सिंगापुर की अर्थव्यवस्था 2026 की दूसरी तिमाही में भी मजबूत रफ्तार बनाए हुए है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक्स की दुनिया भर में बढ़ती मांग। डीबीएस की अर्थशास्त्री राधिका राव और मो जी का अनुमान है कि दूसरी तिमाही के शुरुआती आंकड़ों में देश की जीडीपी सालाना आधार पर 5.8% और मौसमी समायोजन के बाद तिमाही आधार पर 1.5% बढ़ेगी। यह रफ्तार पहली तिमाही से थोड़ी कम जरूर है, लेकिन इसे अब भी काफी दमदार माना जा रहा है।
अर्थशास्त्रियों के मुताबिक यह मजबूती किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। मैन्युफैक्चरिंग में तेजी आई है, थोक व्यापार ने अच्छा प्रदर्शन किया है, आधुनिक सेवाओं ने रफ्तार बनाए रखी है और निर्माण क्षेत्र की बहार ने घरेलू मांग को सहारा दिया है। इन सबका असर सबसे साफ तौर पर देश के निर्यात आंकड़ों में दिख रहा है, जो लगातार चौथे महीने दहाई अंकों में बढ़ने की ओर हैं।
मैन्युफैक्चरिंग और थोक व्यापार में जान
राधिका राव और मो जी ने बताया कि इस तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार बढ़ी है। थोक व्यापार में कुछ नरमी जरूर दिखी, लेकिन इसके बावजूद इस क्षेत्र ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसकी सबसे बड़ी वजह रही AI से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक्स की दुनिया भर में जबरदस्त मांग। जैसे-जैसे कंपनियां और डेटा सेंटर एआई की क्षमता बढ़ाने पर खर्च कर रहे हैं, चिप और इलेक्ट्रॉनिक कल-पुर्जों की मांग तेज हुई है, और इसका सीधा फायदा सिंगापुर जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स केंद्र को मिल रहा है।
अर्थशास्त्रियों के शब्दों में, "मैन्युफैक्चरिंग में तेजी आई, जबकि थोक व्यापार ने कुछ नरमी के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया, जिसकी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक्स की मजबूत वैश्विक मांग रही।"
सेवाओं और निर्माण से घरेलू सहारा
अर्थव्यवस्था को अंदरूनी मजबूती सेवा और निर्माण क्षेत्र से भी मिली है। आधुनिक सेवाओं ने अपनी रफ्तार बरकरार रखी, और इसमें वित्तीय क्षेत्र की लगातार बनी हुई गति का बड़ा योगदान रहा। प्रतिभूतियों के कारोबार में हलचल बढ़ी और कर्ज देने का सिलसिला भी तेज हुआ, जिसने इस क्षेत्र को आगे बढ़ाया।
अर्थशास्त्रियों ने कहा, "आधुनिक सेवाएं मजबूत बनी रहीं, जिन्हें वित्तीय क्षेत्र की निरंतर गति का सहारा मिला, क्योंकि प्रतिभूतियों की कारोबारी गतिविधि और कर्ज वृद्धि में तेजी आई।" इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि "जारी निर्माण उछाल ने भी घरेलू मजबूती को आधार दिया।" यानी देश में चल रहीं इमारतों और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं ने अर्थव्यवस्था को स्थिरता दी है।
निर्यात की रफ्तार, पर मई से धीमी
सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला आंकड़ा गैर-तेल घरेलू निर्यात यानी NODX का है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि यह लगातार चौथे महीने दहाई अंकों की दर से बढ़ेगा। हालांकि, इसकी रफ्तार में मई के मुकाबले साफ नरमी दिखी है। उनके मुताबिक जून में NODX सालाना आधार पर 25.0% बढ़ा, जबकि मई में यह आंकड़ा 38.4% था।
उनके अपने शब्दों में, "हमारा मानना है कि सिंगापुर का गैर-तेल घरेलू निर्यात लगातार चौथे महीने दहाई अंकों की दर से बढ़ेगा, हालांकि जून में यह सालाना 25.0% रहेगा, जबकि मई में यह 38.4% था।" इस गिरावट के बावजूद दहाई अंकों में बना रहना यह दिखाता है कि सिंगापुर के सामानों की बाहरी मांग अब भी मजबूत बनी हुई है, भले ही पिछले महीनों की तेज छलांग अब कुछ सामान्य हो रही हो।
आगे क्या मायने
कुल मिलाकर तस्वीर यह है कि सिंगापुर की अर्थव्यवस्था कई मोर्चों पर एक साथ मजबूती दिखा रही है, चाहे वह कारखानों का उत्पादन हो, वित्तीय सेवाओं की गति हो या फिर निर्माण क्षेत्र की तेजी। पहली तिमाही की तुलना में हल्की सुस्ती के बावजूद 5.8% की सालाना वृद्धि दर किसी भी विकसित अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत मानी जाएगी।
अर्थशास्त्री यह भी संकेत दे रहे हैं कि निर्यात की रफ्तार भले धीमी हो रही हो, लेकिन एआई इलेक्ट्रॉनिक्स की मांग जब तक बनी रहेगी, सिंगापुर के मैन्युफैक्चरिंग और व्यापार क्षेत्र को इसका फायदा मिलता रहेगा। ऐसे में निवेशकों और कारोबारियों की नजर अब दूसरी तिमाही के पूरे आंकड़ों और आने वाले महीनों के निर्यात रुझानों पर टिकी रहेगी।











