बॉलीवुड की प्रमुख अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने अपनी छोटी बहन करीना कपूर खान के अभिनय सफर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए एक दिलचस्प वाकया साझा किया है। करिश्मा के मुताबिक, फिल्म के सेट पर करीना का पहला क्लोज-अप शॉट देखते ही उन्हें इस बात का पूरा यकीन हो गया था कि उनकी बहन आने वाले समय में एक बहुत बड़ी सुपरस्टार बनेगी।
कपूर परिवार की दशकों पुरानी परंपरा में बदलाव
कपूर खानदान में लंबे समय से यह परंपरा चली आ रही थी कि परिवार की महिलाएं शादी के बाद अभिनय की दुनिया से दूरी बना लेती थीं। बबीता और नीतू सिंह जैसी नामचीन अभिनेत्रियों ने कपूर परिवार में शादी करने के बाद ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कह दिया था। हालांकि, करिश्मा कपूर ने 90 के दशक की शुरुआत में इस परिपाटी को तोड़ते हुए हिंदी सिनेमा में कदम रखा। वह कपूर परिवार की पहली महिला बनीं जिन्होंने फिल्मों में अभिनय किया और गोविंदा तथा सलमान खान जैसे दिग्गज अभिनेताओं के साथ कई सुपरहिट फिल्में देकर खुद को शीर्ष अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया।
रिफ्यूजी के सेट पर वह पहला क्लोज-अप शॉट
करिश्मा कपूर की सफलता के बाद करीना कपूर ने वर्ष 2000 में प्रदर्शित फिल्म रिफ्यूजी से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। करिश्मा ने बताया कि जब वह पहली बार रिफ्यूजी की शूटिंग देखने पहुंचीं, तब करीना का एक क्लोज-अप दृश्य फिल्माया जा रहा था। उस दृश्य में करीना को अपना बुर्का ऊपर उठाना था। उस एक शॉट के दौरान करीना की आंखों की अभिव्यक्ति और चेहरे के हाव-भाव को देखकर करिश्मा हैरान रह गईं। करिश्मा का मानना है कि करीना की आंखों से भाव व्यक्त करने की क्षमता अद्भुत है, और उसी समय उन्हें अहसास हो गया था कि करीना एक बड़ी अभिनेत्री बनने जा रही हैं।
निर्देशक जेपी दत्ता के साथ पारिवारिक संबंध
करीना कपूर के डेब्यू में निर्देशक जेपी दत्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। करिश्मा कपूर ने बताया कि जेपी दत्ता एक समय उनके पिता और अभिनेता रणधीर कपूर के सहायक के रूप में काम करते थे। पिता के साथ काम कर चुके निर्देशक के मार्गदर्शन में करीना को पहला अवसर मिला, जिससे यह डेब्यू परिवार के लिए और भी खास बन गया।
बचपन के स्वभाव में अंतर और बहनों का जुड़ाव
करिश्मा कपूर ने अपनी और करीना की बचपन की शख्सियत के अंतर पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि वह खुद काफी शांत और सीधी स्वभाव की थीं, जबकि करीना बहुत ही जोशीली, निडर और बेबाक थीं। करिश्मा के अनुसार, अक्सर बड़े बच्चे सीधे होते हैं और छोटे बच्चे अधिक ऊर्जावान होते हैं। करिश्मा ने यह भी साझा किया कि बचपन में उन्हें अपनी मां से कई बार अपनी छोटी बहन का बचाव करना पड़ता था। महान अभिनेता राज कपूर की पोतियों और रणधीर कपूर व बबीता की बेटियों के रूप में दोनों बहनों ने अपनी अलग-अलग विशेषताओं के बल पर फिल्म उद्योग में ऊंचा मुकाम हासिल किया।



















