मुंबई में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध नॉर्थ बॉम्बे सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को महाषष्ठी के पावन अवसर पर बॉलीवुड के कई प्रमुख चेहरे माता के दर्शन और आशीर्वाद के लिए एकत्र हुए। इस धार्मिक उत्सव के दौरान वरिष्ठ अभिनेत्री जया बच्चन अपनी सुपुत्री श्वेता बच्चन के संग पंडाल पहुंचीं। वहीं अभिनेत्री काजोल भी अपने दोनों बच्चों, न्यासा और युग के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष नतमस्तक नजर आईं। इस दौरान जया बच्चन और काजोल के बीच बेहद आत्मीय और स्नेहपूर्ण मुलाकात देखने को मिली, जिसकी झलकियां इंटरनेट पर तेजी से साझा की जा रही हैं।
जया बच्चन और काजोल का आत्मीय मिलन
उत्सव स्थल पर पहुंचे सितारों के विजुअल्स में जया बच्चन सादगी भरे अंदाज में नजर आईं। उन्होंने इस विशेष दिन के लिए एक सुंदर ऑफ-व्हाइट साड़ी का चयन किया था, जबकि उनके साथ पहुंचीं श्वेता बच्चन भी पारंपरिक परिधान में दिखाई दीं। जैसे ही जया बच्चन पंडाल के मुख्य प्रांगण में दाखिल हुईं, काजोल और उनकी बहन तनीषा मुखर्जी ने बेहद सम्मान और गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। जया बच्चन ने दोनों बहनों को गले लगाकर अपना दुलार दिया। इसके बाद उन्होंने काजोल, उनके चचेरे भाई और प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अयान मुखर्जी समेत अन्य परिजनों के साथ मिलकर ग्रुप तस्वीरें भी खिंचवाईं।
पारंपरिक परिधान में नजर आया काजोल का परिवार
पूजा के दौरान काजोल अपने पूरे परिवार के साथ पंडाल की व्यवस्थाओं और अनुष्ठानों में सक्रिय रूप से जुड़ी रहीं। उन्होंने मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा के सामने अपनी बेटी न्यासा और बेटे युग के साथ खड़े होकर कैमरे के सामने कई पोज दिए। काजोल और उनके बेटे युग के बीच का एक बेहद दुलार भरा लम्हा भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल रहा। इस अवसर पर काजोल ने नारंगी रंग की हल्की झलक और सुनहरे जरी बॉर्डर वाली मस्टर्ड-येलो रंग की पारंपरिक साड़ी पहनी थी, जिसे उन्होंने स्ट्राइप्ड गोल्डन ब्लाउज और खूबसूरत सोने के झुमकों के साथ स्टाइल किया था। दूसरी ओर, न्यासा पाउडर-ब्लू रंग की सुरुचिपूर्ण सिल्क साड़ी में बेहद शालीन लग रही थीं, जबकि युग ने हल्के नीले और सफेद रंग का क्लासिक कुर्ता-पायजामा पहना हुआ था।
रानी मुखर्जी की गैरमौजूदगी और उत्सव का माहौल
नॉर्थ बॉम्बे का यह पारंपरिक दुर्गा पूजा उत्सव मुखर्जी परिवार के पारिवारिक आयोजन के रूप में जाना जाता है, जहां हर साल दिग्गज हस्तियां अपनी उपस्थिति दर्ज कराती हैं। जया बच्चन नियमित रूप से हर वर्ष इस पंडाल में देवी का आशीर्वाद लेने पहुंचती रही हैं। आमतौर पर काजोल की चचेरी बहन और लोकप्रिय अभिनेत्री रानी मुखर्जी भी हर साल इस उत्सव की अगवानी में सबसे आगे दिखाई देती हैं। हालांकि, बीते सितंबर माह में उनकी माता कृष्णा मुखर्जी का देहांत हो गया था, जिसके चलते वह इस बार शुरुआती उत्सव में पंडाल से दूर नजर आईं।
तनीषा मुखर्जी ने पैपराजी से की थी मर्यादा बनाए रखने की बात
उत्सव के औपचारिक शुभारंभ से ठीक पहले मुंबई में आयोजित एक प्रेस वार्ता में तनीषा मुखर्जी ने वहां मौजूद फोटोग्राफरों और आम लोगों से पंडाल के अंदर शालीनता बनाए रखने का आग्रह किया था। उन्होंने मजाकिया लहजे में पैपराजी को वरिष्ठ अभिनेत्री जया बच्चन को परेशान न करने की सलाह दी थी। तनीषा ने फोटोग्राफरों को संबोधित करते हुए कहा, 'इस बार हमारी जया आंटी को परेशान मत करना।' उन्होंने बातचीत में आगे जोड़ा कि अक्सर कुछ कैमरामैन जानबूझकर सितारों को उकसाते हैं, इसलिए कम से कम पूजा के इस पावन वातावरण में सभी को संयम और आदर के साथ पेश आना चाहिए।



















