दर्शकों का हृदय से आभार जताया।
‘आर्टिकल 370’ का दबदबा और यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री
समीक्षकों और दर्शकों के बीच चर्चित रही फिल्म ‘आर्टिकल 370’ ने इस वर्ष के राष्ट्रीय पुरस्कारों में बड़ी सफलता हासिल की है। आदित्य सुहास जांभले के निर्देशन में तैयार हुई ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है। राजनीतिक और संवैधानिक घटनाओं के संवेदनशील ताने बाने पर बनी इस फिल्म ने अपनी मजबूत पटकथा और तकनीकी बारीकियों से चयन समिति को प्रभावित किया।
इसी फिल्म में अपने दमदार और संयमित अभिनय के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया है। फिल्म में प्रियामणि ने भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसे व्यापक सराहना मिली थी। सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री दोनों श्रेणियों में जीत दर्ज करके ‘आर्टिकल 370’ ने इस वर्ष के पुरस्कारों में अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी है।
‘कल्कि 2898 एडी’ को संपूर्ण मनोरंजन और राजकुमार पेरियासामी सर्वश्रेष्ठ निर्देशक
लोकप्रिय सिनेमा की श्रेणी में नाग अश्विन द्वारा निर्देशित साइंस फिक्शन महाकाव्य ‘कल्कि 2898 एडी’ ने बाजी मारी है। इस फिल्म को संपूर्ण मनोरंजन प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म का पुरस्कार मिला है। प्रभास, दीपिका पादुकोण, अमिताभ बच्चन और कमल हासन जैसे दिग्गज सितारों से सजी इस फिल्म ने भारतीय पौराणिक कथाओं और भविष्यवादी विज्ञान को एक साथ लाकर सिनेमाघरों में जबरदस्त प्रभाव छोड़ा था।
वहीं, सर्वश्रेष्ठ निर्देशन की श्रेणी में राजकुमार पेरियासामी को उनकी जीवनी आधारित युद्ध ड्रामा फिल्म ‘अमरन’ के लिए सम्मानित किया गया है। शिवकार्तिकेयन और साई पल्लवी के मुख्य अभिनय वाली यह फिल्म भारतीय सेना के जांबाज शहीद मेजर मुकुंद वरदराजन के अदम्य साहस और जीवन गाथा पर आधारित है, जिसके संवेदनशील निर्देशन के लिए पेरियासामी को यह सर्वोच्च सम्मान मिला।
अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के और रणदीप हुड्डा को नवोदित निर्देशक का सम्मान
भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से इस वर्ष दिग्गज कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग को नवाजा गया है। वर्ष 2024 के लिए दिए गए इस पुरस्कार के जरिए सिनेमा में पांच दशकों से अधिक समय तक दिए गए उनके असाधारण और बहुमूल्य योगदान को नमन किया गया है। अपने करियर में सौ से अधिक फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाने वाले अनंत नाग भारतीय सिनेमा की एक कालजयी धरोहर माने जाते हैं।
समारोह में शामिल होने वडोदरा एयरपोर्ट पहुंचे अभिनेता रणदीप हुड्डा भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। रणदीप हुड्डा को उनकी ऐतिहासिक बायोग्राफिकल फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। इस फिल्म में उन्होंने न केवल स्वतंत्र भारत के क्रांतिकारी आंदोलन के नायक की केंद्रीय भूमिका निभाई थी, बल्कि फिल्म के निर्देशन का चुनौतीपूर्ण जिम्मा भी सफलतापूर्वक संभाला था। वडोदरा पहुंचने पर उन्होंने कहा कि यह उनका पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार है और इस प्रतिष्ठित मंच का हिस्सा बनना उनके लिए अत्यंत गर्व और कृतज्ञता से भरा अनुभव है।
क्षेत्रीय सिनेमा की चमक: सर्वश्रेष्ठ हिंदी, तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्में
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता की गूंज स्पष्ट दिखाई दी। क्षेत्रीय भाषा श्रेणियों में राजकुमार राव अभिनीत बायोपिक ‘श्रीकांत’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म के सम्मान से नवाजा गया, जो दृष्टिबाधित उद्योगपति श्रीकांत बोल्ला के प्रेरणादायक जीवन पर केंद्रित थी।
तमिल सिनेमा में धनुष के निर्देशन और अभिनय वाली एक्शन ड्रामा ‘रायन’ ने सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म का पुरस्कार अपने नाम किया। वहीं, मलयालम सिनेमा के अंतर्गत ‘फेमिनिची फातिमा’ को सर्वश्रेष्ठ मलयालम फिल्म चुना गया। तेलुगु सिनेमा की श्रेणी में युवाओं और ग्रामीण परिवेश की मित्रता पर आधारित फिल्म ‘कमेटी कुर्रोल्लू’ ने सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म का खिताब जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। यह पुरस्कार तालिका साबित करती है कि भारतीय सिनेमा विभिन्न भाषाओं में उत्कृष्ट कहानियों के दम पर लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है।


















