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1 अगस्त से बदल रहे हैं ये 5 बड़े नियम, एलपीजी से लेकर रेलवे टिकट और टैक्स पर होगा असरव्यापार
27 जुल॰ 2026, 1:13 pm (20 दिन पहले)· 0

1 अगस्त से बदल रहे हैं ये 5 बड़े नियम, एलपीजी से लेकर रेलवे टिकट और टैक्स पर होगा असर

1 अगस्त 2026 से देश में कई नए वित्तीय और रोजमर्रा के नियम लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम आदमी के बजट पर पड़ेगा। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों से लेकर रेलवे की तत्काल टिकट बुकिंग और इनकम टैक्स रिटर्न तक कई अहम बदलाव हो रहे हैं।

जुलाई का महीना पूरा होने के बाद 1 अगस्त 2026 से कई महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक बदलाव देश भर में लागू होने जा रहे हैं। इन नए नियमों का असर सीधे तौर पर आम नागरिकों की जेब, दैनिक खर्चों और बजट पर पड़ना तय है। हर नए महीने की शुरुआत के साथ बैंकिंग, निवेश, टैक्स, रेलवे टिकट बुकिंग, एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों और अन्य जरूरी सेवाओं के नियमों में फेरबदल की संभावना रहती है। इस तरह के बदलावों की जानकारी न होने पर न केवल अतिरिक्त पैसों का बोझ पड़ सकता है, बल्कि जरूरी कामकाज में भी रुकावट आ सकती है।

रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव

आने वाली 1 अगस्त 2026 से भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों और प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब टोकन देने का समय सीधे तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होने के समय के साथ ही तय किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य रिजर्वेशन काउंटरों पर लगने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करना और यात्रियों के लिए टिकट बुक करने की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाना है। पुरानी व्यवस्था में यात्रियों को टोकन प्राप्त करने के लिए और फिर टिकट बुक कराने के वास्ते अलग-अलग समय पर काउंटर पर चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन इस नए सिस्टम से इस असुविधा से राहत मिलेगी। इससे यात्रियों का मूल्यवान समय बचेगा और बुकिंग का अनुभव बेहतर होगा।

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इनकम टैक्स रिटर्न और डेडलाइन के नियम

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आईटीआर 1 और आईटीआर 2 फॉर्म दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई थी। जिन करदाताओं ने इस तय समय सीमा के भीतर अपना आईटीआर फाइल नहीं किया है, उन्हें अब भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसके अलावा, रिटर्न दाखिल करने में देरी होने की वजह से कुछ विशेष टैक्स रिजीम या व्यवस्थाओं को चुनने पर भी पाबंदी लग सकती है। हालांकि, जिन लोगों को आईटीआर-3 और आईटीआर-4 भरना है, उनमें बिना ऑडिट वाले मामलों के लिए डेडलाइन 31 अगस्त 2026 तय की गई है। वहीं, ऑडिट वाले मामलों के लिए आईटीआर-3 और आईटीआर-4 की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 है। बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर और रिवाइज्ड रिटर्न के लिए 31 मार्च 2027 निर्धारित की गई है, जबकि अपडेटेड रिटर्न की अंतिम तिथि 31 मार्च 2031 है।

क्रेडिट कार्ड और फिक्स्ड डिपॉजिट नियमों में फेरबदल

अगस्त के पहले दिन से कई प्रमुख बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में संशोधन कर सकते हैं। इसमें रिवॉर्ड पॉइंट्स की व्यवस्था, विभिन्न चार्ज, वार्षिक फीस या अन्य बैंकिंग सेवाओं से जुड़े नियम शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही, कई बैंक अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी पर मिलने वाली ब्याज दरों में भी फेरबदल कर सकते हैं। इसके अलावा, यदि इस दौरान भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट को लेकर कोई नया निर्णय लिया जाता है, तो उसका सीधा असर लोन की ईएमआई और एफडी पर मिलने वाले ब्याज दोनों पर पड़ेगा। इसलिए नए महीने के आगाज पर अपने संबंधित बैंक की ओर से जारी ताजा अपडेट्स पर नजर जरूर रखें।

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव और युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसी के चलते बीते मार्च महीने में एलपीजी के दामों में 60 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इसके बाद जून के महीने में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किया गया, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली में गैस का दाम बढ़कर 942 रुपये हो गया है। हर महीने की पहली तारीख की परंपरा की तरह 1 अगस्त 2026 को भी एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में संशोधन हो सकता है। तेल विपणन कंपनियां घरेलू और कमर्शियल दोनों श्रेणियों के गैस सिलेंडरों के नए दाम जारी करेंगी। यदि कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो रसोई का बजट बिगड़ सकता है, जबकि दाम घटने पर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।

आधार और सेंट्रल केवाईसी से जुड़ा नया सिस्टम

अगस्त 2026 से आधार कार्ड और पहचान की पुष्टि से जुड़ा एक नया नियम प्रभावी होने जा रहा है। देश के भारतीय बैंक और बीमा कंपनियां इस महीने से एक साझा ग्राहक पहचान प्रणाली यानी कॉमन कस्टमर आइडेंटिफिकेशन सिस्टम की शुरुआत करने जा रही हैं, जिसके दायरे में एसेट मैनेजर भी शामिल होंगे। इस अत्याधुनिक व्यवस्था को सेंट्रल नो योर कस्टमर 2.0 यानी सीकेवाईसी कहा जाएगा। इस नए सिस्टम के लागू होने से जब भी ग्राहक नया बैंक खाता खोलेंगे या अपनी जानकारियों को अपडेट कराएंगे, तो वित्तीय संस्थानों को सेंट्रल रजिस्ट्री में सुरक्षित डेटा हासिल करने के लिए केवल संबंधित ग्राहक की सहमति की ही आवश्यकता होगी। इस प्रक्रिया के शुरू होने से किसी भी तरह की धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने में काफी मदद मिलेगी।

सवाल-जवाब

1 अगस्त 2026 से कौन से मुख्य नियम बदल रहे हैं?
1 अगस्त 2026 से रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग, इनकम टैक्स रिटर्न की पेनल्टी, क्रेडिट कार्ड और एफडी नियम, एलपीजी सिलेंडर की कीमतें और सीकेवाईसी नियमों में बदलाव हो रहे हैं।
रेलवे के तत्काल टिकट बुकिंग नियम में क्या बदलाव किया गया है?
टोकन देने का समय अब तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होने के समय के साथ ही रखा गया है, जिससे काउंटरों पर भीड़ कम होगी और समय बचेगा।
आईटीआर 1 और आईटीआर 2 की डेडलाइन क्या थी?
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आईटीआर 1 और आईटीआर 2 फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 थी।
दिल्ली में कमर्शियल गैस का क्या रेट चल रहा है?
जून में कीमतों में बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में गैस का दाम 942 रुपये हो गया है।
सीकेवाईसी (CKYC) 2.0 क्या है?
यह एक कॉमन कस्टमर आइडेंटिफिकेशन सिस्टम है, जिसमें बैंक, बीमा कंपनियां और एसेट मैनेजर शामिल हैं, जो खाता खोलते समय डेटा प्राप्त करने के लिए केवल ग्राहक की सहमति का उपयोग करेगा।
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