बॉलीवुड में अपनी पहली ही फिल्म से तहलका मचाने वाली अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया को अपने करियर के शुरुआती दौर में एक खास पहचान मिली थी। प्रसिद्ध फिल्म निर्माता राज कपूर ने उन्हें अपनी चर्चित फिल्म 'बॉबी' से बड़े पर्दे पर पेश किया था। इस फिल्म में डिंपल कपाड़िया द्वारा निभाया गया बोल्ड और नया अवतार दर्शकों को बहुत पसंद आया और वे रातों-रात एक बड़ी हीरोइन के रूप में स्थापित हो गईं। हालांकि, वही ग्लैमरस छवि आगे चलकर उनके करियर की कुछ बेहतरीन भूमिकाओं के रास्ते में रोड़ा भी बन गई। इस बोल्ड इमेज की कीमत उन्हें एक बड़ी फिल्म गंवाकर चुकानी पड़ी थी।
मेरा पति सिर्फ मेरा है के लिए डिंपल कपाड़िया थीं पहली पसंद
यह वाकया साल 1990 में रिलीज हुई पारिवारिक ड्रामा फिल्म 'मेरा पति सिर्फ मेरा है' की कास्टिंग के दौरान का है। इस फिल्म का निर्माण प्रोड्यूसर नितिन कपूर ने किया था, जबकि इसके निर्देशन की कमान निर्देशक एम.एम. मनबाला के हाथों में थी। फिल्म का संगीत आनंद-मिलिंद की मशहूर संगीतकार जोड़ी ने तैयार किया था। फिल्म के मुख्य कलाकारों में जितेंद्र, रेखा और राधिका शामिल थे।
फिल्म की शुरुआती योजना के समय निर्माताओं की पहली पसंद डिंपल कपाड़िया ही थीं। फिल्म के प्रोड्यूसर उन्हें कहानी में मुख्य पत्नी वाले किरदार में कास्ट करना चाहते थे। हालांकि, जब उन्होंने डिंपल कपाड़िया की ऑन-स्क्रीन छवि पर विचार किया, तो उन्हें लगा कि उनकी जरूरत से ज्यादा ग्लैमरस और बोल्ड इमेज एक पारंपरिक पारिवारिक पत्नी के रोल के अनुकूल नहीं बैठेगी। इस वजह से मेकर्स ने अपना फैसला बदल दिया और डिंपल कपाड़िया के हाथ से यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट निकल गया।
अमृता सिंह से होती हुई राधिका तक कैसे पहुंची यह भूमिका
डिंपल कपाड़िया के फिल्म से बाहर होने के बाद निर्माताओं ने इस भूमिका के लिए अभिनेत्री अमृता सिंह से संपर्क किया। मेकर्स ने उन्हें यह रोल ऑफर भी कर दिया था, लेकिन उस समय अमृता सिंह के पास शूटिंग की तारीखों यानी डेट्स की समस्या थी। अपनी व्यस्तता और समय की कमी के कारण वे इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बन सकीं।
इसके बाद मेकर्स ने अभिनेत्री राधिका को इस रोल के लिए चुना। राधिका ने फिल्म में पत्नी का किरदार निभाया और उनके साथ जितेंद्र तथा रेखा ने प्रमुख भूमिकाएं अदा कीं। इन तीनों कलाकारों की मुख्य भूमिकाओं वाली यह फिल्म जब सिनेमाघरों में रिलीज हुई, तो दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया और यह बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी सुपरहिट साबित हुई।
फिल्म की कहानी और तमिल रीमेक का दिलचस्प बैकग्राउंड
फिल्म 'मेरा पति सिर्फ मेरा है' की कहानी एक विवाहित जोड़े के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें जितेंद्र ने प्रकाश का किरदार निभाया है, जो अपनी पत्नी रूपा (राधिका द्वारा निभाया गया रोल) से लगातार परेशान रहता है। प्रकाश का अपनी बेटी के साथ भी व्यवहार अच्छा नहीं रहता है। कहानी में मोड़ तब आता है जब उनके पड़ोस में शारदा (रेखा) रहने आती है। पहले से शादीशुदा होने के बावजूद प्रकाश अपनी पड़ोसन शारदा को दिल दे बैठता है। जब रूपा को अपने पति के इस अफेयर के बारे में पता चलता है, तो वह एक ऐसी योजना बनाती है जो पूरी कहानी का रुख मोड़ देती है।
तकनीकी रूप से यह फिल्म साल 1989 में आई बेहद लोकप्रिय तमिल फिल्म 'एन पुरुषण्ठान एनक्कु मट्टुम्ठान' की आधिकारिक हिंदी रीमेक थी। यद्यपि फिल्म की पटकथा एक बेहद बुनियादी और पारंपरिक पारिवारिक ड्रामे पर आधारित थी, फिर भी इसके कसावट भरे घटनाक्रम और कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों का दिल जीत लिया और फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता दिलाई।



















