नब्बे के दशक के बाद के दौर में जब युवा दिलों की धड़कनें बढ़ाने वाले संगीत का दौर था, तब एक ऐसी सिनेमाई पेशकश आई जिसके गानों ने कॉलेज परिसरों से लेकर हर प्रेमी जोड़े की जुबान पर कब्जा कर लिया था। यह फिल्म साल 2002 में सिनेमाघरों में उतरी थी और इसका जादू आज भी पुराने संगीत प्रेमियों के जेहन में ताजा है। इस फिल्म का संगीत इतना असरदार था कि इसकी धुनें सुनते ही पुरानी यादें और कॉलेज के दिन ताजा हो जाते हैं।
स्टार कास्ट और निर्देशन का कमाल
इस मेलोड्रामा और एक्शन फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में करण नाथ और जीविधा शर्मा नजर आए थे। पर्दे के पीछे निर्देशन की कमान कुकू कोहली ने संभाल रखी थी। यह सिनेमाघरों में 18 जनवरी 2002 को प्रदर्शित हुई थी। मूल रूप से इसकी पटकथा करण और पूजा के बीच पनपने वाले प्रेम प्रसंग से शुरू होती है, लेकिन आगे चलकर यह कहानी आतंकवाद और विमान अपहरण जैसे गंभीर मुद्दों की तरफ मुड़ जाती है। इस प्रकार दर्शकों को एक ही फिल्म में प्रेम कहानी के साथ-साथ भरपूर एक्शन और रोमांच देखने को मिला था।
संगीतकार जोड़ी का शानदार कमबैक
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी ताकत इसका संगीत साबित हुआ जिसे प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण ने तैयार किया था। इस संगीत एलबम ने बाजार में आते ही तहलका मचा दिया था। कुमार सानू, अलका याग्निक, उदित नारायण और अनुराधा पौडवाल जैसे दिग्गज गायकों की आवाज ने इन रचनाओं को अमर बना दिया। इसके गानों ने उस समय के युवाओं के बीच अद्भुत लोकप्रियता हासिल की थी। इस प्रोजेक्ट के गीतों की रचना समीर ने की थी और इसके मुख्य टाइटल ट्रैक को कुमार सानू तथा अलका याग्निक ने अपनी आवाज दी थी।
रिकॉर्ड तोड़ संगीत बिक्री और बॉक्स ऑफिस सफलता
इस एलबम की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बॉक्स ऑफिस इंडिया के आंकड़ों के अनुसार इसकी करीब 16 लाख यूनिट्स बिकी थीं और यह उस साल के सबसे ज्यादा बिकने वाले संगीत एल्बमों में शुमार रहा था। कई बड़ी सितारों वाली फिल्में जब सिनेमाघरों में असफल हो रही थीं, तब इस फिल्म ने अपने दमदार संगीत और रोमांचक कहानी के दम पर सिनेमाघरों के बाहर हाउसफुल के बोर्ड लगवा दिए थे।
कहानी में आतंकवाद और विमान अपहरण का मोड़
पटकथा के अनुसार करण और पूजा की प्रेम कहानी कॉलेज के दिनों में शुरू होती है। हालांकि पूजा के भाई विजय और एक खतरनाक आतंकवादी संगठन की साजिश के कारण दोनों की राहें मुश्किलों भरी हो जाती हैं। जब पूजा मुंबई जाने के लिए एक विमान में सवार होती है, तो उसे हाईजैक कर लिया जाता है। इसके बाद नायक अपनी प्रेमिका की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी को खतरे में डालकर निकल पड़ता है।
कमाई और वित्तीय आंकड़े
अगर इस प्रोजेक्ट के वित्तीय पहलुओं की बात करें तो यह लगभग 4.25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई थी। बॉक्स ऑफिस इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका भारत में शुद्ध यानी नेट कलेक्शन लगभग 6.22 करोड़ रुपये रहा था। देश के भीतर इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन करीब 10.43 करोड़ रुपये तक पहुंचा था, जबकि दुनियाभर में इसका ग्रॉस लगभग 10.57 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इस फिल्म ने अपनी रिलीज के पहले दिन करीब 47 लाख रुपये की कमाई की थी और पहले सप्ताह में इसका कुल कारोबार लगभग 2.57 करोड़ रुपये रहा था। इसके बाद भी यह लंबे समय तक सिनेमाघरों में टिकी रही और इसका कुल नेट कलेक्शन करीब 6.21 करोड़ रुपये के आसपास सिमट गया।

















