1990 की ब्लॉकबस्टर फिल्म आशिकी के ज़रिए रातों-रात पूरे देश में अपनी खास पहचान बनाने वाले मशहूर अभिनेता राहुल रॉय एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी और आर्थिक हालातों को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर राहुल रॉय के कुछ वीडियो सामने आए थे, जिनमें वे शादी-विवाह के समारोहों में परफॉर्मेंस करते हुए नज़र आ रहे थे। इन वीडियो को देखकर उनके चाहने वालों और प्रशंसकों के बीच उनकी वित्तीय स्थिति को लेकर तरह-तरह की बातें और चिंताएं जताई जाने लगीं। इन सभी चर्चाओं के बीच एक विस्तृत इंटरव्यू के दौरान राहुल रॉय ने अपनी जिंदगी से जुड़े कई अहम और भावुक पहलुओं पर खुलकर बात की। उन्होंने 2020 में कारगिल में आई भीषण मेडिकल इमरजेंसी यानी ब्रेन स्ट्रोक, अपनी पूर्व पत्नी राजलक्ष्मी खानविलकर के साथ 14 साल पुरानी शादी के टूटने, तलाक के बाद अपनी मुख्य जायदाद राजलक्ष्मी को सौंपने और अपने ही भाई के साथ 30 लाख रुपये के पुराने कानूनी विवाद पर विस्तार से जानकारी दी है।
आशिकी से मिली रातों-रात पहचान और करियर की शुरुआती चुनौतियां
महेश भट्ट के बेहतरीन निर्देशन में बनी साल 1990 की संगीतमय रोमांटिक फिल्म आशिकी ने राहुल रॉय को हिंदी सिनेमा का नया और बड़ा स्टार बना दिया था। इस फिल्म की ऐतिहासिक सफलता ने उन्हें रातों-रात देश के हर युवा का चहेता अभिनेता बना दिया था। हालांकि, करियर के इस शुरुआती और शानदार दौर के बाद उन्हें लगातार कई व्यावसायिक असफलताओं का सामना करना पड़ा। उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुईं, जिसके कारण 30 वर्ष की उम्र तक आते-आते राहुल रॉय का अभिनय करियर तेजी से ढलान की ओर बढ़ने लगा। धीरे-धीरे एक वक्त ऐसा भी आया जब वे मुख्यधारा के फिल्म उद्योग से पूरी तरह ओझल हो गए। साल 2006 में उन्होंने देश के सबसे चर्चित रियलिटी शो बिग बॉस के पहले सीजन में हिस्सा लिया और अपने सौम्य व्यवहार के दम पर विजेता बनकर उभरे। बिग बॉस की ट्रॉफी जीतने के बाद भी वे अपने फिल्मी करियर में कोई बड़ा मुकाम हासिल नहीं कर सके और एक मजबूत कमबैक पाने के लिए तरसते रहे।
राजलक्ष्मी खानविलकर से मुलाकात, पहली शादी का बैकग्राउंड और विवाह
राहुल रॉय और सुपरमॉडल राजलक्ष्मी खानविलकर की पहली मुलाकात साल 1998 में एक पार्टी के दौरान हुई थी। उस दौर में राहुल रॉय 1990 की आशिकी की अपार सफलता के कारण मनोरंजन जगत का एक बेहद चर्चित और पहचाना नाम बन चुके थे। दूसरी ओर, राजलक्ष्मी खानविलकर फैशन और मॉडलिंग की दुनिया का एक स्थापित चेहरा थीं और उन्होंने एक सफल सुपरमॉडल के रूप में अपनी खास पहचान बनाई थी। उस समय राजलक्ष्मी अपनी पहली शादी टूटने के बाद जिंदगी में अकेलापन महसूस कर रही थीं। राजलक्ष्मी खानविलकर के पहले पति अभिनेता समीर सोनी थे, जो वर्तमान में प्रसिद्ध अभिनेत्री नीलम कोठारी के पति हैं। शुरुआती कुछ मुलाकातों में ही राहुल रॉय और राजलक्ष्मी के बीच एक बहुत ही खास और मजबूत कनेक्शन बन गया। दोनों की दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई और साल 2000 में दोनों ने धूमधाम से शादी कर ली।
ऑस्ट्रेलिया स्थानांतरण, दूरियां और 2014 में तलाक का फैसला
शादी के शुरुआती वर्षों में राहुल रॉय और राजलक्ष्मी खानविलकर का शादीशुदा जीवन बेहद शांतिपूर्ण और खुशहाल तरीके से बीत रहा था। लेकिन उनके इस वैवाहिक रिश्ते में मोड़ तब आया जब राजलक्ष्मी ने अपने बिजनेस के सिलसिले में भारत से ऑस्ट्रेलिया शिफ्ट होने का निर्णय लिया। वे अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए ऑस्ट्रेलिया रिलोकेट हो गईं। शुरुआत में राहुल रॉय भी उनके साथ ऑस्ट्रेलिया गए और वहां उनके बिजनेस सेटअप में हर संभव मदद की। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में रहते हुए राहुल रॉय को खुद के अभिनय करियर के लिए कोई बेहतर अवसर नहीं मिल पा रहे थे। ऐसे में उन्होंने फैसला किया कि वे भारत वापस लौटेंगे। भारत लौटने के बाद उन्होंने 2006 में बिग बॉस तो जीता, लेकिन दोनों के बीच भौगोलिक दूरी के कारण रिश्ते में खिंचाव आने लगा। लॉन्ग डिस्टेंस की चुनौतियों के कारण दोनों इस शादी को सुचारू रूप से नहीं चला पा रहे थे। आखिरकार 14 साल तक शादी के बंधन में रहने के बाद साल 2014 में दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का कानूनी फैसला ले लिया।
कारगिल में ब्रेन स्ट्रोक, इलाज का भारी खर्च और पूर्व पत्नी को संपत्ति देना
साल 2020 में राहुल रॉय जब कारगिल में एक फिल्म की शूटिंग में व्यस्त थे, तब अचानक वे एक गंभीर ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो गए। इस भीषण स्ट्रोक ने उनके शरीर पर बहुत बुरा असर डाला, जिससे वे न तो ठीक से बोल पा रहे थे और न ही अपने पैरों पर चल पाने में सक्षम थे। उस वक्त वे अपनी पत्नी से पहले ही अलग हो चुके थे, जिससे उन्हें इस कठिन दौर से अकेले ही गुजरना पड़ा। अपने एक हालिया इंटरव्यू में राहुल रॉय ने अपनी एनिमनी और तलाक के समझौतों पर बात करते हुए बताया कि अलग होने के बाद उन्होंने अपनी मुख्य संपत्ति और जायदाद राजलक्ष्मी के नाम कर दी थी। पूर्व पत्नी को मुख्य संपत्ति सौंपने और उसके बाद ब्रेन स्ट्रोक के लंबे इलाज तथा फिजियोथेरेपी पर हुए भारी खर्च के कारण उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह डगमगा गई। राहुल रॉय और राजलक्ष्मी के कोई बच्चे नहीं थे, जिसके कारण आपसी सहमति से अलग होना आसान तो रहा, लेकिन आर्थिक रूप से वे काफी कमजोर हो गए।
भाई से 30 लाख रुपये का कानूनी विवाद और 60 की उम्र में नई शुरुआत
अपनी वर्तमान वित्तीय कठिनाइयों के बारे में और जानकारी देते हुए राहुल रॉय ने खुलासा किया कि वे अपने भाई से जुड़े 30 लाख रुपये के एक पुराने कानूनी विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। इलाज के भारी-भरकम खर्चों, मुख्य प्रॉपर्टी के हाथ से निकल जाने और कानूनी विवादों ने उनकी जमापूंजी को खत्म कर दिया। जीवन यापन के लिए वे अब विभिन्न निजी कार्यक्रमों और शादी समारोहों में परफॉर्म करते हैं, जहां से उन्हें एक इवेंट के लिए 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की फीस मिल जाती है। 60 वर्ष की उम्र में अपनी जिंदगी को दोबारा संवारने की कोशिशों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 5 सालों में आए भारी उतार-चढ़ाव ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़कर रख दिया था। उनके पास न तो काम था और न ही उनका स्वास्थ्य ठीक था। उन्होंने स्वीकार किया कि यदि ये बीमारियां और परिस्थितियां न होतीं तो शायद वे बेहतर स्थिति में होते। फिर भी वे आज खुश हैं और उन लोगों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं जो आज भी उन पर भरोसा करते हैं।



















