फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर अक्सर अपने दैनिक जीवन और आसपास के लोगों से जुड़े प्रेरक किस्से सोशल मीडिया पर साझा करते रहते हैं। इन दिनों वे अपनी चर्चित फिल्म 'खोसला का घोसला 2' की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस दौरान शूटिंग सेट पर उनकी मुलाकात 74 वर्ष की एक बुजुर्ग महिला से हुई, जो फिल्म में एक जूनियर आर्टिस्ट के रूप में काम कर रही हैं। जब अभिनेता ने उनके व्यक्तिगत जीवन के बारे में जानने की कोशिश की, तो महिला की आपबीती सुनकर वे भीतर तक हिल गए।
पति के जाने के बाद बच्चों ने छोड़ा अकेला
वार्तालाप के दौरान महिला ने बताया कि उनके पति का देहांत हो चुका है। उनके बच्चे भी हैं, लेकिन वे उन्हें अपने साथ नहीं रखते हैं। जीवनसाथी के चले जाने के बाद से वे अपने घर से दूर अकेले जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं। वर्तमान में वे एक बेहद छोटी सी जगह में किराए पर रहती हैं। हालांकि, अपनी इस विषम स्थिति का उल्लेख करते हुए भी उन्होंने दुख नहीं जताया, बल्कि मजाकिया लहजे में उस छोटे से कमरे को 'चूहा घर' कहकर पुकारा।
सकारात्मक रवैये और साहस ने किया प्रभावित
अनुपम खेर को महिला की आर्थिक और पारिवारिक स्थिति से ज्यादा उनके जीने के हौसले ने प्रभावित किया। इतने कठिन हालातों से गुजरने के बाद भी उस बुजुर्ग महिला के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी और ना ही जीवन से कोई शिकायत थी। वे अपनी परिस्थितियों के बारे में मुस्कुराते हुए बात कर रही थीं। उनके इस सकारात्मक नजरिए और काम के प्रति समर्पण ने सेट पर मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।
सोनीपत की घटना का जिक्र कर समाज से पूछे सवाल
अभिनेता ने इस मुलाकात का वीडियो इंटरनेट पर साझा करते हुए गहरी चिंता जताई। उन्होंने इस घटना को हरियाणा के सोनीपत में घटी एक अन्य दुखद घटना से जोड़ा, जहां एक बुजुर्ग व्यक्ति के निधन के बाद उनकी तीनों बेटियां उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने तक नहीं आईं। अनुपम खेर ने सवाल उठाया कि जीवन के उस अंतिम पड़ाव पर, जब इंसान को अपनों के साथ और देखभाल की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, तब बुजुर्गों को इस तरह अकेला क्यों छोड़ दिया जाता है। उनकी इस पोस्ट पर लोगों की ओर से भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।



















