भारत के विभिन्न प्रांतों में मौसम और स्थानीय पसंद के आधार पर तरह-तरह के व्यंजन पकाए जाते हैं। इसी फेहरिस्त में गुजरात का पारंपरिक चावल का खीचू अपनी खास जगह रखता है। नाश्ते के लिहाज से यह एक बेहतरीन विकल्प है जो चंद मिनटों में बनकर तैयार हो जाता है। इस पारंपरिक व्यंजन को बनाने के लिए मुख्य रूप से चावल के आटे और कुछ बुनियादी मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी खूबी यह है कि यह खाने में बहुत हल्का और मुलायम होता है।
खीचू बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस स्वादिष्ट व्यंजन को तैयार करने के लिए आपको रसोई में आसानी से मिलने वाली कुछ चीजों की जरूरत होती है। मुख्य सामग्री के तौर पर चावल का आटा, जीरा, हरी मिर्च, अदरक, अजवाइन, तेल और हरा धनिया चाहिए होता है। इसके अलावा परोसते वक्त ऊपर से छिड़कने के लिए लाल मिर्च पाउडर या अचार के मसाले की आवश्यकता पड़ती है। इन सभी सामग्रियों का सही मेल ही इस डिश को उसका असली स्वाद देता है।
पकाने की पूरी प्रक्रिया
सबसे पहले किसी गहरे बर्तन या कड़ाही में पानी भरकर गैस पर उबालने के लिए रख दें। जब पानी गर्म हो रहा हो तो उसमें स्वादानुसार नमक, जीरा, बारीक कटी हुई हरी मिर्च, अदरक और थोड़ी सी अजवाइन मिला दें। इसके साथ ही इसमें थोड़ा सा हरा धनिया भी डाल दिया जाता है। इस पानी को तब तक खौलाना होता है जब तक मसालों की महक और स्वाद पानी में अच्छी तरह से न घुल जाए।
आटा मिलाने का सही तरीका
पानी में जब अच्छा उबाल आ जाए तब गैस की आंच को धीमा कर देना चाहिए। इसके बाद इसमें धीरे-धीरे चावल का आटा मिलाते हुए लगातार चमचा चलाना जरूरी होता है। इस बात का खास ख्याल रखना पड़ता है कि आटा डालते वक्त उसमें गांठें न पड़ें, वरना डिश का मजा किरकिरा हो सकता है। मिश्रण को अच्छी तरह मिलाने के बाद इसे गाढ़ा होने दिया जाता है।
पकाने का समय और परोसने की विधि
अब इस मिश्रण को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तीन से पांच मिनट तक पकाना होता है। इसे ढककर भी पकाया जा सकता है लेकिन बीच-बीच में इसे संभालना जरूरी है ताकि यह तले से न लगे। जब आटा सारा पानी सोख ले और एक मुलायम मिश्रण का रूप ले ले तो गैस बंद कर दी जाती है। जरूरत पड़ने पर इसमें थोड़ा गर्म पानी भी मिलाया जा सकता है। इसके बाद इसे तेल लगी थाली में निकालकर गरमा-गरम परोसा जाता है। ऊपर से तेल, लाल मिर्च पाउडर और अचार का मसाला डालने से इसका स्वाद और बढ़ जाता है।



















