घरों और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इंटरनेट से जुड़ने वाले स्मार्ट गैजेट्स का दायरा लगातार बढ़ रहा है। आज रेफ्रिजरेटर, सेंट्रल हीटिंग सिस्टम से लेकर वाशिंग मशीन तक सीधे वेब नेटवर्क से नियंत्रित हो रहे हैं। सिद्धांत के तौर पर देखें तो हर वह इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जिसे इंटरनेट से जोड़ा जाता है, साइबर हमलावरों के निशाने पर आ सकता है। हालांकि बड़ी तकनीकी कंपनियां अपने उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम करती हैं, जिससे हैकर्स के लिए किसी उपकरण पर सीधा नियंत्रण हासिल करना आसान नहीं होता। इसके बावजूद सुरक्षा खामियों के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, जैसे वर्ष 2015 में शोधकर्ताओं ने सैमसंग के एक स्मार्ट फ्रिज में ऐसी तकनीकी खामी पकड़ी थी जिससे इंटरनेट ट्रैफिक को बीच में ही इंटरसेप्ट किया जा सकता था।
खुदरा स्टोरों पर हुए हमले और सार्वजनिक इंटरनेट पर खुले सिस्टम
नवंबर के महीने में सुपरमार्केट श्रृंखलाओं को निशाना बनाकर किए गए साइबर हमलों के बाद यह चिंता और गहरी हो गई है। हालांकि अब तक ऐसे कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं कि घरों में इस्तेमाल होने वाले घरेलू उपकरणों को इन हमलों में निशाना बनाया गया था। इसके बावजूद व्यावसायिक स्तर पर स्थिति चिंताजनक दिखाई दे रही है। यूके साइबर डिफेंस के शोधकर्ताओं ने एक चौंकाने वाले विश्लेषण में पाया कि ब्रिटिश रिटेलरों से जुड़े 800 से अधिक रेफ्रिजरेशन और बिल्डिंग-कंट्रोल इंटरफेस सार्वजनिक इंटरनेट पर सीधे एक्सेस किए जा सकते हैं। इसका सीधा मतलब यह नहीं है कि इन सभी प्रणालियों को तुरंत हैक कर लिया गया है, लेकिन कमजोर पासवर्ड या पुराने सॉफ्टवेयर की वजह से ये ऑनलाइन हमलावरों के लिए बेहद आसान शिकार बन सकते हैं।
हार्डवेयर सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने की चुनौती
यूके के नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर (एनसीएससी) के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी सियारान मार्टिन का मानना है कि कनेक्टेड डिवाइसों को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए निर्माताओं को अभी काफी ठोस कदम उठाने की जरूरत है। तकनीकी कंपनियों से शुरुआत से ही अधिक सुरक्षित उत्पाद तैयार करने की मांग की जानी चाहिए। उन्होंने आम उपभोक्ताओं को भी सलाह दी है कि वे अपने सभी स्मार्ट उपकरणों के सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेट रखें और जहां भी संभव हो मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें, क्योंकि चंद पलों की यह सावधानी बड़े जोखिम से बचा सकती है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2024 से ब्रिटेन के कानून ने उपभोक्ता स्मार्ट उपकरणों के निर्माताओं के लिए न्यूनतम साइबर सुरक्षा मानकों को पूरा करना अनिवार्य कर दिया है, जिसमें पासवर्ड और नियमित सुरक्षा अपडेट के सख्त नियम शामिल हैं।
साइबर सुरक्षा कंपनी सेंटिनलवन के शोधकर्ता टॉम हेगेल ने इस बात पर जोर दिया है कि खुदरा कंपनियों को उपकरणों की सुरक्षा जवाबदेही स्पष्ट करनी होगी। खुदरा विक्रेताओं को इस सवाल का साफ जवाब तय करना होगा कि उन उपकरणों की डिजिटल सुरक्षा का मालिक कौन है, न कि केवल यह देखना कि खराबी आने पर उनकी मरम्मत कौन करता है। इंटरनेट कनेक्टिविटी रोजमर्रा की तकनीकों को बेहद सुविधाजनक बना देती है, मगर सुरक्षा की गति भी उसी रफ्तार से बढ़नी चाहिए। यदि कोई हमलावर तापमान नियंत्रण प्रणाली तक पहुंच जाता है, तो डीफ्रॉस्टिंग जैसी सामान्य प्रक्रिया भी भारी तबाही का हथियार बन सकती है। तापमान की एक सेटिंग बदलकर लाखों रुपये का भौतिक स्टॉक और खाद्य सामग्री पल भर में नष्ट की जा सकती है, जो केवल कंप्यूटर सिस्टम बाधित होने से कहीं अधिक बड़ा नुकसान है।
खाद्य आपूर्ति और उद्योग स्तर पर बुनियादी ढांचे की संवेदनशीलता
ब्रिटिश रिटेल कंसोर्टियम की मुख्य कार्यकारी हेलेन डिकिंसन ने स्पष्ट किया है कि साइबर घटनाएं खुदरा विक्रेताओं के लिए एक बहुत बड़ी चिंता का सबब बन चुकी हैं। इस खतरे से निपटने के लिए कारोबारी संस्थान एनसीएससी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि खुफिया जानकारी साझा की जा सके और अपनी सुरक्षा प्रणालियों को और अधिक पुख्ता बनाया जा सके। खाद्य आपूर्ति श्रृंखला पर साइबर हमलों का प्रभाव पड़ने की यह कोई पहली आशंका नहीं है। ब्रिटेन सरकार भी सुपरमार्केट पर हुए पिछले हमलों को देखते हुए खाद्य खुदरा क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ साइबर लचीलेपन और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत बातचीत कर चुकी है। एनसीएससी ने कहा है कि वह सुपरमार्केट की घटनाओं की तह तक जाने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और संबंधित उद्योगों के साथ मिलकर काम कर रहा है, हालांकि ब्रिटेन में किसी प्रत्यक्ष असर की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
औद्योगिक मशीनरी, वाहन और सार्वजनिक सेवाओं तक फैला जोखिम
घर और सुपरमार्केट से परे इंटरनेट से जुड़ी तकनीक का उपयोग औद्योगिक मशीनरी, ऊर्जा संयंत्रों, जल आपूर्ति नेटवर्क और वाहनों को दूर बैठकर प्रबंधित करने के लिए बड़े पैमाने पर हो रहा है। मोबाइल कनेक्टिविटी के जरिए इंजीनियर दूरदराज बैठकर बिजली संयंत्रों और पानी की पाइपलाइनों की निगरानी करते हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ मुनरो के अनुसार ब्रिटेन की उपयोगिता सेवाएं आमतौर पर इन डिजिटल कनेक्शनों को सुरक्षित रखने में बेहतर प्रदर्शन करती हैं, लेकिन दुनिया भर में इसके सुरक्षा मानक एक समान नहीं हैं। सबसे गंभीर चिंता उन छोटी और सीमित बजट वाली उपयोगिता कंपनियों को लेकर है जो अभी भी पुराने और तकनीकी रूप से कमजोर उपकरणों पर निर्भर हैं। दूसरी तरफ वाहन उद्योग ने शुरुआती दौर में ही अपनी खामियों को पहचान कर उन्हें ठीक करने का काम किया। क्लाउड सुरक्षा फर्म जीस्केलर के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ ओलिवियर डालॉय ने चेतावनी दी है कि पर्याप्त सुरक्षा घेरे के बिना इंटरनेट से जुड़े किसी भी कारखाने, उपकरण, कार निर्माता या परिवहन ढांचे को इस तरह के विनाशकारी जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।
















