सिनेमा के पर्दे पर सुपरस्टार रजनीकांत के पोते का किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीतने वाले बाल कलाकार रित्विक जोति राज इस समय अपनी अभिनय कला से इतर एक नए सफर को लेकर सुर्खियों में हैं। सिर्फ 13 वर्ष की छोटी सी उम्र में यह युवा कलाकार अभिनय की चकाचौंध से आगे निकलकर तकनीक, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और उद्यमिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। हाल ही में सामने आए एक विस्तृत साक्षात्कार के बाद रित्विक का तकनीकी दृष्टिकोण सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। लोग इस बात को देखकर हैरान हैं कि इतनी कम उम्र का बच्चा न केवल पायथन जैसी जटिल प्रोग्रामिंग भाषा में दक्ष है, बल्कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक पूरी डिजिटल कंपनी भी खड़ी कर दी है।
वीडियो कॉल की सामान्य बातचीत से उपजा बिजनेस का विचार
अक्सर देखा जाता है कि बड़ी कंपनियों की शुरुआत जटिल योजनाओं या भारी निवेश से होती है, लेकिन रित्विक के उद्यम की नींव बेहद सहज और अनौपचारिक माहौल में रखी गई। साक्षात्कार के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि इस पूरे विचार का जन्म दोस्तों के साथ एक सामान्य वीडियो कॉल पर हुई बातचीत के दौरान हुआ था। दोस्तों के समूह में बातचीत के दौरान जब सब बोरियत महसूस कर रहे थे, तब सामान्य खेलकूद या समय बिताने के बजाय उन्होंने कुछ उत्पादक करने का फैसला किया।
रित्विक और उनके मित्रों को बुनियादी स्तर की कंप्यूटर कोडिंग की जानकारी पहले से थी। इसी जानकारी को प्रयोग में लाते हुए उन्होंने तय किया कि वे खुद की एक वेबसाइट तैयार करेंगे। शुरुआत में महज एक डिजिटल प्रयोग के रूप में देखा गया यह प्रयास धीरे-धीरे व्यवस्थित रूप लेता गया और अंततः एक पूर्ण स्टार्टअप कंपनी में तब्दील हो गया। जहां आम तौर पर इस आयु वर्ग के बच्चे केवल स्कूल की पढ़ाई और वीडियो गेम तक सीमित रहते हैं, वहीं रित्विक ने अपनी रचनात्मक ऊर्जा को एक व्यावहारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के निर्माण में लगा दिया।
पायथन कोडिंग में महारत और रोबोटिक्स का बढ़ता दायरा
तकनीकी चर्चा के दौरान जब रित्विक से उनकी कोडिंग क्षमताओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पायथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पर आसानी से काम कर लेते हैं। इस खुलासे ने साक्षात्कारकर्ता को बेहद चकित कर दिया, क्योंकि अधिकांश लोग उच्च शिक्षा या कॉलेज के दिनों में जाकर इस भाषा से परिचित होते हैं। रित्विक ने इस पर सहजता से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें सही मार्गदर्शन के जरिए यह भाषा सिखाई गई है और वे इसके जरिए विभिन्न सॉफ्टवेयर समाधान तैयार करने में सक्षम हैं।
तकनीकी ज्ञान का दायरा केवल सॉफ्टवेयर कोडिंग तक ही सीमित नहीं है। जब बातचीत हार्डवेयर और आधुनिक गैजेट्स की तरफ मुड़ी, तो रित्विक ने बताया कि वे रोबोट बनाने की कला में भी पारंगत हैं। हार्डवेयर इंजीनियरिंग और सॉफ्टवेयर कोडिंग के इस दुर्लभ समन्वय ने यह साबित कर दिया है कि उनका रुझान सिर्फ फिल्मों में संवाद बोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे आधुनिक विज्ञान और तकनीकी नवाचार को गहराई से समझ रहे हैं। वे तकनीकी उपकरणों को जोड़ने, प्रोग्राम करने और उन्हें व्यावहारिक रूप से संचालित करने का गहरा अनुभव रखते हैं।
वेबसाइट का संचालन, डिजिटल पाठ्यक्रम और टीम भावना
अपनी कंपनी की व्यावसायिक गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा करते हुए रित्विक ने बताया कि उनका डिजिटल प्लेटफॉर्म विभिन्न प्रकार के मर्चेंडाइज सामान की बिक्री करता है। इसके साथ ही वेबसाइट पर उपयोगकर्ताओं के लिए कुछ उपयोगी ऑनलाइन पाठ्यक्रम भी उपलब्ध कराए गए हैं। एक परिपक्व कारोबारी की तरह उन्होंने इस सच्चाई को भी स्वीकारा कि वर्तमान समय में उनकी वेबसाइट पर बहुत बड़ा ट्रैफिक नहीं आता है। हालांकि, कम दर्शक संख्या के बावजूद वे किसी भी तरह से हतोत्साहित नहीं हैं और प्लेटफॉर्म को लगातार सक्रिय बनाए हुए हैं।
कंपनी के संचालन तंत्र पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से पांच लोग इस पूरे प्रोजेक्ट के केंद्र में हैं, जबकि पांच अन्य सहयोगी भी इस समूह का हिस्सा बनकर विभिन्न कार्यों में हाथ बंटाते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या ये दस लोग उनकी कंपनी के कर्मचारी हैं, तो 13 वर्षीय रित्विक ने बेहद विनम्रता से इस शब्द को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने साथियों को कर्मचारी नहीं मानते, बल्कि वे सभी मिलकर काम करने वाले सहयोगी और मददगार हैं। कार्यस्थल पर यह समानता और सहभागिता का भाव उनके नेतृत्व कौशल की परिपक्वता को दर्शाता है।
कोयंबटूर से सिनेमा के बड़े पर्दे तक का सफर
तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर से आने वाले रित्विक जोति राज ने अपने रचनात्मक करियर की शुरुआत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर छोटे वीडियो बनाकर की थी। ऑनलाइन मंचों पर विभिन्न किरदारों की सटीक नकल और अभिनय कौशल के कारण उन्हें दर्शकों की शुरुआती सराहना मिली। इसके बाद उनके लिए मुख्यधारा के सिनेमा के दरवाजे खुले। उन्होंने 'O2', 'सरदार' और 'लकी भास्कर' जैसी चर्चित फिल्मों में उल्लेखनीय बाल भूमिकाएं निभाईं।
हालांकि, उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'जेलर' साबित हुई। वर्ष 2023 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने दिग्गज अभिनेता रजनीकांत के पोते की भूमिका निभाई थी। पर्दे पर दादा और पोते के बीच की भावनात्मक केमिस्ट्री को दर्शकों ने बेहद पसंद किया। इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए उन्हें फिल्म के दूसरे भाग यानी 'जेलर 2' में भी उसी लोकप्रिय किरदार को दोबारा निभाने का अवसर मिला, जो 15 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई।
जेलर 2 की जबरदस्त सफलता और बॉक्स ऑफिस आंकड़े
सिनेमाघरों में दस्तक देने के साथ ही 'जेलर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है। फिल्म ने अपनी रिलीज के महज छह दिनों के भीतर वैश्विक स्तर पर 500 करोड़ रुपये से अधिक का विशाल ग्रॉस कलेक्शन दर्ज कर लिया है। घरेलू बाजार में भी फिल्म का दबदबा पूरी तरह कायम रहा, जहां भारत में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 320.37 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि इसका नेट कलेक्शन 273.28 करोड़ रुपये आंका गया है।
एक तरफ जहां रित्विक बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों रुपये कमाने वाली विशाल बजट फिल्म का अभिन्न हिस्सा बने हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ वे जमीन से जुड़कर कोडिंग, रोबोटिक्स और अपने छोटे से स्टार्टअप को संवारने में जुटे हैं। मनोरंजन उद्योग के ग्लैमर और सूचना प्रौद्योगिकी की जटिल दुनिया के बीच उनका यह संतुलन आज की नई पीढ़ी के लिए एक अनूठा उदाहरण पेश कर रहा है।





















