अंतरराष्ट्रीय व्यापार में चल रही संरक्षणवादी नीतियों और शुल्क संबंधी तनाव के बीच भारत विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए सक्रिय हो गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल पांच अक्टूबर तक चलने वाली अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान वहां के बड़े कॉरपोरेट घरानों को भारतीय बाजार से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इस यात्रा की शुरुआत दोनों मुल्कों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर सहमति बनाने के उद्देश्य से हुई थी, लेकिन किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने से पहले ही भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश जुटाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। शनिवार को हुई बैठकों में मंत्री ने वैश्विक दिग्गजों को मेक इन इंडिया के अंतर्गत उत्पादन केंद्र स्थापित करने और यहां से मुनाफा कमाने के लिए आमंत्रित किया।
खुदरा क्षेत्र के दिग्गज टारगेट के साथ संवाद
व्यापारिक बैठकों के क्रम में पीयूष गोयल ने अमेरिका के बड़े रिटेल ब्रांड टारगेट के शीर्ष प्रबंधन से बातचीत की। उन्होंने कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य कानूनी एवं अनुपालन अधिकारी ग्रांट मैक्गी से चर्चा की। बैठक का मुख्य केंद्र भारतीय विनिर्माण क्षमताओं का लाभ उठाना रहा। मंत्री ने एक्स पर साझा किया कि चर्चा का दायरा भारतीय धरती से सामान की खरीदारी बढ़ाने और घरेलू बाजार में कंपनी की उपस्थिति को विस्तार देने पर केंद्रित था। इस पहल का मकसद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारतीय सामानों की हिस्सेदारी बढ़ाना है।
खाद्य, पेशेवर सेवाओं और तकनीक कंपनियों से विमर्श
खाद्य एवं पेय पदार्थों के क्षेत्र में प्रसिद्ध मोंडेलेज इंटरनेशनल के साथ भी विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने पर विचार किया गया। पीयूष गोयल ने कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य वित्तीय अधिकारी अमित बनाती से मुलाकात की। इस बातचीत में सात दशकों से भारत में कारोबार कर रही इस कंपनी के स्थानीय उत्पादन, खरीद और पूंजी निवेश को नए मुकाम पर ले जाने की संभावनाओं को परखा गया। इसके अतिरिक्त वैश्विक पेशेवर सेवा फर्म एऑन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ग्रेग केस के साथ भी भारतीय परिचालन को गति देने पर सहमति बनी। तकनीक क्षेत्र की कंपनी कॉग्निशन के मुख्य कानूनी एवं वैश्विक मामलों के अधिकारी पॉल ग्रेवाल से भी उद्योग मंत्री ने विस्तार के अवसरों पर विचार साझा किए।
कृषि प्रसंस्करण और खेल ब्रांड्स के साथ रणनीतिक बैठकें
शिकागो स्थित कृषि प्रसंस्करण दिग्गज आर्चर डेनियल्स मिडलैंड (एडीएम) के चेयरमैन एवं सीईओ जुआन रिकार्डो लुसियानो से भी पीयूष गोयल ने निवेश संभावनाओं पर गहन संवाद किया। इस चर्चा का ध्येय भारत में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े ढांचे को मजबूत बनाना था। इससे पूर्व उन्होंने वैश्विक स्पोर्ट्सवियर कंपनी नाइकी के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक संपन्न की। इस बैठक में कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) वेंकटेश अलागिरिसामी, मुख्य कानूनी अधिकारी रॉब लेइनवांड और मुख्य सरकारी मामलों के अधिकारी जॉर्ज कासिमिरो शामिल थे। बातचीत के दौरान भारत के साथ नाइकी के पुराने संबंधों को नई ऊर्जा देने, स्थानीय विनिर्माण में तेजी लाने और भारत के संपूर्ण खेल तंत्र में योगदान देने पर मंथन किया गया।














