मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित एक स्कूल के वार्षिक समारोह में शामिल होने पहुंचे जाने-माने अभिनेता गोविंदा से जब 'जेन-जी' के विरोध प्रदर्शनों को लेकर सवाल किया गया, तो वह काफी असहज नजर आए। वर्तमान समय में पारिवारिक जीवन और सिनेमाई दुनिया में वापसी को लेकर सुर्खियों में बने अभिनेता ने पहले तो इस मुद्दे पर बात करने से बचने की कोशिश की। हालांकि, जब वही प्रश्न दोबारा सामने आया, तो उन्होंने युवाओं के रुख, अपनी प्राथमिकताओं और राजनीति से अपने अलगाव पर खुलकर बात रखी।
युवाओं को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह
कार्यक्रम के दौरान जब उनसे युवाओं और उनके विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा विषय उठाया गया, तो अभिनेता शुरुआत में हिचकिचाए और इसे टालते दिखे। जब उनसे लगातार इस पर जोर दिया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस सवाल पर बार-बार न घुमाया जाए। उन्होंने देश की युवा पीढ़ी को समझाते हुए कहा कि वे जो भी कदम उठाएं, उसके पीछे की वास्तविक प्रेरणा और मकसद को पहले ठीक से समझना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि युवाओं को यह जरूर देखना चाहिए कि उनके कार्यों के पीछे कहीं कोई गुप्त राजनीति तो काम नहीं कर रही है।
'जेन-जी' शब्द और माता-पिता के मार्गदर्शन पर विचार
संवाद के दौरान अभिनेता ने 'जेन-जी' शब्दावली के अचानक चलन में आने पर भी सवाल उठाया और पूछा कि आखिर यह शब्द कहां से आ धमका। उन्होंने परिवार और बड़ों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि बच्चों को हमेशा अपने माता-पिता से यह सलाह लेनी चाहिए कि वे जो कर रहे हैं, वह सही दिशा में है या नहीं। उनके अनुसार, किसी भी गतिविधि या आंदोलन से जुड़ने से पहले यह परखना जरूरी है कि कहीं इसके पीछे कोई राजनीतिक स्वार्थ तो नहीं छिपा है।
राजनीतिक सफर और उससे दूरी की वजह
अपने अतीत के सार्वजनिक जीवन पर चर्चा करते हुए अभिनेता ने स्वीकार किया कि उन्हें राजनीति कभी रास नहीं आई। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें तो यह शब्द ही पसंद नहीं है और वह इससे पूरी तरह दूर रहना पसंद करते हैं। हिंदी सिनेमा में कई दशक बिताने और करीब 160 फिल्मों में काम करने वाले अभिनेता ने अपने करियर के एक पड़ाव पर राजनीति का भी अनुभव लिया था। साल 2004 में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली थी, लेकिन फिल्मों तथा अन्य व्यक्तिगत व्यस्तताओं की वजह से वह इस क्षेत्र को पूरा समय नहीं दे सके। इसके बाद साल 2008 में उन्होंने सक्रिय राजनीति से पूरी तरह किनारा कर लिया।



















