भारतीय सिनेमा जगत में अभिनेताओं की अभिनय क्षमता और बहुमुखी प्रतिभा का सबसे बड़ा प्रमाण तब देखने को मिलता है जब वे पर्दे पर बिल्कुल विपरीत भूमिकाओं को जीवंत कर दिखाते हैं। बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों ने अपनी फिल्मों के जरिए दर्शकों को बार-बार हैरान किया है। कई मौकों पर जिस ऑनस्क्रीन जोड़ी ने सिनेमाघरों में अपनी रोमांटिक केमिस्ट्री से लोगों का दिल जीता, वही जोड़ी किसी अन्य प्रोजेक्ट में सगे भाई-बहन के रूप में स्क्रीन साझा करती नजर आई। रक्षाबंधन के पावन पर्व और पारिवारिक सिनेमा की चर्चा के दौरान इन चर्चित जोड़ियों का जिक्र हमेशा सामने आता है। खास बात यह रही है कि दर्शकों ने इन सभी कलाकारों को प्रेमी-प्रेमिका के अवतार में जितना सराहा, भाई-बहन के रूप में भी उनके अभिनय को उतना ही प्यार और सम्मान दिया।
शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय: जोश का भाई-बहन का प्यार और देवदास का अमर रोमांस
हिंदी सिनेमा के इतिहास में शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बच्चन की ऑनस्क्रीन जोड़ी को सबसे ज्यादा लोकप्रियता हासिल हुई है। इन दोनों दिग्गज कलाकारों ने एक साथ कई यादगार फिल्मों में काम किया है। साल 2000 में आई निर्देशक मनसूर खान की फिल्म 'जोश' में इन दोनों ने पहली बार एक अलग अंदाज में काम किया था। इस फिल्म में शाहरुख खान ने मैक्स का किरदार निभाया था, जबकि ऐश्वर्या राय बच्चन उनकी जुड़वां बहन शर्ली के रोल में नजर आई थीं। गोवा की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में मैक्स और शर्ली के बीच का भाई-बहन वाला प्यार, आपसी नोकझोंक और एक-दूसरे की सुरक्षा के लिए खड़े रहने की भावना दर्शकों को बेहद पसंद आई थी।
हालांकि, इसके ठीक बाद पर्दे पर इस जोड़ी का समीकरण पूरी तरह बदल गया। उसी साल रिलीज हुई फिल्म 'मोहब्बतें' में शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय के बीच बेहद भावुक और गहरा रोमांटिक रिश्ता दिखाया गया। इसके बाद साल 2002 में आई संजय लीला भंसाली की भव्य फिल्म 'देवदास' में दोनों की प्रेम कहानी ने भारतीय सिनेमा में एक नया इतिहास रच दिया। देवदास और पारो के रूप में उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री इतनी असरदार थी कि दर्शक यह भूल ही गए कि इससे पहले वे पर्दे पर भाई-बहन का किरदार भी निभा चुके हैं। इन दोनों ही अलग-अलग रूपों में दर्शकों ने इस जोड़ी पर जमकर प्यार लुटाया।
सलमान खान और नीलम कोठारी: एक लड़का एक लड़की की लव स्टोरी से हम साथ-साथ हैं के पारिवारिक रिश्ते तक
बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान और नीलम कोठारी की जोड़ी ने भी बड़े पर्दे पर रिश्तों की दो बेहद अलग और खूबसूरत तस्वीरें पेश की हैं। नब्बे के दशक में दोनों की जोड़ी को पर्दे पर काफी पसंद किया जाता था। साल 1992 में प्रदर्शित फिल्म 'एक लड़का एक लड़की' में सलमान खान और नीलम कोठारी ने मुख्य रोमांटिक कलाकारों की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में दोनों के बीच की चुलबुली प्रेम कहानी, हल्की-फुल्की कॉमेडी और गानों ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था।
इसके कुछ सालों बाद साल 1999 में रिलीज हुई सूरज बड़जात्या की पारिवारिक ड्रामा फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' में दर्शकों को एक बड़ा सरप्राइज मिला। इस मल्टीस्टारर फिल्म में सलमान खान ने विवेक के छोटे भाई प्रेम का किरदार निभाया था, जबकि नीलम कोठारी उनकी बहन राधिका के रूप में नजर आईं। फिल्म में सलमान के बड़े भाई विवेक और नीलम के किरदार के बीच बेहद गहरा भाई-बहन का रिश्ता दिखाया गया था, जिसमें पूरा परिवार एक साथ खड़ा रहता है। नब्बे के दशक के दर्शकों के लिए एक रोमांटिक जोड़ी को इतने भावुक पारिवारिक रिश्ते में देखना एक नया और यादगार अनुभव था।
रणवीर सिंह और प्रियंका चोपड़ा: बाजीराव मस्तानी का जुनून और दिल धड़कने दो की सिबलिंग बॉन्डिंग
आधुनिक दौर के सिनेमा में रणवीर सिंह और प्रियंका चोपड़ा की जोड़ी ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों को हमेशा प्रभावित किया है। दोनों कलाकारों ने अलग-अलग शैली की फिल्मों में काम करते हुए अपने रिश्तों के अलग-अलग रंग दिखाए हैं। साल 2014 में आई एक्शन-ड्रामा फिल्म 'गुंडे' में रणवीर सिंह और प्रियंका चोपड़ा के बीच जबरदस्त रोमांटिक केमिस्ट्री देखने को मिली थी। इसके बाद साल 2015 में रिलीज हुई ऐतिहासिक फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' में पेशवा बाजीराव और उनकी पहली पत्नी काशीबाई के रूप में दोनों के बीच का जटिल और गहरा रिश्ता दर्शकों के दिलों को छू गया।
लेकिन इसी दौर में आई जोया अख्तर की फिल्म 'दिल धड़कने दो' (2015) में इन दोनों ने बिल्कुल विपरीत भूमिकाएं निभाईं। इस फिल्म में रणवीर सिंह ने कबीर मेहरा का किरदार निभाया, जबकि प्रियंका चोपड़ा उनकी बड़ी बहन आयशा मेहरा के रोल में नजर आईं। मेहरा परिवार की कहानी पर आधारित इस फिल्म में कबीर और आयशा के बीच की आधुनिक सिबलिंग बॉन्डिंग, एक-दूसरे का साथ देना, राज साझा करना और हंसी-मजाक करना लोगों को बहुत स्वाभाविक और सच्चा लगा। दोनों कलाकारों ने साबित किया कि वे एक रोमांटिक कपल के रूप में जितने सहज हैं, भाई-बहन के किरदार में भी उतने ही स्वाभाविक लगते हैं।
अक्षय कुमार और जूही चावला: खिलाड़ी का रोमांस और एक रिश्ता का भावुक पारिवारिक ताना-बाना
अक्षय कुमार और जूही चावला नब्बे के दशक के दो ऐसे बड़े सितारे हैं जिनकी ऑनस्क्रीन उपस्थिति हमेशा दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान लाती रही है। साल 1992 में आई ब्लॉकबस्टर सस्पेंस थ्रिलर फिल्म 'खिलाड़ी' में इन दोनों कलाकारों ने पहली बार एक साथ मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म में राज और सीमा के रूप में अक्षय कुमार और जूही चावला के बीच का रोमांटिक अंदाज और मजेदार गानों की जुगलबंदी को दर्शकों ने खूब सराहा था। इस फिल्म की सफलता ने दोनों के करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
आगे चलकर साल 2001 में आई फिल्म 'एक रिश्ता: द बॉन्ड ऑफ लव' में इस ऑनस्क्रीन जोड़ी का अंदाज पूरी तरह बदल गया। निर्देशक सुनील दर्शन की इस फिल्म में अक्षय कुमार और जूही चावला ने भाई-बहन की भूमिका निभाई। फिल्म की कहानी एक बड़े व्यापारिक परिवार के भीतर के रिश्तों और मनमुटाव पर आधारित थी, जहां जूही चावला ने अक्षय कुमार की बहन का किरदार निभाकर पारिवारिक मूल्यों को पर्दे पर उतारा। जहां 'खिलाड़ी' में दर्शकों ने दोनों के प्यार और रोमांस को देखा था, वहीं 'एक रिश्ता' में उनके बीच का पारिवारिक जुड़ाव और बहन का भाई के प्रति समर्थन देखने को मिला।
करीना कपूर और तुषार कपूर: मुझे कुछ कहना है की प्रेम कहानी से गोलमाल रिटर्न्स की कॉमेडी तक
करीना कपूर और तुषार कपूर की जोड़ी ने साल 2001 में आई फिल्म 'मुझे कुछ कहना है' से अपने करियर की शुरुआती दौर में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। इस फिल्म से तुषार कपूर ने बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था, जबकि करीना कपूर की यह शुरुआती फिल्मों में से एक थी। फिल्म में तुषार के किरदार को करीना के किरदार से एकतरफा प्यार हो जाता है। इस रोमांटिक लव स्टोरी और इसके सुरीले संगीत को युवाओं ने खूब पसंद किया था और दोनों की जोड़ी पर्दे पर सुपरहिट साबित हुई थी।
हालांकि, साल 2008 में रिलीज हुई रोहित शेट्टी की सुपरहिट कॉमेडी फिल्म 'गोलमाल रिटर्न्स' में दोनों का रिश्ता पूरी तरह से बदल गया। इस फिल्म में करीना कपूर ने एकता का किरदार निभाया, जबकि तुषार कपूर उनके गूंगे भाई लकी के रोल में नजर आए। फिल्म में भाई-बहन के बीच की मजेदार नोकझोंक, एक-दूसरे पर शक करना और कॉमेडी सिचुएशंस ने दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। नब्बे के दशक के रोमांटिक अंदाज से अलग, कॉमेडी के इस अवतार में भी दर्शकों ने दोनों के भाई-बहन वाले रिश्ते को बेहद पसंद किया।
दीपिका पादुकोण और अर्जुन रामपाल: ओम शांति ओम का पहला प्यार और हाउसफुल का भाई-बहन वाला अवतार
दीपिका पादुकोण ने साल 2007 में आई फिल्म 'ओम शांति ओम' से बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उनके साथ अर्जुन रामपाल ने एक बेहद अहम भूमिका निभाई थी। फिल्म में दीपिका पादुकोण ने साठ के दशक की मशहूर अभिनेत्री शांतिप्रिया का किरदार निभाया था, वहीं अर्जुन रामपाल ने फिल्म निर्माता मुकेश मेहरा की भूमिका निभाई थी। फिल्म के पहले हिस्से में मुकेश और शांतिप्रिया के बीच एक गुप्त रोमांटिक रिश्ता और शादी की कहानी दिखाई गई थी, जिसने पूरी फिल्म के प्लॉट को एक नया मोड़ दिया था।
तीन साल बाद, साल 2010 में आई साजिद खान की मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म 'हाउसफुल' में यह समीकरण पूरी तरह बदल गया। इस फिल्म में अर्जुन रामपाल ने एक सख्त पूर्व भारतीय खुफिया अधिकारी मेजर कृष्णा राव का किरदार निभाया, जबकि दीपिका पादुकोण उनकी छोटी बहन सौंदर्य के रूप में नजर आईं। फिल्म में अर्जुन रामपाल अपनी बहन को लेकर काफी पजेसिव होते हैं और उसके प्रेमी की परीक्षा लेते हैं। पर्दे पर अचानक बदले इस रिश्ते को देखकर दर्शक हैरान तो हुए, लेकिन दोनों के अभिनय की तारीफ भी हुई।
अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी: बागबान की प्रतिष्ठित केमिस्ट्री से गहरी चाल के सिबलिंग रोल तक
हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन और ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी की जोड़ी को भारतीय फिल्म उद्योग की सबसे सफल और प्रतिष्ठित रोमांटिक जोड़ियों में गिना जाता है। दोनों ने 'शोले', 'नसीब', 'सत्ते पे सत्ता', 'नास्तिक', 'बागबान' और 'बाबुल' जैसी दर्जनों सुपर-डुपर हिट फिल्मों में एक-दूसरे के विपरीत काम किया। 'बागबान' और 'बाबुल' जैसी फिल्मों में ढलती उम्र के पति-पत्नी के रूप में उनकी केमिस्ट्री ने लाखों दर्शकों की आंखों में आंसू ला दिए थे।
कम ही लोग जानते हैं कि अपने शुरुआती करियर में इस हिट ऑनस्क्रीन जोड़ी ने भाई-बहन का किरदार भी निभाया था। साल 1973 में रिलीज हुई सस्पेंस थ्रिलर फिल्म 'गहरी चाल' में अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी ने पर्दे पर भाई-बहन का रोल प्ले किया था। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने हेमा मालिनी के बड़े भाई की भूमिका निभाई थी जो अपनी बहन को एक बड़े षड्यंत्र से बचाने की कोशिश करता है। बाद में यह जोड़ी भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी रोमांटिक जोड़ियों में से एक बनी, लेकिन 'गहरी चाल' में उनका यह दुर्लभ रिश्ता आज भी सिनेमा प्रेमियों के बीच एक दिलचस्प तथ्य के रूप में याद किया जाता है।



















