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मुख्यमंत्री कन्यादान योजना: बेटी के विवाह पर राजस्थान सरकार दे रही इक्यावन हजार रुपये तक की मदद, ऐसे करें आवेदनराजस्थान
29 अग॰ 2026, 4:04 pm (44 मिनट पहले)· 3

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना: बेटी के विवाह पर राजस्थान सरकार दे रही इक्यावन हजार रुपये तक की मदद, ऐसे करें आवेदन

राजस्थान के जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 21 हजार रुपये से लेकर 51 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है।

राजस्थान के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का संचालन किया जा रहा है, जिसे सहयोग एवं उपहार योजना के नाम से भी जाना जाता है। इस जनकल्याणकारी पहल का प्रमुख उद्देश्य राज्य के बीपीएल, अंत्योदय, विधवा, विशेष योग्यजन, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक श्रेणियों से ताल्लुक रखने वाले परिवारों को बेटियों की शादी के मौके पर वित्तीय संबल प्रदान करना है ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी बेटियों का विवाह संपन्न करा सकें।

योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता का दायरा

इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को बेटी के विवाह के शुभ अवसर पर 21,000 रुपये से लेकर 51,000 रुपये तक की नकद सहायता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। अब तक इस कल्याणकारी योजना के माध्यम से राज्य के 33,321 से अधिक परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया जा चुका है, जिससे गरीब परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिली है।

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श्रेणीवार सहायता राशि का ब्योरा

सरकार द्वारा तय नियमों के मुताबिक, मिलने वाली सहायता राशि का निर्धारण परिवार के वर्ग और कन्या की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर किया जाता है। सामान्य वर्ग के बीपीएल, अंत्योदय, विधवा और विशेष योग्यजन परिवारों को 21,000 रुपये की मूल सहायता राशि दी जाती है। वहीं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग के बीपीएल परिवारों के लिए यह मूल सहायता राशि 31,000 रुपये तय की गई है।

बेटी की शिक्षा के आधार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन

बेटियों की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त राशि भी दी जाती है। यदि विवाह के समय कन्या 10वीं पास है, तो उसकी मूल सहायता राशि में 10,000 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी की जाती है। इसके अलावा, यदि कन्या स्नातक पास है, तो आधार राशि में 20,000 रुपये की अतिरिक्त मदद जोड़ी जाती है। इन शैक्षणिक योग्यताओं के जुड़ने से पात्र लाभार्थियों को अधिकतम 51,000 रुपये तक की कुल सहायता राशि प्राप्त होती है।

पात्रता और शर्तें

इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तों का पालन करना आवश्यक है। आवेदक परिवार मूल रूप से राजस्थान का स्थायी निवासी होना चाहिए। विवाह के वक्त कन्या की कम से कम आयु 18 वर्ष और दूल्हे की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी अनिवार्य है। इसके अलावा, परिवार की कुल वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यह लाभ एक परिवार की अधिकतम दो कन्याओं के विवाह के लिए ही दिया जाता है।

जरूरी दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया

योजना के तहत आवेदन करने के लिए पहचान और पते के रूप में जन आधार कार्ड, आधार कार्ड और राजस्थान का मूल निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी है। पात्रता साबित करने के लिए बीपीएल कार्ड, अंत्योदय कार्ड, विधवा या विशेष योग्यजन प्रमाण पत्र अथवा जाति प्रमाण पत्र देना होगा। इसके अलावा, आयु और विवाह की पुष्टि के लिए जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट के साथ मैरिज सर्टिफिकेट भी देना जरूरी है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि विवाह के 1 साल के भीतर ही आवेदन करना अनिवार्य होता है। इसके साथ ही शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र और बैंक खाते का विवरण भी देना होता है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक राजस्थान सरकार के आधिकारिक ई-मित्र पोर्टल या राज एसएसओ पोर्टल के माध्यम से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर, बीपीएल, अंत्योदय, विधवा, विशेष योग्यजन, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक वर्ग के परिवारों को बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
इस योजना के तहत कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?
इस योजना के तहत पात्र परिवारों को 21,000 रुपये से लेकर 51,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है।
शैक्षणिक योग्यता के आधार पर कितनी अतिरिक्त राशि मिलती है?
10वीं पास कन्या होने पर मूल राशि में 10,000 रुपये और स्नातक पास कन्या होने पर 20,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाती है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए पारिवारिक आय की क्या सीमा है?
आवेदक परिवार की कुल वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
विवाह के कितने समय के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है?
विवाह संपन्न होने के 1 वर्ष के भीतर योजना के तहत आवेदन करना अनिवार्य है।
योजना के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है?
आवेदक राजस्थान सरकार के आधिकारिक ई-मित्र पोर्टल या राज एसएसओ पोर्टल के जरिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·11 मिनट पहले

यह कल्याणकारी पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर विवाह के भारी वित्तीय दबाव को कम करने में मददगार है। खासकर, शिक्षा आधारित प्रोत्साहन राशि का प्रावधान महिलाओं की पढ़ाई को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। आगे चलकर पारदर्शी डिजिटल सत्यापन और समय पर बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित करने से जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और वास्तविक जरूरतमंदों तक सीधा लाभ पहुंचेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·11 मिनट पहले

यह योजना आर्थिक संबल देने के साथ-साथ बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर कानूनी शिकंजा कसने में भी अप्रत्यक्ष रूप से मदद करती है, क्योंकि आवेदन के लिए वधू की आयु 18 और वर की 21 वर्ष होना अनिवार्य है। इसके अलावा, दो बेटियों की सीमा तय होने से परिवार नियोजन को भी प्रोत्साहन मिलता है।

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