सिनेमा जगत में कई ऐसे वैवाहिक रिश्ते रहे हैं जिन्होंने उम्र के बंधनों और पारंपरिक रूढ़ियों को पीछे छोड़ते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाई है। मशहूर अभिनेता प्रकाश राज और जानी-मानी कोरियोग्राफर पोनी वर्मा का पारिवारिक जीवन भी ऐसे ही गहरे जुड़ाव का प्रमाण है। दोनों के बीच बारह बरस की उम्र का फासला था, जिसके कारण शुरुआत में उनके इर्द-गिर्द के लोगों ने इस फैसले पर हैरानी जताई थी। यहां तक कि पोनी के अपने नजदीकी मित्रों ने भी उन्हें इस रिश्ते को लेकर आगाह किया था और सवाल उठाए थे। इसके बावजूद, दोनों ने अपने इस रिश्ते को बहुत परिपक्वता से संवारा। हाल ही में प्रेमा के साथ एक विस्तृत बातचीत के दौरान पोनी वर्मा ने अपने वैवाहिक सफर, सौतेली बेटियों संग गहरे तालमेल और मुंबई छोड़कर हैदराबाद शिफ्ट होने के पूरे सफर की चर्चा की।
उम्र के अंतर को कमजोरी के बजाय रिश्ता मजबूत करने वाला पहलू माना
अपनी चर्चा के दौरान पोनी वर्मा ने साझा किया कि जब उन्होंने खुद से बारह वर्ष बड़े अभिनेता से जीवनसाथी बनने का निर्णय लिया, तो उनके कई दोस्त इस कदम से बेहद खफा हो गए थे। दोस्तों का मानना था कि इतना बड़ा आयु अंतर भविष्य में तालमेल की परेशानियां खड़ी कर सकता है। हालांकि, पोनी ने इस अंतर को कभी नकारात्मक रूप से नहीं देखा। उनके अनुसार, यह पहलू उनके रिश्ते के लिए सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ। प्रकाश राज अपने जीवन में कई उतार-चढ़ावों और अनुभवों को देख चुके थे, जिसकी वजह से उनके पास एक गहरा नजरिया था।
पोनी ने स्पष्ट किया कि उन्हें एक ऐसे जीवनसाथी की तलाश थी जो उनके संघर्ष, आंतरिक विचारों और जीवनशैली की जटिलताओं को समझ सके। अभिनेता के साथ जुड़ने के बाद उनके अपने जीवन में एक शांति, मानसिक सुकून और स्थिरता का आगमन हुआ। उन्होंने बताया कि प्रकाश ने उन्हें यह अहम सबक सिखाया कि जिंदगी हर समय भागदौड़ करने या हर काम को तुरंत निपटाने की होड़ नहीं है। चीजें वक्त के साथ खुद अपनी जगह पर व्यवस्थित हो जाती हैं, इसलिए बेवजह की हड़बड़ाहट और तनाव में उलझने से कोई लाभ नहीं होता। जीवन में काफी अनुभव प्राप्त कर चुके इंसान होने के नाते प्रकाश उनकी भावनात्मक जरूरतों को बेहद गहराई से समझ पाए।
शुरुआती बातचीत में ही साफ इरादे और सहज व्यक्तित्व
पोनी वर्मा ने बताया कि उन्हें प्रकाश राज की जो बात सबसे अधिक भाई, वह थी उनका स्पष्टवादी और सच्चा अंदाज। उन्होंने कभी भी खुद को आकर्षक दिखाने के लिए किसी बनावटी व्यवहार का सहारा नहीं लिया और न ही अपनी स्वाभाविक शख्सियत को बदलने की चेष्टा की। मुंबई जैसे महानगर में पली-बढ़ी होने के कारण पोनी ग्लैमर और तड़क-भड़क की दुनिया से भली-भांति वाकिफ थीं, लेकिन प्रकाश ने उनके साथ मुलाकात के दौरान पूरी सादगी बनाए रखी।
इसके अलावा, प्रकाश ने पहली ही मुलाकात में अपने उद्देश्य को लेकर कोई दुविधा नहीं छोड़ी। उन्होंने साफ लफ्जों में बता दिया था कि वह कोई अनौपचारिक या वक्त बिताने वाला रिश्ता नहीं चाहते, बल्कि एक स्थाई और विवाह के पवित्र बंधन की तलाश में हैं। किसी भी तरह के दिखावे से परे उनका यह सीधा दृष्टिकोण पोनी को बहुत प्रभावित कर गया और उन्होंने इस रिश्ते को आगे बढ़ाने का पक्का मन बनाया।
बेटियों संग सौहार्दपूर्ण रिश्ता और विवाह के दौरान निभाई गई रस्में
बातचीत में पोनी ने प्रकाश राज की पूर्व पत्नी से जन्मी दोनों पुत्रियों, पूजा और मेघना, के साथ अपने रिश्तों पर भी रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि शादी के बंधन में बंधने से पहले ही उनका दोनों बेटियों के साथ बहुत अच्छा दोस्ताना और सहज रिश्ता स्थापित हो चुका था, जो आज भी परिवार में अटूट बना हुआ है।
विवाह के दिन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि प्रकाश की दोनों बेटियां पूरे समारोह में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी थीं। बेटियों ने विवाह की पारंपरिक रस्मों में बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने पिता को हल्दी तथा मेहंदी की रस्में खुद निभाईं। पोनी ने बताया कि आज भी पूरा परिवार हर साल दिसंबर के महीने में एक साथ छुट्टियां बिताता है और जिंदगी के हर छोटे-बड़े महत्वपूर्ण पड़ाव पर सभी सदस्य एक-दूसरे के साथ खड़े नजर आते हैं। इस परिवारिक माहौल में किसी भी तरह की असहजता नहीं है और शादी के करीब 16 वर्ष पूरे होने के बाद भी यह स्नेह और जुड़ाव वैसा ही बना हुआ है।
मायानगरी मुंबई से विदा लेकर हैदराबाद में नया बसेरा
पोनी वर्मा ने अपने काम और रहने के शहर को बदलने के अपने अनुभव को भी साझा किया। साल 2000 में उन्होंने हिंदी सिनेमा में नृत्य निर्देशक के तौर पर अपने पेशेवर सफर की शुरुआत की थी। उनका पूरा कार्यक्षेत्र और जीवन मुंबई की हलचल के इर्द-गिर्द ही केंद्रित था, और उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वह इस शहर को छोड़कर कहीं और अपना घर बसाएंगी।
लेकिन विवाह के बाद उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को पुनर्गठित किया और हैदराबाद में बसने का फैसला लिया। वर्तमान में वह हैदराबाद के शांत माहौल में बेहद खुशहाल जिंदगी बिता रही हैं और अपने उस फैसले को जीवन का बेहतरीन मोड़ मानती हैं।
विवाह का इतिहास और पारिवारिक पृष्ठभूमि
प्रकाश राज और पोनी वर्मा ने 24 अगस्त 2010 को करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों की मौजूदगी में पंजाबी रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया था। इस निजी जलसे में प्रकाश की माता जी, उनकी बेटियां और चुनिंदा मित्र शरीक हुए थे। इसके बाद साल 2016 में दोनों के घर बेटे वेदांत का जन्म हुआ। दिलचस्प बात यह है कि साल 2021 में जब उनकी शादी की 11वीं वर्षगांठ आई, तो इस दंपति ने अपने बेटे वेदांत की खातिर एक बार फिर विवाह की रस्में दोहराईं, ताकि वह भी अपने माता-पिता के इस खास पल का साक्षी बन सके।
गौरतलब है कि प्रकाश राज का पहला विवाह साल 1994 में अभिनेत्री ललिता कुमारी के साथ संपन्न हुआ था। उस रिश्ते से उनकी दो बेटियां पूजा और मेघना तथा एक पुत्र सिद्धू थे। दुर्भाग्यवश, साल 2004 में महज 10 वर्ष की उम्र में उनके बेटे सिद्धू का असामयिक देहांत हो गया था। प्रकाश राज भारतीय सिनेमा के एक अत्यंत प्रतिष्ठित कलाकार हैं, जिन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी सिनेमा में कई यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। वहीं पोनी वर्मा भी हिंदी, तेलुगु और तमिल फिल्मों में अपने उत्कृष्ट कोरियोग्राफी कार्य के लिए व्यापक रूप से जानी जाती हैं।



















