बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले की जांच कर रही मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रविवार को हरियाणा के करनाल से एक 22 वर्षीय महिला को हिरासत में लिया है। जांच दल के अनुसार पकड़ी गई युवती मामले के फरार आरोपी अनिल पंडित की करीबी रिश्तेदार है। वित्तीय लेन-देन की पड़ताल के दौरान सामने आया कि इसी महिला के बैंक खाते का इस्तेमाल अन्य आरोपियों तक पैसे पहुंचाने के लिए किया गया था। इस ताजा कार्रवाई के बाद जुहू गोलीबारी कांड में पकड़े गए लोगों की कुल तादाद बढ़कर 13 हो गई है, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। स्थानीय करनाल पुलिस के सहयोग से की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाने की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, जहां सोमवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा।
जुहू में फुटबॉल मैदान के बाहर हुई थी अंधाधुंध गोलीबारी
यह सनसनीखेज वारदात 18 अक्टूबर को उस समय घटी जब 36 वर्षीय अभिनेता टाइगर श्रॉफ मुंबई के जुहू इलाके में एक फुटबॉल ग्राउंड से बाहर निकल रहे थे। घात लगाए बैठे हमलावरों ने अचानक उनकी कार को निशाना बनाते हुए गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। इस अचानक हुए हमले में अभिनेता बाल-बाल बच गए, हालांकि उनके हाथ में चोट आई थी। गोलीबारी की इस घटना में टाइगर के वाहन चालक के अलावा पास मौजूद एक ऑटो रिक्शा चालक तथा वहां खड़ा एक व्लॉगर भी जख्मी हो गए थे। फिल्म जगत में इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक चिंता देखने को मिली थी।
कड़ी धाराओं और मकोका के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
हमले के ठीक अगले दिन 19 अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 109(1) और 3(5) के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 3 व 25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने प्रत्यक्ष रूप से गोलियां दागने वाले शूटरों से लेकर साजिश रचने और वित्तीय मदद देने वाले सिंडिकेट तक अपनी जांच का दायरा फैलाया। मामले की गंभीरता और संगठित आपराधिक संलिप्तता को देखते हुए जांच एजेंसी ने सभी आरोपियों पर कड़े महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी MCOCA के प्रावधान लागू कर दिए।
वित्तीय कड़ियों और संगठित सिंडिकेट की पड़ताल
सक्षम प्राधिकारी से 27 अक्टूबर 2026 को MCOCA की धारा 23(1)(a) के तहत जरूरी कानूनी मंजूरी मिलने के बाद पुलिस ने मामले में मकोका की धारा 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) जोड़ दी थीं। करनाल से पकड़ी गई 22 वर्षीय महिला की गिरफ्तारी इस संगठित तंत्र की वित्तीय कड़ियों को बेनकाब करने में बेहद अहम मानी जा रही है। जांचकर्ताओं का ध्यान अब अनिल पंडित के सटीक ठिकाने का पता लगाने और इस पूरे आपराधिक नेटवर्क की फंडिंग चेन को पूरी तरह ध्वस्त करने पर केंद्रित है।

















