भारतीय सिनेमा के इतिहास में वर्ष 1975 में आई फिल्म 'शोले' एक ऐसा मील का पत्थर साबित हुई, जिसने बॉक्स ऑफिस के सारे समीकरण बदल दिए थे। रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी यह ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म न केवल अमिताभ बच्चन के करियर के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुई, बल्कि इसने हिंदी सिनेमा को कई अमर किरदार, कालजयी संवाद और सदाबहार गाने भी दिए। 51 साल पुरानी इस फिल्म का जादू आज भी दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता है। फिल्म की कहानी में दोस्ती, प्रेम, बदले और संघर्ष के सभी रंग बेहद खूबसूरती से दिखाए गए हैं।
3.5 करोड़ के बजट से 35 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक कमाई
15 अगस्त 1975 को जब शोले ने सिनेमाघरों में दस्तक दी, तो दर्शकों ने इस पर दिल खोलकर प्यार लुटाया। उस दौर में करीब 3.5 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में तैयार की गई इस फिल्म ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए थे। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 35 करोड़ रुपये की बंपर कमाई करके निर्माताओं को मालामाल कर दिया। रिलीज के बाद यह फिल्म लगातार 50 दिनों तक सिनेमाघरों से हटी नहीं थी, जो उस समय अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड था।
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी का रोमांटिक गीत आज भी है लोकप्रिय
शोले को ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर बनाने में इसके संगीत का बहुत बड़ा योगदान रहा है। फिल्म के सभी छह के छह गाने सुपर-डुपर हिट रहे। खासतौर पर धर्मेंद्र और हेमा मालिनी पर फिल्माया गया गाना 'कोई हसीना जब रूठ जाती है' लोगों का पसंदीदा बना हुआ है। इस गाने में वीरू बने धर्मेंद्र अपनी रूठी हुई बसंती यानी हेमा मालिनी को प्यार से मनाते नजर आते हैं। आज भी लोग अपनी प्रेमिका को मनाने के लिए इस गाने की पंक्तियाँ गुनगुनाते हैं। दोनों स्टार्स की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब सराहा था।
लता मंगेशकर और किशोर कुमार की सुरीली आवाज का जादू
फिल्म के संगीत को अमर बनाने में महान गायकों का अहम योगदान रहा। हेमा मालिनी पर फिल्माया गया मशहूर गाना 'जब तक है जां जाने जहां' लता मंगेशकर की सुरीली आवाज के कारण इतिहास में दर्ज हो गया। वहीं किशोर कुमार और लता मंगेशकर की आवाजों में सजे अन्य गानों जैसे 'ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे', 'होली के दिन दिल मिल जाते हैं' और 'महबूबा महबूबा' ने भी हर वर्ग के श्रोताओं को अपना दीवाना बना दिया। ये गाने आज भी हर उत्सव और महफिल की शान बनते हैं।
कालजयी संवाद और दिग्गज स्टारकास्ट की जुगलबंदी
फिल्म का एक-एक किरदार और एक-एक डायलॉग दर्शकों के जहन में आज भी बसा हुआ है। "कितने आदमी थे...", "तुम्हारा नाम क्या है बसंती...", "हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं..." और "ये हाथ हमको देदे ठाकुर..." जैसे संवादों ने शोले को भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। फिल्म में अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, जया बच्चन, संजीव कुमार, अमजद खान, असरानी और एके हंगल जैसे कई बड़े सितारों की दमदार भूमिकाएं देखने को मिली थीं।



















