बॉलीवुड अभिनेता विक्रांत मैसी वर्तमान समय के सबसे बेहतरीन और प्रतिभाशाली कलाकारों में गिने जाते हैं। फिल्म 12वीं फेल की ऐतिहासिक सफलता के बाद उनकी अभिनय क्षमता को देशभर में व्यापक सराहना मिली और उन्होंने फिल्म उद्योग में एक खास पहचान बनाई। हालांकि, इस बड़ी व्यावसायिक और आलोचनात्मक सफलता के साथ-साथ उन्हें एक बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण दौर से भी गुजरना पड़ा। हाल ही में एक साक्षात्कार में विक्रांत मैसी ने खुलासा किया कि उनकी फिल्म द साबरमती रिपोर्ट के प्रदर्शन के बाद उन्हें न केवल सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और नफरत का सामना करना पड़ा, बल्कि उन्हें खुलेआम गंभीर धमकियां भी दी गईं।
सोशल मीडिया पर बढ़ा जहर और लीक हुई निजी जानकारी
वरिष्ठ अभिनेता शेखर सुमन के लोकप्रिय यूट्यूब शो शेखर टुनाइट में बातचीत के दौरान विक्रांत मैसी ने इंटरनेट पर बढ़ती विषाक्तता और अपने मानसिक स्वास्थ्य पर इसके गंभीर असर के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने साक्षात्कार में यह स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान सोशल मीडिया मंचों पर कड़वाहट और नफरत का माहौल बहुत तेजी से बढ़ा है। विक्रांत ने स्पष्ट रूप से माना कि इस ऑनलाइन नकारात्मकता का सीधा और प्रतिकूल प्रभाव उनके भावनात्मक संतुलन तथा मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ा था।
वर्ष 2002 में घटे गोधरा कांड की दर्दनाक घटना और साबरमती एक्सप्रेस अग्निकांड की पृष्ठभूमि पर निर्मित फिल्म द साबरमती रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए विक्रांत ने कहा कि उन्हें इस परियोजना का हिस्सा बनने पर बहुत गर्व है। हालांकि, फिल्म के प्रदर्शन के बाद कई लोगों ने बिना पूरी बात समझे इसे एक प्रोपेगैंडा फिल्म का टैग दे दिया। इस दुखद ऐतिहासिक घटना को पर्दे पर प्रस्तुत करने के बदले उन्हें ऑनलाइन मंचों पर अत्यधिक गालियां और अपमानजनक टिप्पणियां झेलनी पड़ीं। स्थिति तब और खतरनाक हो गई जब उपद्रवियों ने उनका निजी व्हाट्सएप नंबर और उनकी गाड़ी का नंबर इंटरनेट पर सार्वजनिक रूप से लीक कर दिया, जिसके बाद उन्हें सरेआम धमकियां मिलने लगीं।
मासूम बेटे के जन्म के नाजुक दौर में मिलीं धमकियां
विक्रांत मैसी ने बताया कि सुरक्षा से जुड़ी ये धमकियां उनके व्यक्तिगत जीवन के एक बेहद संवेदनशील और नाजुक मोड़ पर आईं। जिस समय यह पूरा विवाद और उत्पीड़न चरम पर था, उस समय उनके घर में एक बेटे का जन्म हुआ था और उनका बच्चा महज 6 महीने का था। परिवार की सुरक्षा को लेकर पैदा हुए इस माहौल ने उन्हें भीतर तक झकझोर कर रख दिया था। विक्रांत ने याद करते हुए कहा कि उस कठिन समय में उन्होंने मीडिया के सामने भी इस पूरी स्थिति और अपनी मानसिक चिंता को खुले तौर पर व्यक्त किया था।
हालांकि समय बीतने के साथ विक्रांत ने इस तरह की नफरत और नकारात्मकता से खुद को भावनात्मक रूप से अलग करना सीख लिया। उन्होंने अपनी विचार प्रक्रिया में आए बदलाव को साझा करते हुए कहा कि वक्त ने उन्हें यह अहसास कराया कि इंटरनेट पर बैठकर हमला करने वाले लोग दरअसल पर्दे के पीछे छिपे कायर होते हैं। अब उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन उनके बारे में क्या टिप्पणी कर रहा है। विक्रांत ने जोर देकर कहा कि उनके लिए केवल उनके अपने परिजन और निर्भर लोग मायने रखते हैं, जिनकी जिम्मेदारी उनके कंधों पर है और वे केवल उन्हीं के प्रति जवाबदेह हैं।
करियर की बुलंदियों के बीच अचानक ब्रेक लेने का फैसला
वार्तालाप के दौरान विक्रांत मैसी ने उस फैसले के पीछे के कारणों पर भी रोशनी डाली जिसने उनके प्रशंसकों को हैरान कर दिया था। करियर के उच्चतम बिंदु पर अचानक अभिनय से ब्रेक लेने की घोषणा पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इस पर सफाई देते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 और 2024 उनके पेशेवर करियर के लिए अभूतपूर्व रहे। 12वीं फेल, सेक्टर 36 और द साबरमती रिपोर्ट जैसी फिल्मों ने उन्हें अपार प्रसिद्धि, सम्मान और दर्शकों का अटूट प्यार दिलाया।
लेकिन इस पेशेवर सफलता का एक दूसरा पहलू भी था। लगातार शूटिंग और काम के सिलसिले में उन्हें लंबे समय तक अपने घर और परिवार से दूर रहना पड़ रहा था। ठीक इसी अवधि में उनके बेटे का जन्म हुआ था। एक तरफ जहां वे स्टारडम और शोहरत के नए शिखरों को छू रहे थे, वहीं दूसरी तरफ उनके भीतर एक गहरा खालीपन पनप रहा था। वे अपने परिवार और नवजात शिशु से दूर रहने की तड़प को शिद्दत से महसूस कर रहे थे। इसी अंदरूनी खालीपन को दूर करने और अपने बेटे तथा परिवार के साथ अनमोल समय बिताने के उद्देश्य से उन्होंने अभिनय से अस्थाई विराम लेने का सचेत निर्णय लिया था।



















