मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के पंडाल में गणेश उत्सव के दौरान फिल्मी सितारों का तांता लगा हुआ है, लेकिन अभिनेता राजपाल यादव की हालिया यात्रा ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे इस अभिनेता ने किसी विशेष या वीआईपी प्रवेश द्वार का सहारा नहीं लिया, बल्कि घंटों कतार में खड़े आम श्रद्धालुओं के बीच अपनी बारी की प्रतीक्षा की। सोशल मीडिया पर सामने आई झलकियों में अभिनेता का यह सहज और आडंबरहीन व्यवहार स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जहां वह बिना किसी तामझाम के पारंपरिक भक्ति भाव में लीन दिखाई दिए।
श्रद्धालुओं संग कतार में लगकर की बप्पा की वंदना
पंडाल में अपनी बारी का इंतजार करते समय राजपाल यादव पूरी तरह आम भक्तों के रंग में रंगे नजर आए। वह कतार में खड़े होकर अन्य लोगों के साथ लगातार ‘गणपति बप्पा मोरया’ के उद्घोष लगा रहे थे। जैसे ही वह मुख्य प्रतिमा के समीप पहुंचे, वहां तैनात महिला सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पहचान लिया और मुस्कुराते हुए उनका स्वागत किया। कतार में मौजूद कई प्रशंसकों ने जब अभिनेता से साथ में तस्वीरें लेने का आग्रह किया, तो उन्होंने किसी को मना नहीं किया और बेहद विनम्रता से सेल्फी खिंचवाई। इसके उपरांत उन्होंने लालबागचा राजा के चरण स्पर्श किए, माथा टेका और शांतिपूर्वक बाहर निकल गए। इस दौरान न तो उनकी तरफ से किसी विशेष व्यवस्था की मांग की गई और न ही कोई जल्दबाजी दिखाई गई। गणेशोत्सव के इन दिनों में कई अन्य फिल्मी चेहरे भी यहां हाजिरी लगा चुके हैं, जिनमें गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा भी शामिल रहे हैं।
इंटरनेट पर अभिनेता की सादगी की सराहना
सोशल मीडिया मंचों पर इस यात्रा का दृश्य साझा होते ही लोगों की व्यापक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। इंटरनेट उपभोक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि एक चर्चित अभिनेता होने के बावजूद वीआईपी विशेषाधिकार छोड़ना और आमजन के साथ खड़े होना वास्तविक विनम्रता को दर्शाता है। कई लोगों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ईश्वर के समक्ष सभी समान हैं और सच्ची भक्ति में किसी भी प्रकार का प्रदर्शन या दिखावा बेमानी होता है। लालबागचा राजा का मंच हर साल सिनेमा जगत की हस्तियों के लिए प्रमुख केंद्र रहता है, जहां इस सीजन में शाहरुख खान, गौरी खान, सुहाना खान, रणवीर सिंह, संजय दत्त, गोविंदा और परिणीति चोपड़ा जैसी हस्तियां भी नतमस्तक होने पहुंच चुकी हैं।
करीब 9 करोड़ रुपये के बकाया विवाद की कानूनी पृष्ठभूमि
राजपाल यादव की यह आध्यात्मिक उपस्थिति ऐसे समय में देखने को मिली है जब वह एक गंभीर अदालती मामले की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। अभिनेता लगभग 9 करोड़ रुपये की कुल देनदारी और चेक बाउंस से जुड़े पुराने कानूनी विवाद में फंसे हुए हैं। इस विषय पर 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई थी। देश की शीर्ष अदालत ने अभिनेता को राहत देते हुए बकाया राशि में से 2 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने के लिए दो सप्ताह का अंतिम अवसर प्रदान किया था। इसके साथ ही अदालत ने उनके तुरंत आत्मसमर्पण करने पर लगी रोक को 5 अक्टूबर तक बढ़ा दिया था, जबकि उन्हें अपना पासपोर्ट जमा कराने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था।
फिल्म निर्माण से उपजा आर्थिक संकट
यह पूरा कानूनी विवाद करीब वर्ष 2010 का है, जब राजपाल यादव और उनके सहयोगियों ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण कार्य के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से लगभग 5 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इस रकम की अदायगी के लिए जो चेक जारी किए गए थे, वे कथित रूप से बैंक में बाउंस हो गए। इस विफलता के बाद उनके खिलाफ चेक बाउंस के सात अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। जुलाई 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने इन सभी मामलों में उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा और प्रत्येक मामले में तीन महीने के कारावास की सजा सुनाई थी। इस मामले में अभिनेता पूर्व में भी जेल जा चुके हैं। उच्च न्यायालय के फैसले के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से उन्हें शर्तों के आधार पर अस्थायी मोहलत मिली। तय समय पर पूरी राशि जमा न कर पाने पर अदालत ने उन्हें अतिरिक्त मोहलत दी, और अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को तय की गई है।
हालिया सिनेमाई परियोजनाएं
अभिनय के मोर्चे पर बात करें तो राजपाल यादव हाल ही में निर्देशक प्रियदर्शन की फिल्म ‘हैवान’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिखाई दिए हैं। इस फिल्म के मुख्य किरदारों में अभिनेता अक्षय कुमार और सैफ अली खान शामिल हैं। यह बहुचर्चित फिल्म वास्तव में मलयालम सिनेमा की प्रसिद्ध थ्रिलर ‘ओप्पम’ का आधिकारिक हिंदी रूपांतरण है। कानूनी मुश्किलों और अदालती पेशियों के बीच उनका यह भक्तिपूर्ण अंदाज उनके प्रशंसकों को काफी प्रभावित कर रहा है।


















