उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के स्वास्थ्य को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे थे कि उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ है और वे कोमा में जा चुके हैं। कुछ रिपोर्ट्स में उनके इलाज के लिए बीजिंग जाने की बात भी कही गई थी। हालांकि इन सभी दावों को खारिज करते हुए वे सार्वजनिक रूप से सामने आ गए हैं।
कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, किम जोंग उन सोमवार 19 अक्टूबर को अपनी बेटी के साथ एक विशेष प्रदर्शनी में पहुंचे थे। उन्होंने रक्षा संग्रहालय में आयोजित इस कार्यक्रम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने देश में तैयार किए जा रहे कपड़ों और जूतों के उद्योगों के विकास की सराहना की। इस प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में कपड़े और जूते प्रदर्शित किए गए थे जो देश के विभिन्न कारखानों में बनाए गए हैं।
यह पूरा आयोजन देश की क्षेत्रीय विकास नीति के तहत आता है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य बड़े शहरों से दूर ग्रामीण इलाकों में उत्पादन को बढ़ावा देना और वहां के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना है। प्रदर्शनी में कपड़ों और जूतों की भारी रेंज देखने को मिली जो स्थानीय फैक्ट्रियों की मेहनत का नतीजा है।
सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों में यह भी कहा गया था कि अगर उत्तर कोरियाई नेता को कुछ होता है, तो गद्दी कौन संभालेगा। इन चर्चाओं में उनकी बहन किम यो जोंग और उनकी बेटी के नाम संभावित उत्तराधिकारियों के रूप में लिए जा रहे थे। इसके अलावा प्योंगयांग की चिकित्सा व्यवस्था को नाकाफी बताते हुए उनके चीन जाने की झूठी कहानियां गढ़ी गईं। हालांकि इन तमाम अफवाहों के पक्ष में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला था।
उत्तर कोरिया की अत्यधिक गोपनीय कार्यशैली के कारण देश के शीर्ष नेता के कुछ दिनों तक नजर न आने पर ऐसी कयासबाजियां आम बात हैं। अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियां और पड़ोसी देश इस पर पैनी नजर रखते हैं क्योंकि वहां की सत्ता में किसी भी तरह का बदलाव क्षेत्रीय स्थिरता को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है। भविष्य के नेतृत्व को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा न होने के कारण ऐसी चर्चाओं का बाजार हमेशा गर्म रहता है।
















