भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे गाने बने हैं जिनकी मेकिंग से जुड़े किस्से आज भी लोगों को हैरान कर देते हैं। साल 1987 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म मिस्टर इंडिया का मशहूर गाना हवा हवाई भी एक ऐसा ही नगमा है। इस गाने ने अभिनेत्री श्रीदेवी को बॉलीवुड में एक नई पहचान दिलाई थी। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि इस आइकॉनिक गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान एक बड़ी गलती हो गई थी। इसके बावजूद संगीतकारों ने इसे बिना किसी बदलाव के मार्केट में जारी किया और यह गाना ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुआ।
डबिंग आर्टिस्ट के रूप में शुरुआत और बड़ा मौका
अस्सी और नब्बे के दशक के दौरान संगीत उद्योग में एक खास प्रक्रिया चलती थी। उस दौर में उभरते हुए या नए गायक फाइनल रिकॉर्डिंग से पहले केवल डबिंग का काम करते थे। इन डबिंग कलाकारों की आवाज में गाने का एक शुरुआती वर्जन तैयार किया जाता था ताकि मुख्य और स्थापित गायक बाद में उसे देखकर और सुनकर फाइनल ट्रैक रिकॉर्ड कर सकें। फिल्म मिस्टर इंडिया के गाने हवा हवाई के लिए भी शुरुआती योजना यही थी कि इसे प्रख्यात गायिका आशा भोसले की आवाज में रिकॉर्ड किया जाएगा।
इस गाने का डबिंग ट्रैक तैयार करने के लिए नई नवेली गायिका कविता कृष्णमूर्ति को चुना गया। लक्ष्मीकांत और प्यारेलाल की जोड़ी ने कविता से इस गाने का गाइड वर्जन रिकॉर्ड करवाया। कविता के लिए यह उनके करियर का एक बहुत बड़ा अवसर था, लेकिन रिकॉर्डिंग की आपाधापी में उनसे एक अनजानी भूल हो गई। गाने की एक पंक्ति जानू जो तुमने बात छुपाई गाते समय उन्होंने गलती से जानू की जगह जीनू शब्द का उच्चारण कर दिया।
छह महीने बाद संगीतकार जोड़ी का बड़ा फैसला
रिकॉर्डिंग पूरी होने के बाद यह गाना करीब छह महीने तक डब्बे में बंद रहा। जब संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने छह महीने बाद इस ट्रैक को दोबारा सुना, तो उन्हें कविता कृष्णमूर्ति की आवाज और उनका अंदाज इतना पसंद आया कि उन्होंने इसी वर्जन को फाइनल करने का मन बना लिया। जब गायिका को यह पता चला कि उनकी डबिंग आवाज को ही गाने में रखा जा रहा है, तो उन्होंने तुरंत संगीतकारों को अपनी उस गलती के बारे में याद दिलाया।
कविता कृष्णमूर्ति ने आग्रह किया कि इस गाने को दोबारा रिकॉर्ड किया जाना चाहिए क्योंकि इसमें जानू की जगह जीनू शब्द रिकॉर्ड हो गया है। हालांकि, लक्ष्मीकांत और प्यारेलाल ने अपनी पारखी नजर पर भरोसा जताया। उन्होंने इस गलती को छिपाने या सुधारने के बजाय एक बड़ा जोखिम उठाया और ट्रैक को बिना किसी री-टेक के रिलीज करने का निर्णय लिया। संगीतकार जोड़ी का यह दांव पूरी तरह सटीक बैठा और गाना रिलीज होते ही चार्टबस्टर बन गया।
अजीबोगरीब बोल और श्रीदेवी का अद्भुत अभिनय
इस गाने की एक और खास बात इसके शुरुआती शब्द हैं। गाना शुरू होते ही अस्सी-तुस्सी, लस्सी-पिस्सी और मोंबासा जैसे बेहद अजीबोगरीब शब्द सुनाई देते हैं। उस समय इन शब्दों का कोई स्पष्ट अर्थ नहीं था, लेकिन ये सुनने में बेहद मजेदार और आकर्षक लगते थे। इन अनोखे शब्दों को संगीतकार लक्ष्मीकांत और प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर ने मिलकर तैयार किया था।
जब यह गाना पर्दे पर आया, तो श्रीदेवी के बेमिसाल एक्सप्रेशन, अनोखे अंदाज और शानदार डांस ने दर्शकों का दिल जीत लिया। श्रीदेवी के अभिनय का जादू ऐसा चला कि लोग गाने में हुई इतनी बड़ी उच्चारण की गलती को पकड़ ही नहीं पाए। इस गाने की सफलता ने अनिल कपूर के करियर को भी जबरदस्त मजबूती दी और श्रीदेवी हमेशा के लिए हवा हवाई गर्ल के नाम से मशहूर हो गईं।


















